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भिवानी: पुराने जलघर के टैंक में सिर्फ दो दिन सप्लाई का पानी बचा
Mon, 20 Feb 2023 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 20 Feb 2023 12:56 AM IST
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तोशाम बाईपास दिनोद रोड पर हैंडपंप से पानी भरकर ले जाते युवा।
भिवानी। शहर में गर्मियों से पहले ही गंभीर जलसंकट गहराने के आसार बन चुके हैं। नहर में डिमांड से सिर्फ आधा पानी ही पहुंचा है। जिनसे नहरों पर लगे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पंपिंग स्टेशनों की मोटरें भी पानी नहीं उठा पा रही है। पुराने जलघर के टैंकों में सिर्फ दो दिन सप्लाई का पानी बचा है वहीं डाबर और निनान जलघरों के अतिरिक्त पानी से ही एक दिन छोड़कर एक दिन राशनिंग से शहरवासियों की प्यास बुझ रही है।
सुंदर ग्रुप की नहरों में 2200 क्यूसेक के मुकाबले सिर्फ एक हजार क्यूसेक पानी पहुंचा है। जिसकी वजह से चार दिन सुंदर नहर तो चार दिन जूई फीडर में पानी छोड़ा जाने की व्यवस्था है। ऐसे में पुराने जलघर की तलहटी में ही नामामत्र पानी है, जिससे पुराने शहर की राशनिंग से दो दिन सप्लाई दी जा सकती है। जबकि निनान और डाबर कॉलोनी जलघर के टैंकों में भी चार दिन का पानी शेष है। इस पानी से भी राशनिंग कर एक सप्ताह ही काम चल सकता है। सिंचाई विभाग की नहरों में अगले सप्ताह पानी उपलब्ध होगा। शहर की कई कॉलोनियों में गंभीर जलसंकट बना है। वहीं जलघर टैंक खाली होने से बूस्टर भी सूख चुके हैं। बूस्टरों में पर्याप्त पानी नहीं होने की वजह से टेल तक लगने वाली कॉलोनियों में भी सप्लाई नहीं आ रही है।
हैंडपंपों के सहारे लोग बुझा रहे प्यास
शहर में गहराए जलसंकट से एक बार फिर लोग अपनी प्यास हैंडपंप के पानी से बुझा रहे हैं। तोशाम बाईपास की जूई नहर सूखी पड़ी है, जबकि आसपास लगे हैंडपंपों पर दिनभर लोग बर्तनों में पानी भरकर साइकिल या फिर मोटरसाइकिल पर ढोकर घर पहुंचा रहे हैं। कई कॉलोनियों में तो सप्लाई आने के लिए लोग रात-रात भर जागकर भी इंतजार कर रहे हैं।
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अधिकारी बोले
सिंचाई विभाग से जलघर के टैंकों को अभी पानी नहीं मिला है। पुराना जलघर तो खाली हो चुका है, जबकि निनान और डाबर कॉलोनी के अतिरिक्त पानी से ही शहर की प्यास बुझा रहे हैं। अगर जल्द नहरी पानी नहीं मिला तो हालात और विकट होंगे।
-सचिन तलेजा, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा।
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सुंदर ग्रुप की नहरों में 2200 क्यूसेक के मुकाबले सिर्फ एक हजार क्यूसेक पानी पहुंचा है। जिसकी वजह से चार दिन सुंदर नहर तो चार दिन जूई फीडर में पानी छोड़ा जाने की व्यवस्था है। ऐसे में पुराने जलघर की तलहटी में ही नामामत्र पानी है, जिससे पुराने शहर की राशनिंग से दो दिन सप्लाई दी जा सकती है। जबकि निनान और डाबर कॉलोनी जलघर के टैंकों में भी चार दिन का पानी शेष है। इस पानी से भी राशनिंग कर एक सप्ताह ही काम चल सकता है। सिंचाई विभाग की नहरों में अगले सप्ताह पानी उपलब्ध होगा। शहर की कई कॉलोनियों में गंभीर जलसंकट बना है। वहीं जलघर टैंक खाली होने से बूस्टर भी सूख चुके हैं। बूस्टरों में पर्याप्त पानी नहीं होने की वजह से टेल तक लगने वाली कॉलोनियों में भी सप्लाई नहीं आ रही है।
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हैंडपंपों के सहारे लोग बुझा रहे प्यास
शहर में गहराए जलसंकट से एक बार फिर लोग अपनी प्यास हैंडपंप के पानी से बुझा रहे हैं। तोशाम बाईपास की जूई नहर सूखी पड़ी है, जबकि आसपास लगे हैंडपंपों पर दिनभर लोग बर्तनों में पानी भरकर साइकिल या फिर मोटरसाइकिल पर ढोकर घर पहुंचा रहे हैं। कई कॉलोनियों में तो सप्लाई आने के लिए लोग रात-रात भर जागकर भी इंतजार कर रहे हैं।
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अधिकारी बोले
सिंचाई विभाग से जलघर के टैंकों को अभी पानी नहीं मिला है। पुराना जलघर तो खाली हो चुका है, जबकि निनान और डाबर कॉलोनी के अतिरिक्त पानी से ही शहर की प्यास बुझा रहे हैं। अगर जल्द नहरी पानी नहीं मिला तो हालात और विकट होंगे।
-सचिन तलेजा, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा।