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Bhiwani News: हैफेड खरीदे या वेयर हाउस, इसी उधेड़बुन में उलझे रहे अधिकारी, नहीं खरीदा बाजरे का दाना
Wed, 27 Sep 2023 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 27 Sep 2023 11:29 PM IST
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भिवानी।
भिवानी मंडी में बुधवार को 605 किसानों के गेट पास कटे, जिनका 14094 क्विंटल बाजरा मंडी में पहुंचा। दिनभर अधिकारी इसी उधेड़बुन में रहे कि बाजरा हैफेड खरीदे या फिर वेयर हाउस। मगर देर शाम तक किसी भी एजेंसी ने किसानों का एक दाना तक नहीं खरीदा। वहीं दोपहर बाद तीन बजे बाजरा खरीद को लेकर गुस्साए किसानों ने मंडी के मुख्य गेट को ताला जड़ दिया।
इसके बाद किसानों ने गेट के आगे बैठकर डेरा डाल दिया। सूचना पाकर विधायक घनश्याम सर्राफ मौके पर पहुंचे। गुस्साए किसानों ने विधायक के आगे ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक ने किसानों को शांत किया और उनकी फसल खरीद का आश्वासन दिया।
भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में पिछले एक सप्ताह से बाजरे की बंपर आवक हो रही है। रोजाना ही 600 से 700 किसान मंडी में करीब 15 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। अब तक भिवानी मंडी में हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड से करीब 1500 किसानों के गेट पास काटे जा चुके हैं, जिनकी मंडी में करीब 50 हजार क्विंटल बाजरा की आवक हो चुकी है। अब तक भिवानी मंडी में हैफेड ने केवल मात्र सात किसानों की 135 क्विंटल बाजरा की सरकारी खरीद ही दर्ज की है। जो कुल आवक का महज एक या दो फीसदी भी नहीं है।
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यह खरीद भी मंगलवार देर शाम को ही हुई थी, जबकि सोमवार को कोई खरीद नहीं की गई थी। बुधवार को भी किसी एजेंसी ने किसानों के बाजरा की भिवानी मंडी में कोई खरीद नहीं की। आढ़ती और किसान दोनों ही सरकारी खरीद नहीं होने से परेशान हैं। वहीं किसानों के लिए मंडी में बाजरा की फसल उतारने के लिए भी जगह नहीं बची है। मंडी में खरीद को लेकर अव्यवस्थाओं पर किसान बिफर गए और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।
किसान भलेराम, दयाकिशन, राममेहर, मनोहरलाल, कृष्ण, दयाचंद, कर्मबीर का कहना है कि पहले तो सरकार किसानों के रजिस्ट्रेशन की शर्त पर बाजरा खरीद का भरोसा दिलाती रही, मगर जिन किसानों ने फसल का रजिस्ट्रेशन कराया, उनके खेत में दूसरी फसल दर्शा दी। ये किसान अब अपनी असल फसल की त्रुटि ठीक कराने के लिए भटक रहे हैं। जो किसान मंडी पहुंचे हैं, उनका एक दाना सरकार नहीं खरीद पाई है। जबकि भावांतर का भी कुछ निश्चित नहीं है, क्योंकि यह तय नहीं है कि कितने क्विंटल पर किसानों को भावांतर का लाभ मिलेगा और कितना बाजरा एजेंसी खरीदेंगी। अभी तक मंडी में जहां तक नजर दौड़ाएं केवल बाजरा की ढेरियां हैं, खरीद एक ढेरी का भी नहीं हुआ है।
गेट पर ताला लगाने के बावजूद नहीं पहुंचे अधिकारी
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे भिवानी मंडी के गेट पर किसानों ने ताला जड़ दिया और वहीं पर नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने खरीद नहीं होने से करीब घंटे भर मंडी का गेट बंद रखा और हंगामा किया। मगर इस बीच कोई भी प्रशासनिक अधिकारी वहां नहीं पहुंचा। मंडी के अधिकारी किसानों के गेट पास और उनकी फसल को उतरवाने की व्यवस्था बनाते रहे, मगर प्रशासन व खरीद एजेंसियों ने वहां आना भी जरूरी नहीं समझा। बाद में विधायक ने पहुंचकर किसानों को समझाया और ताला खुलवाया।
