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संदिग्ध मरीज आने से मचा हड़कंप, निजी अस्पताल संचालक ने भर्ती करने किया इनकार, दूसरे में दाखिल कराया
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भिवानी। सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में कोरोनो वायरस संदिग्ध मरीज आने से हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की कोविड-19 टीम ने उसकी जांच की और कोरोना संबंधी लक्षण पाए। इसके बाद आनन-फानन में वेंटिलेटर की सुविधा के लिए शहर के चिड़ियाघर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भेज दिया। वहां निजी अस्पताल संचालक ने मरीज को भर्ती करने के से इनकार कर दिया। इसके बाद मरीज को पुराना बस स्टैंड के नजदीक एक अन्य निजी अस्पताल में दो घंटे वेंटिलेटर पर रखा गया। यहां भी मरीज की हालत में सुधार नहीं होने पर उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। मरीज का सैंपल भी लिया गया है, जिसे जांच के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया है। रिपोर्ट 24 घंटे में आएगी।
मामला सुबह करीब साढ़े 10 बजे का है। जिले के गांव सांगा से 32 वर्षीय एक ट्रक चालक को इमरजेंसी में लाया गया। परिजनों ने बताया कि वह ट्रक चलाता है और गुरुग्राम, चंडीगढ़ व अन्य जिलों में जाता रहता है। मरीज को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने बताया कि ट्रक चालक नौ मार्च को भिवानी आया था और 11 मार्च को उसको बुखार व खांसी हुई तो उसे एक निजी अस्पताल दवाई ली। उसे आराम भी हुआ, लेकिन बाद में तबीयत बिगड़ गई थी। वहीं मरीज को वेंटिलेटर सुविधा से इनकार करने के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी अस्पताल में 25 प्रतिशत बेड कोरोना को लेकर रिजर्व हैं। इनकार करने वाले अस्पताल पर भी कार्रवाई की जाएगी।
बड़ेसरा में आठ लोग किए होम क्वारंटीन
केरल के लीलबड़ी से हाल ही में तीर्थयात्रा से लौटे गांव बडेसरा निवासी आठ लोगों को जिला प्रशासन ने एकांतवास में रखा है। प्रशासन को सूचना मिली थी कि गांव बडेसरा में 25 मार्च को कुछ लोग केरल से वापस आए हैं। क्वारंटीन टीम के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेश व सुरक्षा इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव की टीम शनिवार को गांव बडेसरा पहुंची और जांच के आधार पर आठ लोगों को 14 दिन के लिए घर में क्वारंटीन किया। इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव ने बताया कि तीर्थयात्रा में अन्य जिलों के लोग भी शामिल थे। उनके साथ गांव बडेसरा के भी आठ लोग गए हुए थे। 25 मार्च को उनके गांव में लौटने की सूचना मिली। इसके बाद उन्हें क्वारंटीन किया है। इनके घरों के आगे पोस्टर भी चस्पाया है।
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कोरोना का संदिग्ध मरीज आया है। उसे निजी अस्पताल में दो घंटे तक वेंटिलेटर रखा गया। उसकी स्थिति में सुधार नहीं होने पर पीजीआई रोहतक रेफर किया है। एक निजी अस्पताल ने वेंटिलेटर सुविधा से इंकार किया है, जिसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी निजी अस्पतालों में 25 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व किए हैं ताकि वेंटिलेटर की सुविधा की कमी न रहे। - डॉ. राजेश कुमार, जिला को-ऑर्डिनेटर स्वास्थ्य विभाग
379 नए यात्रियों की मिली लिस्ट
स्वास्थ्य विभाग को राज्य मुख्यालय से 379 नए यात्रियों की सूची मिली है। इनमें 128 ऐसे मिले, जो पहले की सूची में शामिल थे। बाकी सूची का आंकलन कर यात्रियों की तलाश में स्वास्थ्य विभाग की टीम जुट गई है। 103 यात्रियों की तलाश हो गई और बाकी 148 यात्रियों की जारी है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने बताया कि भिवानी में अब तक कोई भी पॉजिटिव मरीज नहीं आया है। हमें अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
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मामला सुबह करीब साढ़े 10 बजे का है। जिले के गांव सांगा से 32 वर्षीय एक ट्रक चालक को इमरजेंसी में लाया गया। परिजनों ने बताया कि वह ट्रक चलाता है और गुरुग्राम, चंडीगढ़ व अन्य जिलों में जाता रहता है। मरीज को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने बताया कि ट्रक चालक नौ मार्च को भिवानी आया था और 11 मार्च को उसको बुखार व खांसी हुई तो उसे एक निजी अस्पताल दवाई ली। उसे आराम भी हुआ, लेकिन बाद में तबीयत बिगड़ गई थी। वहीं मरीज को वेंटिलेटर सुविधा से इनकार करने के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी अस्पताल में 25 प्रतिशत बेड कोरोना को लेकर रिजर्व हैं। इनकार करने वाले अस्पताल पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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बड़ेसरा में आठ लोग किए होम क्वारंटीन
केरल के लीलबड़ी से हाल ही में तीर्थयात्रा से लौटे गांव बडेसरा निवासी आठ लोगों को जिला प्रशासन ने एकांतवास में रखा है। प्रशासन को सूचना मिली थी कि गांव बडेसरा में 25 मार्च को कुछ लोग केरल से वापस आए हैं। क्वारंटीन टीम के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेश व सुरक्षा इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव की टीम शनिवार को गांव बडेसरा पहुंची और जांच के आधार पर आठ लोगों को 14 दिन के लिए घर में क्वारंटीन किया। इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव ने बताया कि तीर्थयात्रा में अन्य जिलों के लोग भी शामिल थे। उनके साथ गांव बडेसरा के भी आठ लोग गए हुए थे। 25 मार्च को उनके गांव में लौटने की सूचना मिली। इसके बाद उन्हें क्वारंटीन किया है। इनके घरों के आगे पोस्टर भी चस्पाया है।
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कोरोना का संदिग्ध मरीज आया है। उसे निजी अस्पताल में दो घंटे तक वेंटिलेटर रखा गया। उसकी स्थिति में सुधार नहीं होने पर पीजीआई रोहतक रेफर किया है। एक निजी अस्पताल ने वेंटिलेटर सुविधा से इंकार किया है, जिसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी निजी अस्पतालों में 25 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व किए हैं ताकि वेंटिलेटर की सुविधा की कमी न रहे। - डॉ. राजेश कुमार, जिला को-ऑर्डिनेटर स्वास्थ्य विभाग
379 नए यात्रियों की मिली लिस्ट
स्वास्थ्य विभाग को राज्य मुख्यालय से 379 नए यात्रियों की सूची मिली है। इनमें 128 ऐसे मिले, जो पहले की सूची में शामिल थे। बाकी सूची का आंकलन कर यात्रियों की तलाश में स्वास्थ्य विभाग की टीम जुट गई है। 103 यात्रियों की तलाश हो गई और बाकी 148 यात्रियों की जारी है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने बताया कि भिवानी में अब तक कोई भी पॉजिटिव मरीज नहीं आया है। हमें अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।