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विश्व एड्स दिवस: भारी पड़ रही लापरवाही, छह साल में मिले 1949 को बीमारी
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भिवानी। एड्स से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता अभियान चलाए हुए है, जिसमें इसके कारण, बचाव और लक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। बावजूद इसके लोगों की लापरवाही ही उन पर भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी मरीजों की केस स्टेडी की है, जिसमें सामने आया कि सबसे अधिक असुरक्षित यौन संबंधों के कारण एचआईवी संक्रमण हो रहा है। जिले में पिछले छह साल में एड्स के 1949 मरीज सामने आए हैं, जिसमें से 49 ने अपनी जान गवां दी।
जिले में मिले 94 फीसदी संक्रमितों को एड्स असुरक्षित यौन संबंधों के कारण हुई है। जबकि छह फीसदी को इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन, ब्लड व बैकटीरिया, गर्भवती महिला से बच्चों में और अन्य संदिग्ध कारणों से फैला है। नागरिक अस्पताल में बने एफआईएआरटी सेंटर से फिलहाल 1900 संक्रमित निशुल्क दवा ले रहे हैं। इनमें से 139 संक्रमितों को प्रति माह 2250 रुपये की राशि पेंशन के तौर पर मिल रही है। इसमें जरूरी है कि संक्रमित की आय दो लाख रुपये से कम हो, वह हरियाणा का स्थायी निवासी हो और सरकारी अस्पताल में बने एफआईएआरटी सेंटर से प्रति माह दवा लेता हों।
जागरूकता के लिए 23 कॉलेजों में बनाए रेड रिबन क्लब
एफआईएआरटी सेंटर के तहत जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर जाकर लोगों का एचआईवी के प्रति जागरूक किया जाता है। जिले के 23 कॉलेजों में रेड रिबन क्लब नाम से यूथ क्लब बनाए हुए है। जोकि समय-समय पर कॉलेजों में एचआईवी के बारे में जागरूक करते हैं। कार्यक्रमों में लोगों को इसके संक्रमण के कारणों, बचाव और खानपान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।
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जांच और उपचार के लिए बनाए आठ आईसीटीसी
जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिक अस्पताल सहित आठ आईसीटीसी बनाए हुए हैं। इनमें एक काउंसलर और एक लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी लगाई हुई है। इनके अलावा नागरिक अस्पताल की ओपीडी में कमरा नंबर 12 और 13 में एचआईवी के मरीजों को दवा व परामर्श के लिए एक चिकित्सक, काउंसलर और स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगा रखी है। जिले में नागरिक अस्पताल भिवानी, ईएसआई भिवानी, सामान्य अस्पताल सिवानी, नागरिक अस्पताल बवानीखेड़ा, सीएचसी लोहारू, सीएचसी तोशाम, सीएचसी कैरू, सीएचसी मानेहरू में जांच व उपचार के लिए आईसीटीसी बनाए हुए हैं।
नागरिक अस्पताल में वर्ष 2018 में एफआईएआरटी सेंटर की स्थापना की थी। जिसके माध्यम से मरीजों को उपचार मिल रहा है। इससे पहले मरीजों को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई में जाना पड़ता था। विश्व एड्स दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता रैली निकाली जाएगी। साथ ही कॉलेज व विद्यार्थियों में भी समय-समय पर क्विज व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है।
- डॉ. सुमन विश्वकर्मा, नोडल ऑफिसर कम उप सिविल सर्जन।
जिले में फिलहाल एड्स के 1900 मरीज दवा ले रहे है। मरीजों को दवा के साथ ही उचित परामर्श दिया जाता है, जिसके लिए नागरिक अस्पताल सहित आठ आईसीटीसी भी बनाएं गए है। नागरिकों से अपील है कि एड्स के लक्षण होने पर बेझिझक जांच करवा लें ताकि समय पर उपचार शुरू हो सकें।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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जिले में मिले 94 फीसदी संक्रमितों को एड्स असुरक्षित यौन संबंधों के कारण हुई है। जबकि छह फीसदी को इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन, ब्लड व बैकटीरिया, गर्भवती महिला से बच्चों में और अन्य संदिग्ध कारणों से फैला है। नागरिक अस्पताल में बने एफआईएआरटी सेंटर से फिलहाल 1900 संक्रमित निशुल्क दवा ले रहे हैं। इनमें से 139 संक्रमितों को प्रति माह 2250 रुपये की राशि पेंशन के तौर पर मिल रही है। इसमें जरूरी है कि संक्रमित की आय दो लाख रुपये से कम हो, वह हरियाणा का स्थायी निवासी हो और सरकारी अस्पताल में बने एफआईएआरटी सेंटर से प्रति माह दवा लेता हों।
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जागरूकता के लिए 23 कॉलेजों में बनाए रेड रिबन क्लब
एफआईएआरटी सेंटर के तहत जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर जाकर लोगों का एचआईवी के प्रति जागरूक किया जाता है। जिले के 23 कॉलेजों में रेड रिबन क्लब नाम से यूथ क्लब बनाए हुए है। जोकि समय-समय पर कॉलेजों में एचआईवी के बारे में जागरूक करते हैं। कार्यक्रमों में लोगों को इसके संक्रमण के कारणों, बचाव और खानपान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।
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जांच और उपचार के लिए बनाए आठ आईसीटीसी
जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिक अस्पताल सहित आठ आईसीटीसी बनाए हुए हैं। इनमें एक काउंसलर और एक लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी लगाई हुई है। इनके अलावा नागरिक अस्पताल की ओपीडी में कमरा नंबर 12 और 13 में एचआईवी के मरीजों को दवा व परामर्श के लिए एक चिकित्सक, काउंसलर और स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगा रखी है। जिले में नागरिक अस्पताल भिवानी, ईएसआई भिवानी, सामान्य अस्पताल सिवानी, नागरिक अस्पताल बवानीखेड़ा, सीएचसी लोहारू, सीएचसी तोशाम, सीएचसी कैरू, सीएचसी मानेहरू में जांच व उपचार के लिए आईसीटीसी बनाए हुए हैं।
नागरिक अस्पताल में वर्ष 2018 में एफआईएआरटी सेंटर की स्थापना की थी। जिसके माध्यम से मरीजों को उपचार मिल रहा है। इससे पहले मरीजों को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई में जाना पड़ता था। विश्व एड्स दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता रैली निकाली जाएगी। साथ ही कॉलेज व विद्यार्थियों में भी समय-समय पर क्विज व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है।
- डॉ. सुमन विश्वकर्मा, नोडल ऑफिसर कम उप सिविल सर्जन।
जिले में फिलहाल एड्स के 1900 मरीज दवा ले रहे है। मरीजों को दवा के साथ ही उचित परामर्श दिया जाता है, जिसके लिए नागरिक अस्पताल सहित आठ आईसीटीसी भी बनाएं गए है। नागरिकों से अपील है कि एड्स के लक्षण होने पर बेझिझक जांच करवा लें ताकि समय पर उपचार शुरू हो सकें।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।