वीरवार को आवक हुए बाजरे के लिए नहीं मंडी में जगह
भिवानी मुख्यालय की मंडी में अब तक 50 हजार क्विंटल बाजरा पड़ा है। जिसकी खरीद तक नहीं हुई है। वीरवार को किसान 15 से 20 हजार क्विंटल बाजरा लेकर आने की संभावना है। जिनके लिए यहां मंडी में फसल उतारने तक के लिए जगह नहीं है। ऐसे में आढ़ति भी किसानों को खरीद शुरू नहीं होने तक बाजरा मंडी नहीं लाने का अनुरोध कर रहे हैं। वहीं मंडी के तीनों प्लेटफार्म बाजरा की ढेरियों से अटे पड़े हैं, जहां पैर रखने तक की जगह नहीं है।
अब वेयर हाउस करेगी भिवानी मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद
भिवानी मंडी में अब वेयर हाउस किसानों का बाजरा खरीद करेगी। पहले भिवानी मंडी में हैफेड को बाजरा खरीद की जिम्मेदारी दी गई थी। अब वीरवार से वेयर हाउस किसानों का बाजरा खरीद करती है या फिर खरीद के लिए इंतजार करना पड़ेगा। इसी को लेकर किसान भी असमंजस में हैं। किसानों का कहना है कि सरकार ने अभी तक जिले में 11 मंडियां तो निश्चित कर दी, लेकिन मुख्यालय की मंडी में यह तय नहीं किया कि आखिर कौन सी एजेंसी किसानों का बाजरा खरीद करेगी। ग्रामीण मंडियों में तो अभी बाजरा की खरीद ही शुरू नहीं हुई है।
हरियाणा सरकार ने किसानों के बाजरे की सरकारी खरीद और भावांतर का लाभ देने की घोषणा की है। किसानों के बाजरे के एक-एक दाने की खरीद होगी या उन्हें भावांतर का लाभ मिलेगा। भिवानी मंडी में मैंने खुद किसानों से बात की है, उनकी समस्याओं का जाना है। इस संबंध में मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द बाजरा की खरीद कराएं और किसी भी तरह से किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाए।
-घनश्याम सर्राफ, भाजपा विधायक, भिवानी।
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भिवानी मंडी में बुधवार को 605 किसानों के गेट पास कटे, जिनका 14094 क्विंटल बाजरा मंडी में पहुंचा। दिनभर अधिकारी इसी उधेड़बुन में रहे कि बाजरा हैफेड खरीदे या फिर वेयर हाउस। मगर देर शाम तक किसी भी एजेंसी ने किसानों का एक दाना तक नहीं खरीदा। वहीं दोपहर बाद तीन बजे बाजरा खरीद को लेकर गुस्साए किसानों ने मंडी के मुख्य गेट को ताला जड़ दिया।
इसके बाद किसानों ने गेट के आगे बैठकर डेरा डाल दिया। सूचना पाकर विधायक घनश्याम सर्राफ मौके पर पहुंचे। गुस्साए किसानों ने विधायक के आगे ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक ने किसानों को शांत किया और उनकी फसल खरीद का आश्वासन दिया।
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भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में पिछले एक सप्ताह से बाजरे की बंपर आवक हो रही है। रोजाना ही 600 से 700 किसान मंडी में करीब 15 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। अब तक भिवानी मंडी में हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड से करीब 1500 किसानों के गेट पास काटे जा चुके हैं, जिनकी मंडी में करीब 50 हजार क्विंटल बाजरा की आवक हो चुकी है। अब तक भिवानी मंडी में हैफेड ने केवल मात्र सात किसानों की 135 क्विंटल बाजरा की सरकारी खरीद ही दर्ज की है। जो कुल आवक का महज एक या दो फीसदी भी नहीं है।
