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Bhiwani News: पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज का नहीं हुआ शुभारंभ, लोगों की उम्मीदों पर फिरा पानी
Mon, 14 Apr 2025 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 14 Apr 2025 10:48 PM IST
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शहर का पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज।
भिवानी। जिले के लाखों लोगों की उम्मीदों पर सोमवार को उस समय पानी फिर गया। जब हिसार कार्यक्रम में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ किए बिना ही लौट गए। पिछले पांच दिन से मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ की तैयारियों जोरों से चल रही थी।
लोगों में मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ को लेकर उत्साह था। लेकिन लोगों के सभी अरमान धरे के धरे रह गए। प्रशासनिक अधिकारी लगातार मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने भी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।
नागरिक अस्पताल से ओपीडी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट की गई। मरीजों की जांच मेडिकल कॉलेज में शुरू भी कर दी है। लेकिन इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ नहीं होना अपने आप में एक सवाल खड़ा करता है। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से ये चर्चा चल रही थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिसार से वर्चुअल माध्यम से भिवानी के मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ करेंगे। लेकिन रविवार दोपहर को जारी हुई प्रधानमंत्री के कार्यक्रम सूची में मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ का जिक्र तक नहीं था।
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इसके पीछे का कारण तो अभी सामने नहीं आया है। लेकिन लोग इसे राजनीतिक दृष्टि से जोड़ कर देख रहे हैं। कुछ लोगों से संवाद न्यूज एजेंसी के संवाददाता ने बात की तो अलग-अलग विचार निकल कर सामने आए। लेकिन इसमें से सबसे ज्यादा लोग मेडिकल कॉलेज को राजनीतिक शिकार होने की बात कर रहे हैं।
कुछ लोग इसे मेडिकल कॉलेज की नई भर्तियों में राजनीतिक हस्तक्षेप से जोड़ कर भी देख रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे मेडिकल कॉलेज के नामकरण से जोड़ कर देख रहे हैं। लेकिन अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है कि शुभारंभ कार्यक्रम को क्यों टाल दिया गया।
फिलहाल मेडिकल कॉलेज में ओपीडी विभाग चल रहे हैं। मरीजों के पंजीकरण से लेकर जांच तक का कार्य शुरू हो चुका है। इसके अलावा मशीनें इंस्टाल का कार्य जारी है। सुरक्षा के लिए 40 होम गार्ड भी तैनात कर दिए हैं। अब देखने वाली बात ये रहेगी कि मंगलवार को ओपीडी मेडिकल कॉलेज में लगेगी या नागरिक अस्पताल में। कुछ लोगों को कहना है कि ओपीडी को वापस जिला नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है।
ये रहा पूरा घटनाक्रम
- 8 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा भिवानी मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ होने की चर्चा चली।
- 9 अप्रैल को नागरिक अस्पताल के पार्क में चल रह मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
- 9 अप्रैल को नागरिक अस्पताल से ओपीडी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने का कार्य चला।
- 10 अप्रैल को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान मेडिकल एजुकेशन विभाग के निदेशक यशेंद्र सिंह, डीसी महावीर कौशिक, एसडीएम महेश कुमार व लोहारू एसडीएम मनोज दलाल के साथ सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य मौजूद रहे।
- 10 अप्रैल को ओपीडी मेडिकल कॉलेज में शुरू की गई। मरीजों का उपचार शुरू किया। पांच ओपीडी विभाग शुरू किए गए।
- 11 अप्रैल को मेडिकल एजुकेशन विभाग के निदेशक यशेंद्र सिंह ने दोबारा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इसके साथ ही सिविल सर्जन ने भी मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। 40 होमगार्ड रोहतक पीजीआई से यहां सुरक्षा के लिए लगाए गए।
