{"_id":"579ba5b54f1c1ba61521e57a","slug":"online-tratment-opd-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओपीडी में ऑनलाइन इलाज के लिए अभी करना होगा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओपीडी में ऑनलाइन इलाज के लिए अभी करना होगा इंतजार
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
ऑनलाइन ट्रीटमेंट
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में भले ही एक अगस्त से ऑनलाइन ट्रीटमेंट सुविधा शुरू करने की घोषणा हो चुकी हो मगर भिवानी अस्पताल में मरीजों को अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। दरअसल ऑनलाइन सिस्टम करने वाली कंपनी के पास अभी अनुमति नहीं आई है और कंप्यूटर सिस्टम इंस्टाल नहीं किए गए है। सिविल सर्जन का कहना है कि जल्द ही यह सुविधा शुरू करने के प्रयास है।
मरीजों को ज्यादा चक्कर नकाटने पड़े और अस्पताल में पेपर वर्क को कम करने के लिए ऑन लाइन ट्रीटमेंट सुविधा शुरू की जा रही है। इसमें मरीज के ट्रीटमेंट स्लिप बनने के बाद सारे इलाज और टेस्टों की रिपोर्ट, डाक्टर द्वारा दिया गया इलाज सभी आनलाइन किए जाएंगे। कर्मचारियों की ट्रेनिंग हो चुकी है मगर अनुमति पत्र और चिकित्सकों की यूजर आईडी के कारण काम अटका है। अनुमति मिलने और यूजर आईडी आने के बाद कंप्यूटर इंस्टाल किए जाएंगे। एजेंसी सदस्यों का कहना है कि उन्हें कंप्यूटर इंस्टाल करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा क्योंकि सब जगह वायरिंग हो चुकी है। वहीं सिविल सर्जन डा. रणदीप पूनिया का कहना है कि हम तो ऑन लाइन काम करने के लिए तैयार है बस एजेंसी अधिकारी यूजर आईडी भेजे। फिर भी ज्यादा से ज्यादा सप्ताहभर का समय और लग सकता है।
लैब और डाक्टर सभी जगह होंगे कंप्यूटर
मरीजों को ऑन लाइन ट्रीटमेंट सुविधा शुरू करने के लिए डाक्टर रूम, लैब, ट्रीटमेंट स्लिप बनाने, अल्ट्रासाउंड, एक्स- रे रूम हर जगह कंप्यूटर लगाए जाएंगे। अकेले जिला अस्पताल में ही करीब 60 कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे। प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय भवन में मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। हरेक डाक्टर की अपनी अलग आईडी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मरीजों को ज्यादा चक्कर नकाटने पड़े और अस्पताल में पेपर वर्क को कम करने के लिए ऑन लाइन ट्रीटमेंट सुविधा शुरू की जा रही है। इसमें मरीज के ट्रीटमेंट स्लिप बनने के बाद सारे इलाज और टेस्टों की रिपोर्ट, डाक्टर द्वारा दिया गया इलाज सभी आनलाइन किए जाएंगे। कर्मचारियों की ट्रेनिंग हो चुकी है मगर अनुमति पत्र और चिकित्सकों की यूजर आईडी के कारण काम अटका है। अनुमति मिलने और यूजर आईडी आने के बाद कंप्यूटर इंस्टाल किए जाएंगे। एजेंसी सदस्यों का कहना है कि उन्हें कंप्यूटर इंस्टाल करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा क्योंकि सब जगह वायरिंग हो चुकी है। वहीं सिविल सर्जन डा. रणदीप पूनिया का कहना है कि हम तो ऑन लाइन काम करने के लिए तैयार है बस एजेंसी अधिकारी यूजर आईडी भेजे। फिर भी ज्यादा से ज्यादा सप्ताहभर का समय और लग सकता है।
विज्ञापन
लैब और डाक्टर सभी जगह होंगे कंप्यूटर
मरीजों को ऑन लाइन ट्रीटमेंट सुविधा शुरू करने के लिए डाक्टर रूम, लैब, ट्रीटमेंट स्लिप बनाने, अल्ट्रासाउंड, एक्स- रे रूम हर जगह कंप्यूटर लगाए जाएंगे। अकेले जिला अस्पताल में ही करीब 60 कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे। प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय भवन में मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। हरेक डाक्टर की अपनी अलग आईडी होगी।
विज्ञापन