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Bhiwani News: नए वायरल के संक्रमण से घिरे बच्चे, गले में रुकावट से सांस लेने में हो रही दिक्कत

Tue, 05 Mar 2024 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 05 Mar 2024 12:07 AM IST
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Pediatrician examining a child in the OPD of Civil Hospital.
भिवानी। ओलावृष्टि के बाद सूखी ठंड फिर से बढ़ गई है। इसमें कई बच्चे नए वायरल के संक्रमण से घिर गए हैं। गले में कनफेड जैसी गांठ के साथ रुकावट बन रही है, जिससे सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। भूख भी नहीं लग रही है। बाल रोग ओपीडी में ज्यादातर नए संक्रमण से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। बाल रोग चिकित्सक दवाई और उपचार देने देने के साथ संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों की विशेष देखभाल की सलाह दे रहे हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को मेडिसन ओपोडी और बालरोग रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक रही। मौसम में बदलाव के कारण मेडिसन ओपीडी में खांसी, जुकाम, श्वास, शुगर, बीपी के करीब 1,100 मरीज आ रहे हैं। डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया के मौसम बदलाव के कारण खांसी, जुकाम, श्वास के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। श्वास के मरीजों में 55 से 60 साल के मरीज आ रहे हैं। हालांकि डायरिया के मरीजाें की संख्या कम हो रही है।
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वहीं मौसम बदलाव के कारण बच्चों को निमोनिया, खांसी, जुकाम, बुखार आ रहा है। बाल रोग की ओपीडी में रोजाना करीब 200 से 250 तक मरीज आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे निमोनिया, खांसी, जुकाम से ग्रस्त हैं। चिकित्सकों ने बताया के बच्चों में ये बीमारी मौसम के बदलाव के कारण आ रही है। इनमें जुकाम, खांसी के ग्रस्त बच्चे अधिक आ रहे हैं।
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स्कूली बच्चों में तेजी से फैल रहा वायरल का संक्रमण
बाल रोग चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में बदलाव होने के कारण बच्चों में एक वायरल तेजी से फैल रहा है जो बिलकुल कनफैड के जैसे लगता है, लेकिन वह कनफैड नहीं है। वायरल के शुरुआती लक्षण भूख कम लगना और सांस लेने में दिक्कत होना है। वायरल में बच्चे के चेहरे की ग्रंथि पर गले के आसपास दोनों ओर सूजन और बुखार हो जाता है। ये वायरल धीरे-धीरे फैल रहा है। छोटे बच्चों के स्कूलों में सबसे ज्यादा केस आ रहे हैं क्योंकि स्कूल में सभी बच्चे एक साथ होते हैं। माता-पिता को ये पता नहीं होता कि उनके बच्चे को वायरल हुआ है।

बच्चों का वायरल से ऐसे करें बचाव
- बाहर ज्यादा न घूमने दें।
- बच्चों को मोटे वस्त्र पहना कर रखें।

- बच्चों के खाने-पीने का विशेष ध्यान रखें।
- बच्चों में कोई भी बीमारी के संक्रमण का लक्षण दिखे तो बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।
मौसम में बदलाव के कारण खांसी, जुकाम, श्वास के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है। अभी सर्दी गई नहीं है। इसलिए कुछ दिन और मोटे वस्त्र पहन कर रखें। शुगर, बीपी के मरीजों को रोजाना सुबह घूमना चाहिए। तय समय पर जांच करानी चाहिए। अभी कुछ दिन ठंडी वस्तुओं का सेवन न करें।

-डॉ. यतिन गुप्ता, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।
बच्चों में मौसम बदलाव के कारण खांसी, जुकाम, निमोनिया में मरीज आ रहे हैं। मौसम बदलाव के कारण कनफैड के जैसा वायरल फैल रहा है। बच्चों को अगर भूख कम लग रही है। सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो तुरंत नजदीक अस्पताल या शहर के नागरिक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ को ही दिखाएं।
-डॉ. रीटा सिसोदिया, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।
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