- 12 अप्रैल को डीसी महावीर कौशिक ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
- 13 अप्रैल को अवकाश के दिन सिविल सर्जन सहित कुछ चिकित्सक मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद रहे। लेकिन किसी प्रकार के शुभारंभ की तैयारी यहां दिखाई नहीं दी। अधिकारियों से पूछने पर पता चला कि शुभारंभ के बारे में अभी कोई सूचना नहीं है। जिस तरह ही कोई सूचना प्राप्त होती है तो बता दिया जाएगा। रविवार दोपहर तक सूचना मिली की मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ टाल दिया गया है। लेकिन कोई अधिकारी इस बात की पुष्टि करने को तैयार नहीं था।
- 14 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ को टालने की खबर पर मुहर लगी। हिसार पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ किए बिना ही लौटे।
ये सुविधा शुरू हुई मेडिकल कॉलेज में
- बाल रोग ओपीडी।
- चर्म रोग ओपीडी।
- सामान्य रोग विशेषज्ञ ओपीडी।
- मनोरोग विशेषज्ञ ओपीडी।
- हड्डी रोग विशेषज्ञ ओपीडी।
- फार्मेसी।
- लैब।
- इंजेक्शन।
- पंजीकरण।
- पूछताछ केंद्र।
नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज में नए स्टाफ भर्ती के लिए राजनेताओं के बीच ठनी
भिवानी में पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज को चालू किया जा रहा है। इसी के लिए यहां नया स्टाफ भी भर्ती किया जाना है। लेकिन अभी तक यह तय नहीं है कि स्टाफ किस नियम और किस नीति के तहत लगाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में नई भर्ती के लिए राजनेताओं की सक्रियता भी बढ़ गई है। लेकिन दुविधा यह है कि हर राजनेता यह चाहता है कि उसके लोग नौकरी पर लगे। इसी को लेकर स्थानीय राजनेताओं के बीच भी आपस मेंं नई भर्ती को लेकर ठन गई है। अब अधिकारी भी दुविधा में हैं कि क्या करें। हालांकि अभी तक रोहतक पीजीआई या स्वास्थ्य महानिदेशालय से जो भी अधिकारी यहां निरीक्षण पर पहुंचे, सबके कानों तक राजनेताओं की बात पहुंची है। हाल ही में सीएमओ ने भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के माध्यम से मेडिकल में स्टाफ भर्ती को लेकर फर्जीवाड़ा भी पकड़ा है। वहीं कुछ दलाल भी नए मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर अपनी दुकान जमाने की फिराक में अभी से लगे हैं।
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लोगों में मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ को लेकर उत्साह था। लेकिन लोगों के सभी अरमान धरे के धरे रह गए। प्रशासनिक अधिकारी लगातार मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने भी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।
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नागरिक अस्पताल से ओपीडी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट की गई। मरीजों की जांच मेडिकल कॉलेज में शुरू भी कर दी है। लेकिन इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ नहीं होना अपने आप में एक सवाल खड़ा करता है। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से ये चर्चा चल रही थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिसार से वर्चुअल माध्यम से भिवानी के मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ करेंगे। लेकिन रविवार दोपहर को जारी हुई प्रधानमंत्री के कार्यक्रम सूची में मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ का जिक्र तक नहीं था।
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इसके पीछे का कारण तो अभी सामने नहीं आया है। लेकिन लोग इसे राजनीतिक दृष्टि से जोड़ कर देख रहे हैं। कुछ लोगों से संवाद न्यूज एजेंसी के संवाददाता ने बात की तो अलग-अलग विचार निकल कर सामने आए। लेकिन इसमें से सबसे ज्यादा लोग मेडिकल कॉलेज को राजनीतिक शिकार होने की बात कर रहे हैं।
कुछ लोग इसे मेडिकल कॉलेज की नई भर्तियों में राजनीतिक हस्तक्षेप से जोड़ कर भी देख रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे मेडिकल कॉलेज के नामकरण से जोड़ कर देख रहे हैं। लेकिन अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है कि शुभारंभ कार्यक्रम को क्यों टाल दिया गया।
