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Bhiwani News: पंचायत मंत्री बोले-बुजुर्ग नहीं काटेंगे दफ्तर के चक्कर, खुद अफसर जाएंगे उनके घर
Tue, 26 Sep 2023 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 26 Sep 2023 11:36 PM IST
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भिवानी।
पंचायत भवन में मंगलवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में गांव जूई के किसान दौलतराम ने पंचायत मंत्री से कहा कि साहब! फसल मिसमैच डाटा दुरुस्त कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा हूं। उसने 22 एकड़ खेत में बाजरा बिजाई किया हुआ है, लेकिन मेरी फसल मेरा पोर्टल पर बाजरा के बजाय ज्वार दर्शा दी है। दौलतराम की बाजरा की फसल अब इसलिए नहीं बिक्री हो रही है, क्योंकि उसके पोर्टल पर गलत फसल दर्शा दी है।
ये मामला बैठक में गूंजा तो पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि ये बुजुर्ग इस तरह दफ्तरों में नहीं घूमेंगे बल्कि अधिकारी इनके घर पहुंचकर इनकी समस्या का समाधान करेंगे। जिस पर डीसी नरेश नरवाल ने जवाब दिया कि पोर्टल पर फसल की वेरिफिकेशन का काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए नायब तहसीलदार और तहसीलदार की ड्यूटी लगाई है। दो दिनों में डाटा दुरुस्त करा देंगे। बैठक की अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने की। बैठक में कुल 12 परिवाद रखे गए। इनमें कुछ परिवादों का तो समाधान हो गया, जबकि कुछ परिवादों में मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
दरअसल, भिवानी जिले में खरीफ सीजन में करीब साढ़े चार लाख एकड़ भूमि पर फसल बिजाई किसानों द्वारा की हुई है। लेकिन मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर करीब सवा लाख से अधिक किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। जिनमें से करीब सवा दो लाख एकड़ भूमि पर किसानों की फसल मिसमैच दिखा रही है। ये किसान फसल बेचने से पहले अपने ऑनलाइन डाटा को अपडेट कराने के लिए दौड़-धूप कर रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन ने भी करीब सवा दो लाख एकड़ भूमि पर फसल मिसमैच के डाटा को अब दुरुस्त किए जाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को काम पर लगा दिया है। वहीं डीसी का दावा है कि दो दिन में पोर्टल पर ऑनलाइन दिखाई दे रहा मिसमैच का डाटा दुरुस्त करा दिया जाएगा।
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जिले के 42 गांवों में अभी तक नहीं बंटा फसल मुुआवजा
कष्ट निवारण समिति की बैठक में यह सवाल भी उठा कि अब तक जिले के 42 गांवों में किसानों को बीमित फसल खराब होने पर मुआवजा नहीं मिला है। इस पर डीसी नरेश नरवाल ने जवाब दिया कि जिले में 250 करोड़ राशि का मुआवजा किसानों को दिया जा चुका है। जबकि करीब सवा करोड़ राशि का मुआवजा एक माह के अंदर संबंधित किसानों में बांट दिया जाएगा।
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पंचायत भवन में मंगलवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में गांव जूई के किसान दौलतराम ने पंचायत मंत्री से कहा कि साहब! फसल मिसमैच डाटा दुरुस्त कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा हूं। उसने 22 एकड़ खेत में बाजरा बिजाई किया हुआ है, लेकिन मेरी फसल मेरा पोर्टल पर बाजरा के बजाय ज्वार दर्शा दी है। दौलतराम की बाजरा की फसल अब इसलिए नहीं बिक्री हो रही है, क्योंकि उसके पोर्टल पर गलत फसल दर्शा दी है।
ये मामला बैठक में गूंजा तो पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि ये बुजुर्ग इस तरह दफ्तरों में नहीं घूमेंगे बल्कि अधिकारी इनके घर पहुंचकर इनकी समस्या का समाधान करेंगे। जिस पर डीसी नरेश नरवाल ने जवाब दिया कि पोर्टल पर फसल की वेरिफिकेशन का काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए नायब तहसीलदार और तहसीलदार की ड्यूटी लगाई है। दो दिनों में डाटा दुरुस्त करा देंगे। बैठक की अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने की। बैठक में कुल 12 परिवाद रखे गए। इनमें कुछ परिवादों का तो समाधान हो गया, जबकि कुछ परिवादों में मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
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दरअसल, भिवानी जिले में खरीफ सीजन में करीब साढ़े चार लाख एकड़ भूमि पर फसल बिजाई किसानों द्वारा की हुई है। लेकिन मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर करीब सवा लाख से अधिक किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। जिनमें से करीब सवा दो लाख एकड़ भूमि पर किसानों की फसल मिसमैच दिखा रही है। ये किसान फसल बेचने से पहले अपने ऑनलाइन डाटा को अपडेट कराने के लिए दौड़-धूप कर रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन ने भी करीब सवा दो लाख एकड़ भूमि पर फसल मिसमैच के डाटा को अब दुरुस्त किए जाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को काम पर लगा दिया है। वहीं डीसी का दावा है कि दो दिन में पोर्टल पर ऑनलाइन दिखाई दे रहा मिसमैच का डाटा दुरुस्त करा दिया जाएगा।
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जिले के 42 गांवों में अभी तक नहीं बंटा फसल मुुआवजा
कष्ट निवारण समिति की बैठक में यह सवाल भी उठा कि अब तक जिले के 42 गांवों में किसानों को बीमित फसल खराब होने पर मुआवजा नहीं मिला है। इस पर डीसी नरेश नरवाल ने जवाब दिया कि जिले में 250 करोड़ राशि का मुआवजा किसानों को दिया जा चुका है। जबकि करीब सवा करोड़ राशि का मुआवजा एक माह के अंदर संबंधित किसानों में बांट दिया जाएगा।