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Bhiwani News: चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, लोग बोले- महंगाई में कैसे चलेगा अब काम
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महम गेट के समीप पेट्रोल पंप पर तेल डलवाते बाइक चालक।
भिवानी। पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार चौथी बार बढ़ने से आम आदमी की चिंता बढ़ गई है। तेल कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर माल भाड़ा और जरूरी खाद्य वस्तुओं पर पड़ने की आशंका है। पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। 25 मई के बाद तेल कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। लोगों का कहना है कि इससे घर का बजट बिगड़ जाएगा और महंगाई बढ़ने से घर खर्च पर असर पड़ेगा।
बढ़ोतरी के बाद भिवानी में पेट्रोल की कीमत 103.38 रुपये और डीजल की कीमत 96.04 रुपये प्रति लीटर हो गई है। आम लोगों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल महंगा होना सीधे तौर पर महंगाई बढ़ने का संकेत है। उनका कहना है कि ढुलाई खर्च बढ़ने से जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। भिवानी में सब्जी मंडी और अन्य प्रतिष्ठानों के लिए खाद्य वस्तुएं बाहर से आती हैं।
वहीं जिले में 300 से अधिक छोटे उद्योग संचालित हो रहे हैं। इन उद्योगों का कच्चा माल और तैयार माल भी दिल्ली और अन्य राज्यों से आता है। ऐसे में ढुलाई खर्च बढ़ने से व्यापार प्रभावित होने की आशंका है।
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दुपहिया वाहन चलाना भी अब मुश्किल होता जा रहा है। पेट्रोल की कीमत 103 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो चुकी है। ऐसे में बाइक में दो लीटर पेट्रोल भी डलवाया जाए तो वह दो दिन तक नहीं चल पाता। लोग जरूरी कार्यों के लिए निजी वाहनों का प्रयोग करते हैं लेकिन अब यह और महंगा पड़ेगा। ऐसे में लोगों को परेशानी होगी। - महेश।
पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों का प्रयोग महंगाई को देखते हुए कम करना होगा। तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में लोग इलेक्टि्रक वाहनों की तरफ बढ़ रहे हैं। स्थानीय आवागमन के लिए इलेक्टि्रक वाहन पेट्रोल वाहनों की तुलना में काफी सस्ते पड़ते हैं। तेल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी। -दीपक अत्री।
भिवानी जैसे छोटे शहर में भी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद भी लोगों की मानसिकता में बदलाव नहीं दिख रहा। लोग पहले की तरह ही वाहन चला रहे हैं। तेल कीमतों में बढ़ोतरी से ज्यादा जरूरी है कि लोग अपनी आदतें बदलें और नजदीकी दूरी के लिए वाहन का कम इस्तेमाल करें। -बंसीलाल।
तेल कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रक और टैंपो किराये बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। इसका असर जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल का असर आम आदमी के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ा हुआ है। निजी वाहन चलाने से लेकर जरूरी सामान खरीदने तक हर क्षेत्र में इसका प्रभाव दिखाई देता है। -प्रवीण।
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बढ़ोतरी के बाद भिवानी में पेट्रोल की कीमत 103.38 रुपये और डीजल की कीमत 96.04 रुपये प्रति लीटर हो गई है। आम लोगों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल महंगा होना सीधे तौर पर महंगाई बढ़ने का संकेत है। उनका कहना है कि ढुलाई खर्च बढ़ने से जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। भिवानी में सब्जी मंडी और अन्य प्रतिष्ठानों के लिए खाद्य वस्तुएं बाहर से आती हैं।
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वहीं जिले में 300 से अधिक छोटे उद्योग संचालित हो रहे हैं। इन उद्योगों का कच्चा माल और तैयार माल भी दिल्ली और अन्य राज्यों से आता है। ऐसे में ढुलाई खर्च बढ़ने से व्यापार प्रभावित होने की आशंका है।
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दुपहिया वाहन चलाना भी अब मुश्किल होता जा रहा है। पेट्रोल की कीमत 103 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो चुकी है। ऐसे में बाइक में दो लीटर पेट्रोल भी डलवाया जाए तो वह दो दिन तक नहीं चल पाता। लोग जरूरी कार्यों के लिए निजी वाहनों का प्रयोग करते हैं लेकिन अब यह और महंगा पड़ेगा। ऐसे में लोगों को परेशानी होगी। - महेश।
पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों का प्रयोग महंगाई को देखते हुए कम करना होगा। तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में लोग इलेक्टि्रक वाहनों की तरफ बढ़ रहे हैं। स्थानीय आवागमन के लिए इलेक्टि्रक वाहन पेट्रोल वाहनों की तुलना में काफी सस्ते पड़ते हैं। तेल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी। -दीपक अत्री।
भिवानी जैसे छोटे शहर में भी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद भी लोगों की मानसिकता में बदलाव नहीं दिख रहा। लोग पहले की तरह ही वाहन चला रहे हैं। तेल कीमतों में बढ़ोतरी से ज्यादा जरूरी है कि लोग अपनी आदतें बदलें और नजदीकी दूरी के लिए वाहन का कम इस्तेमाल करें। -बंसीलाल।
तेल कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रक और टैंपो किराये बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। इसका असर जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल का असर आम आदमी के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ा हुआ है। निजी वाहन चलाने से लेकर जरूरी सामान खरीदने तक हर क्षेत्र में इसका प्रभाव दिखाई देता है। -प्रवीण।