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पावर कट ने घटाया जलघरों में पानी
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Tue, 09 May 2017 01:43 AM IST
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वाटर टैंक में गिरता नहरी पानी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वतंत्र फीडर होने पर भी बार-बार पावर कट लगने से नहरी पानी से शहर के मेन जलघरों में पानी की आपूर्ति कम हो रही है। रविवार को नहर आने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग की दोनों जलघरों के वाटर टैंकों को पानी से जल्द लबालब करने की प्लानिंग है। वहीं जिस तरह से पावर कट लग रहे हैं उससे पानी का प्रवाह टूट रहा है। चंपापुरी व रामनगर दोनो मेन जलघरों में इस समय पानी डाला जा रहा है। सिंचाई विभाग अधिकारियों की लापरवाही के चलते नहरी पानी कई गांवों के जोहड़ और जलघरों में अब तक नहीं पहुंच सका है। नहरों में इस समय 353 क्यूसेक पानी चल रहा है।
जानकारी के अनुसार रविवार देर रात शहर के मेन जलघर चंपापुरी मेें पानी पहुंच गया, लेकिन बार-बार बिजली कट लगने से पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। सिंचाई और जनस्वास्थ विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लोहारू नहर के जरिए चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। इस नहर पर 15एचपी की मोटरें लगा रखी हैं। जिनके जरिए पानी का उठान कर जलघर के लिए बनी माइनर में डाला जाता है।
माइनर से पानी जलघर में जाता है। वहीं पावर कट लगने पर पंप सैट व मोटरें बंद हो जाती हैं इससे पानी का प्रवाह रुक जाता है। अब तक एक वाटर टैंक में छह फीट तक पानी भरा है जबकि यहां चार वाटर टैंक हैं। शहर के दूसरे रामनगर जलघर में बधवाना डिस्टीब्यूटरी से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस नहर में इस समय 100 क्यूसेक पानी चल रहा है। नहर का पानी मंदोला पंप हाउस तक पहुंच गया है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का मानना है अगर बिजली व्यवस्था ठीक बनी रहे तो शहर के दोनों जलघर 12-13 दिन में भर दिए जाएंगे।
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12 दिन ही चलेगा नहरों में पानी
जिले की नहरों में 12 दिन पानी चलेगा। यह पानी स्पेशल जलघरों व जोहड़ों के लिए भेजा गया है ताकि गर्मी में पानी का संकट न बढने पाए। सिंचाई विभाग अधिकारियों द्वारा कम रुचि लेने की वजह से गांवों में बने जलघरों व जोहड़ों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कही नाले टूटे हुए हैं तो कही नहरी मोगे ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। नालों की मरम्मत लंबे समय से नहीं हो पा रही है।
महेंद्रगढ़ को मिल रहा ज्यादा पानी
सिंचाई विभाग सूत्रों के मुताबिक झेलन ग्रुप के तहत रेवाड़ी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ झज्जर शामिल हैं। मौजूदा टर्न मेें महेंद्रगढ़ जिले को 500 क्यूसेक पानी मिल रहा है जबकि रेवाड़ी को 400 क्यूसेक पानी दिया गया है। चरखी दादरी को 350 क्यूसेक व झज्जर को 200 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। चरखी दादरी से पानी की डिमांड 600 क्यूसेक भेजी गई थी। चरखी दादरी जिले में 172 गांव शामिल हैं। यहां वास्तव में प्रत्येक पखवारे में पानी की खपत 500 क्यूसेेक तक है।
==वर्जन-
पहली प्राथमिकता के तहत क्षेत्र के जलघरों में पानी डाला जाएगा उसके बाद जोहड़ों में पानी डाला जाएगा। इस समय गांवों के जलघरों में भी पानी चल रहा है। कर्मचारी साइटों की भी विजिट करेंगे।
कार्यवाहक एसडीओ हवा सिह, सिंचाई विभाग
वर्जन=
विभाग के कर्मचारी जलघरों को भरे जाने को लेकर लगातार काम में जुटे हैं। शहर के जलघरों में पानी चल रहा है। उसके बाद पानी की कमी नहीं होगी।
एसडीओ रामपाल सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग
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जानकारी के अनुसार रविवार देर रात शहर के मेन जलघर चंपापुरी मेें पानी पहुंच गया, लेकिन बार-बार बिजली कट लगने से पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। सिंचाई और जनस्वास्थ विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लोहारू नहर के जरिए चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। इस नहर पर 15एचपी की मोटरें लगा रखी हैं। जिनके जरिए पानी का उठान कर जलघर के लिए बनी माइनर में डाला जाता है।
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माइनर से पानी जलघर में जाता है। वहीं पावर कट लगने पर पंप सैट व मोटरें बंद हो जाती हैं इससे पानी का प्रवाह रुक जाता है। अब तक एक वाटर टैंक में छह फीट तक पानी भरा है जबकि यहां चार वाटर टैंक हैं। शहर के दूसरे रामनगर जलघर में बधवाना डिस्टीब्यूटरी से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस नहर में इस समय 100 क्यूसेक पानी चल रहा है। नहर का पानी मंदोला पंप हाउस तक पहुंच गया है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का मानना है अगर बिजली व्यवस्था ठीक बनी रहे तो शहर के दोनों जलघर 12-13 दिन में भर दिए जाएंगे।
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12 दिन ही चलेगा नहरों में पानी
जिले की नहरों में 12 दिन पानी चलेगा। यह पानी स्पेशल जलघरों व जोहड़ों के लिए भेजा गया है ताकि गर्मी में पानी का संकट न बढने पाए। सिंचाई विभाग अधिकारियों द्वारा कम रुचि लेने की वजह से गांवों में बने जलघरों व जोहड़ों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कही नाले टूटे हुए हैं तो कही नहरी मोगे ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। नालों की मरम्मत लंबे समय से नहीं हो पा रही है।
महेंद्रगढ़ को मिल रहा ज्यादा पानी
सिंचाई विभाग सूत्रों के मुताबिक झेलन ग्रुप के तहत रेवाड़ी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ झज्जर शामिल हैं। मौजूदा टर्न मेें महेंद्रगढ़ जिले को 500 क्यूसेक पानी मिल रहा है जबकि रेवाड़ी को 400 क्यूसेक पानी दिया गया है। चरखी दादरी को 350 क्यूसेक व झज्जर को 200 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। चरखी दादरी से पानी की डिमांड 600 क्यूसेक भेजी गई थी। चरखी दादरी जिले में 172 गांव शामिल हैं। यहां वास्तव में प्रत्येक पखवारे में पानी की खपत 500 क्यूसेेक तक है।
==वर्जन-
पहली प्राथमिकता के तहत क्षेत्र के जलघरों में पानी डाला जाएगा उसके बाद जोहड़ों में पानी डाला जाएगा। इस समय गांवों के जलघरों में भी पानी चल रहा है। कर्मचारी साइटों की भी विजिट करेंगे।
कार्यवाहक एसडीओ हवा सिह, सिंचाई विभाग
वर्जन=
विभाग के कर्मचारी जलघरों को भरे जाने को लेकर लगातार काम में जुटे हैं। शहर के जलघरों में पानी चल रहा है। उसके बाद पानी की कमी नहीं होगी।
एसडीओ रामपाल सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग