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Bhiwani News: बरसाती पानी की निकासी से नहरों में घुला प्रदूषण, झागदार पानी जलघरों तक पहुंचा
Tue, 29 Jul 2025 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:16 AM IST
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भिवानी। खेतों और आबादी क्षेत्रों से हो रही बरसाती पानी की निकासी ने नहरों के पानी की गुणवत्ता को प्रभावित कर दिया है। विभिन्न लिंक ड्रेनों और नालों से लगातार बहकर आ रहे पानी ने नहरों में झागयुक्त प्रदूषित पानी भर दिया है। जूई नहर समेत अन्य प्रमुख नहरों में झाग की मोटी परतें साफ देखी जा सकती हैं जो इस बात का संकेत हैं कि बारिश के पानी में अन्य अपशिष्ट भी घुलकर नहरों तक पहुंच रहे हैं।
इस स्थिति से सबसे बड़ा खतरा यह है कि यदि यह प्रदूषित पानी जलघरों तक पहुंचता है तो पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि वर्तमान में जलघरों में पानी की मात्रा पर्याप्त है लेकिन प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने चिंता जरूर बढ़ा दी है। जिले में अब भी करीब 550 एकड़ क्षेत्र में बरसाती जलभराव बना हुआ है। सिंचाई विभाग की टीमें इसकी निकासी के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
लिंक ड्रेनों की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। समाण-धनाना लिंक ड्रेन में आसपास के कई गांवों का पानी डाला जा रहा है जबकि मिताथल-घुसकारी लिंक ड्रेन भी ओवरफ्लो हो रही है। लगातार पानी के दबाव से इन ड्रेनों के किनारे कमजोर हो रहे हैं जिससे टूटने का खतरा बढ़ गया है। जूई नहर में भी अधिकतर ड्रेनों का पानी डाला जा रहा है, जिससे यह झागदार और प्रदूषित हो चुकी है।
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भिवानी-घग्गर ड्रेन भी इन दिनों पूरी तरह लबालब चल रही है। गांव रामुपुरा और बलियाली के खेतों से पानी की निकासी का कार्य लगातार जारी है जिसके कारण ड्रेन पर दबाव बना हुआ है। बारिश के बाद अचानक जलस्तर में वृद्धि हो जाती है, जिससे ड्रेन के किनारे टूटने की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।
कई गांवों को जलभराव से राहत
लगातार एक माह से जलभराव का सामना कर रहे कुछ गांवों में अब पानी का स्तर घटा है। सिंचाई विभाग का दावा है कि आगामी 10 दिनों में अधिकांश प्रभावित गांवों से जलनिकासी पूरी हो जाएगी। धान रोपाई वाले कई खेतों में भी अब जलस्तर कम हो रहा है। बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव पुर और कुंगड़ के किसानों ने बर्बाद फसल को ट्रैक्टर से पलट कर दोबारा धान की रोपाई करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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भिवानी-घग्गर ड्रेन में लिंक ड्रेनों से लगातार पानी आ रहा है, जिससे दबाव जरूर है लेकिन गांव बापोड़ा से आगे इसकी स्थिति संतुलित बनी हुई है। कई गांवों से जलनिकासी हो चुकी है और कई स्थानों पर कार्य जारी है। अचानक बारिश होने पर ड्रेन का जलस्तर बढ़ता है क्योंकि भिवानी शहर और आसपास के लगभग 35 गांवों का पानी इसी ड्रेन से निकाला जाता है। - जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज, सिंचाई विभाग
इस स्थिति से सबसे बड़ा खतरा यह है कि यदि यह प्रदूषित पानी जलघरों तक पहुंचता है तो पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि वर्तमान में जलघरों में पानी की मात्रा पर्याप्त है लेकिन प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने चिंता जरूर बढ़ा दी है। जिले में अब भी करीब 550 एकड़ क्षेत्र में बरसाती जलभराव बना हुआ है। सिंचाई विभाग की टीमें इसकी निकासी के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
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लिंक ड्रेनों की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। समाण-धनाना लिंक ड्रेन में आसपास के कई गांवों का पानी डाला जा रहा है जबकि मिताथल-घुसकारी लिंक ड्रेन भी ओवरफ्लो हो रही है। लगातार पानी के दबाव से इन ड्रेनों के किनारे कमजोर हो रहे हैं जिससे टूटने का खतरा बढ़ गया है। जूई नहर में भी अधिकतर ड्रेनों का पानी डाला जा रहा है, जिससे यह झागदार और प्रदूषित हो चुकी है।
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भिवानी-घग्गर ड्रेन भी इन दिनों पूरी तरह लबालब चल रही है। गांव रामुपुरा और बलियाली के खेतों से पानी की निकासी का कार्य लगातार जारी है जिसके कारण ड्रेन पर दबाव बना हुआ है। बारिश के बाद अचानक जलस्तर में वृद्धि हो जाती है, जिससे ड्रेन के किनारे टूटने की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।
कई गांवों को जलभराव से राहत
लगातार एक माह से जलभराव का सामना कर रहे कुछ गांवों में अब पानी का स्तर घटा है। सिंचाई विभाग का दावा है कि आगामी 10 दिनों में अधिकांश प्रभावित गांवों से जलनिकासी पूरी हो जाएगी। धान रोपाई वाले कई खेतों में भी अब जलस्तर कम हो रहा है। बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव पुर और कुंगड़ के किसानों ने बर्बाद फसल को ट्रैक्टर से पलट कर दोबारा धान की रोपाई करने की तैयारी शुरू कर दी है।
भिवानी-घग्गर ड्रेन में लिंक ड्रेनों से लगातार पानी आ रहा है, जिससे दबाव जरूर है लेकिन गांव बापोड़ा से आगे इसकी स्थिति संतुलित बनी हुई है। कई गांवों से जलनिकासी हो चुकी है और कई स्थानों पर कार्य जारी है। अचानक बारिश होने पर ड्रेन का जलस्तर बढ़ता है क्योंकि भिवानी शहर और आसपास के लगभग 35 गांवों का पानी इसी ड्रेन से निकाला जाता है। - जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज, सिंचाई विभाग