फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Possession not granted even after eight years; villagers allege irregularities in Thilaur land consolidation.

Bhiwani News: आठ साल बाद भी नहीं मिला कब्जा, थिलौड़ की चकबंदी में ग्रामीणों ने लगाए अनियमितता के आरोप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:28 AM IST
विज्ञापन
Possession not granted even after eight years; villagers allege irregularities in Thilaur land consolidation.
तोशाम। गांव थिलौड़ के ग्रामीणों ने वर्ष 2017-18 में हुई चकबंदी में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कहा कि करीब आठ साल बाद भी कई किसानों को उनकी जमीनों पर कब्जा नहीं मिला है। आरोप है कि चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों ने कागजों में कब्जे दिखाकर रिकॉर्ड जमा करवा दिया जबकि मौके पर स्थिति अलग है।
विज्ञापन

ग्रामीण मास्टर सांवत सिंह ने बताया कि चकबंदी के दौरान गांव की फिरनी को बसासत के बीच और खेतीहर जमीन के बाहर से निकाला गया जो नियमों के विपरीत है। गांव के पास करीब 40 एकड़ बणी समाप्त कर दी गई। इससे भविष्य में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त भूमि नहीं बचेगी। हरिजन श्मशान घाट की जमीन पर भी प्लॉट काटे जाने का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन

ग्रामीणों के अनुसार चकबंदी में कुछ लोगों की जमीन बढ़ाई गई जबकि नियमों के अनुसार पांच मरले से अधिक जमीन घटाने-बढ़ाने की अनुमति नहीं है। एक जोहड़ की करीब नौ कनाल जमीन कम कर अन्य लोगों के नाम लगाने, खेतों में बने कई ट्यूबवेल और मकानों को रिकॉर्ड में कायम नहीं करने के आरोप भी लगाए गए हैं। पांच-छह ट्यूबवेल दूसरों के हिस्से में लगाने की बात कही गई जबकि संबंधित किसानों के पास बिजली कनेक्शन भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक ग्रामीण के हिस्से की करीब दो एकड़ जमीन जमाबंदी से गायब होने का भी आरोप है जबकि इस दौरान जमीन की कोई खरीद-फरोख्त नहीं हुई। ग्रामीणों ने करीब 17-18 रास्ते कुछ लोगों के हित में गलत तरीके से लगाने, शामलात भूमि के चार प्लॉटों को 28 टुकड़ों में बांटने और कुछ खेवट दूसरी जगह लगाने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इससे पंचायत और किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है।

गिरदावरी और चकबंदी कमेटी की कार्यप्रणाली पर भी आरोप
ग्रामीणों ने गिरदावरी में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चकबंदी के लिए बनाई गई कमेटी के अधिकांश सदस्यों से उचित राय नहीं ली गई। सरकारी स्कूल के पास खेल मैदान नहीं होने को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।


डीएस हाई स्कूल का खेल मैदान दो किलोमीटर दूर करने का आरोप
ग्रामीणों ने डीएस हाई स्कूल की जमीन और खेल मैदान को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल वर्ष 2003 से सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है लेकिन स्कूल के भवन को मकान दर्शाकर उसका खेल मैदान करीब दो किलोमीटर दूर कर दिया गया। मास्टर सांवत सिंह ने बताया कि कमिश्नर रोहतक ने एसडीएम और तहसीलदार को गांव में मुनादी करवाकर ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने तथा उसकी वीडियोग्राफी और फोटो कराने के लिखित आदेश दिए थे। ग्रामीणों के अनुसार इसके बावजूद कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने चकबंदी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करवाकर कथित अनियमितताओं को दूर करने की मांग की है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मामले में संज्ञान लेकर चकबंदी निरस्त करने तथा किसानों के हितों की रक्षा करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed