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Bhiwani News: बाल विवाह को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने की शपथ ली
Mon, 06 May 2024 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 06 May 2024 11:59 PM IST
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ईशरवाल में बाल विवाह को रोकने के लिए शपथ लेती आंगनवाड़ी वर्कर।
तोशाम। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत ईशरवाल सर्कल में आंगनबाड़ी वर्कर्स की बैठक हुई। बैठक में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने की शपथ ली गई।
विभाग से सुपरवाइजर पंकज शर्मा ने कहा कि 10 मई को अक्षय तृतीया है। इस दिन बाल विवाह अधिक संख्या में होते हैं जोकि एक दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की शादी गैर कानूनी और अमान्य मानी जाती हैं। ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है, या करने में उसकी किसी भी प्रकार से सहायता करता है, उसे दो साल तक की कैद या 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
उन्होंने आंगनबाड़ी वर्कर से आह्वान किया कि बाल विवाह की सूचना तुरंत महिला एवं बाल विकास विभाग के उच्च अधिकारियों को दें। बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो जिले में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकने के लिए सक्रिय रहेगी।
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पंकज शर्मा ने कहा कि अक्षय तृतीया के पवित्र दिन अनेक धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दिन सामूहिक बाल विवाह के आयोजनों की भी संभावना होती है। उन्होंने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के का विवाह करना अपराध है और गैर जमानती भी है। पंकज शर्मा ने बताया कि बाल विवाह से जहां बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण पर बुरा असर पड़ता है। वहीं बच्चों के उत्पीड़न व शोषण को भी बढ़ावा मिलता है। इस मौके पर आंगनवाड़ी वर्कर सुमित्रा, वंदना, शर्मिला, सुनीता, उषा उपस्थित रहे।
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विभाग से सुपरवाइजर पंकज शर्मा ने कहा कि 10 मई को अक्षय तृतीया है। इस दिन बाल विवाह अधिक संख्या में होते हैं जोकि एक दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की शादी गैर कानूनी और अमान्य मानी जाती हैं। ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है, या करने में उसकी किसी भी प्रकार से सहायता करता है, उसे दो साल तक की कैद या 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
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उन्होंने आंगनबाड़ी वर्कर से आह्वान किया कि बाल विवाह की सूचना तुरंत महिला एवं बाल विकास विभाग के उच्च अधिकारियों को दें। बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो जिले में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकने के लिए सक्रिय रहेगी।
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पंकज शर्मा ने कहा कि अक्षय तृतीया के पवित्र दिन अनेक धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दिन सामूहिक बाल विवाह के आयोजनों की भी संभावना होती है। उन्होंने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के का विवाह करना अपराध है और गैर जमानती भी है। पंकज शर्मा ने बताया कि बाल विवाह से जहां बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण पर बुरा असर पड़ता है। वहीं बच्चों के उत्पीड़न व शोषण को भी बढ़ावा मिलता है। इस मौके पर आंगनवाड़ी वर्कर सुमित्रा, वंदना, शर्मिला, सुनीता, उषा उपस्थित रहे।