फिलहाल मेडिकल कॉलेज में ओपीडी विभाग चल रहे हैं। मरीजों के पंजीकरण से लेकर जांच तक का कार्य शुरू हो चुका है। इसके अलावा मशीनें इंस्टाल का कार्य जारी है। सुरक्षा के लिए 40 होम गार्ड भी तैनात कर दिए हैं। अब देखने वाली बात ये रहेगी कि मंगलवार को ओपीडी मेडिकल कॉलेज में लगेगी या नागरिक अस्पताल में। कुछ लोगों को कहना है कि ओपीडी को वापस जिला नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है।
ये रहा पूरा घटनाक्रम
- 8 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा भिवानी मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ होने की चर्चा चली।
- 9 अप्रैल को नागरिक अस्पताल के पार्क में चल रह मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
- 9 अप्रैल को नागरिक अस्पताल से ओपीडी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने का कार्य चला।
- 10 अप्रैल को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान मेडिकल एजुकेशन विभाग के निदेशक यशेंद्र सिंह, डीसी महावीर कौशिक, एसडीएम महेश कुमार व लोहारू एसडीएम मनोज दलाल के साथ सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य मौजूद रहे।
- 10 अप्रैल को ओपीडी मेडिकल कॉलेज में शुरू की गई। मरीजों का उपचार शुरू किया। पांच ओपीडी विभाग शुरू किए गए।
- 11 अप्रैल को मेडिकल एजुकेशन विभाग के निदेशक यशेंद्र सिंह ने दोबारा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इसके साथ ही सिविल सर्जन ने भी मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। 40 होमगार्ड रोहतक पीजीआई से यहां सुरक्षा के लिए लगाए गए।
- 12 अप्रैल को डीसी महावीर कौशिक ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
- 13 अप्रैल को अवकाश के दिन सिविल सर्जन सहित कुछ चिकित्सक मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद रहे। लेकिन किसी प्रकार के शुभारंभ की तैयारी यहां दिखाई नहीं दी। अधिकारियों से पूछने पर पता चला कि शुभारंभ के बारे में अभी कोई सूचना नहीं है। जिस तरह ही कोई सूचना प्राप्त होती है तो बता दिया जाएगा। रविवार दोपहर तक सूचना मिली की मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ टाल दिया गया है। लेकिन कोई अधिकारी इस बात की पुष्टि करने को तैयार नहीं था।
- 14 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ को टालने की खबर पर मुहर लगी। हिसार पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ किए बिना ही लौटे।
ये सुविधा शुरू हुई मेडिकल कॉलेज में
- बाल रोग ओपीडी।
- चर्म रोग ओपीडी।
- सामान्य रोग विशेषज्ञ ओपीडी।
- मनोरोग विशेषज्ञ ओपीडी।
- हड्डी रोग विशेषज्ञ ओपीडी।
- फार्मेसी।
- लैब।
- इंजेक्शन।
- पंजीकरण।
- पूछताछ केंद्र।
नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज में नए स्टाफ भर्ती के लिए राजनेताओं के बीच ठनी
भिवानी में पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज को चालू किया जा रहा है। इसी के लिए यहां नया स्टाफ भी भर्ती किया जाना है। लेकिन अभी तक यह तय नहीं है कि स्टाफ किस नियम और किस नीति के तहत लगाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में नई भर्ती के लिए राजनेताओं की सक्रियता भी बढ़ गई है। लेकिन दुविधा यह है कि हर राजनेता यह चाहता है कि उसके लोग नौकरी पर लगे। इसी को लेकर स्थानीय राजनेताओं के बीच भी आपस मेंं नई भर्ती को लेकर ठन गई है। अब अधिकारी भी दुविधा में हैं कि क्या करें। हालांकि अभी तक रोहतक पीजीआई या स्वास्थ्य महानिदेशालय से जो भी अधिकारी यहां निरीक्षण पर पहुंचे, सबके कानों तक राजनेताओं की बात पहुंची है। हाल ही में सीएमओ ने भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के माध्यम से मेडिकल में स्टाफ भर्ती को लेकर फर्जीवाड़ा भी पकड़ा है। वहीं कुछ दलाल भी नए मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर अपनी दुकान जमाने की फिराक में अभी से लगे हैं।