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यह खरीद भी मंगलवार देर शाम को ही हुई थी, जबकि सोमवार को कोई खरीद नहीं की गई थी। बुधवार को भी किसी एजेंसी ने किसानों के बाजरा की भिवानी मंडी में कोई खरीद नहीं की। आढ़ती और किसान दोनों ही सरकारी खरीद नहीं होने से परेशान हैं। वहीं किसानों के लिए मंडी में बाजरा की फसल उतारने के लिए भी जगह नहीं बची है। मंडी में खरीद को लेकर अव्यवस्थाओं पर किसान बिफर गए और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।
किसान भलेराम, दयाकिशन, राममेहर, मनोहरलाल, कृष्ण, दयाचंद, कर्मबीर का कहना है कि पहले तो सरकार किसानों के रजिस्ट्रेशन की शर्त पर बाजरा खरीद का भरोसा दिलाती रही, मगर जिन किसानों ने फसल का रजिस्ट्रेशन कराया, उनके खेत में दूसरी फसल दर्शा दी। ये किसान अब अपनी असल फसल की त्रुटि ठीक कराने के लिए भटक रहे हैं। जो किसान मंडी पहुंचे हैं, उनका एक दाना सरकार नहीं खरीद पाई है। जबकि भावांतर का भी कुछ निश्चित नहीं है, क्योंकि यह तय नहीं है कि कितने क्विंटल पर किसानों को भावांतर का लाभ मिलेगा और कितना बाजरा एजेंसी खरीदेंगी। अभी तक मंडी में जहां तक नजर दौड़ाएं केवल बाजरा की ढेरियां हैं, खरीद एक ढेरी का भी नहीं हुआ है।
गेट पर ताला लगाने के बावजूद नहीं पहुंचे अधिकारी
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे भिवानी मंडी के गेट पर किसानों ने ताला जड़ दिया और वहीं पर नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने खरीद नहीं होने से करीब घंटे भर मंडी का गेट बंद रखा और हंगामा किया। मगर इस बीच कोई भी प्रशासनिक अधिकारी वहां नहीं पहुंचा। मंडी के अधिकारी किसानों के गेट पास और उनकी फसल को उतरवाने की व्यवस्था बनाते रहे, मगर प्रशासन व खरीद एजेंसियों ने वहां आना भी जरूरी नहीं समझा। बाद में विधायक ने पहुंचकर किसानों को समझाया और ताला खुलवाया।
वीरवार को आवक हुए बाजरे के लिए नहीं मंडी में जगह
भिवानी मुख्यालय की मंडी में अब तक 50 हजार क्विंटल बाजरा पड़ा है। जिसकी खरीद तक नहीं हुई है। वीरवार को किसान 15 से 20 हजार क्विंटल बाजरा लेकर आने की संभावना है। जिनके लिए यहां मंडी में फसल उतारने तक के लिए जगह नहीं है। ऐसे में आढ़ति भी किसानों को खरीद शुरू नहीं होने तक बाजरा मंडी नहीं लाने का अनुरोध कर रहे हैं। वहीं मंडी के तीनों प्लेटफार्म बाजरा की ढेरियों से अटे पड़े हैं, जहां पैर रखने तक की जगह नहीं है।
अब वेयर हाउस करेगी भिवानी मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद
भिवानी मंडी में अब वेयर हाउस किसानों का बाजरा खरीद करेगी। पहले भिवानी मंडी में हैफेड को बाजरा खरीद की जिम्मेदारी दी गई थी। अब वीरवार से वेयर हाउस किसानों का बाजरा खरीद करती है या फिर खरीद के लिए इंतजार करना पड़ेगा। इसी को लेकर किसान भी असमंजस में हैं। किसानों का कहना है कि सरकार ने अभी तक जिले में 11 मंडियां तो निश्चित कर दी, लेकिन मुख्यालय की मंडी में यह तय नहीं किया कि आखिर कौन सी एजेंसी किसानों का बाजरा खरीद करेगी। ग्रामीण मंडियों में तो अभी बाजरा की खरीद ही शुरू नहीं हुई है।
हरियाणा सरकार ने किसानों के बाजरे की सरकारी खरीद और भावांतर का लाभ देने की घोषणा की है। किसानों के बाजरे के एक-एक दाने की खरीद होगी या उन्हें भावांतर का लाभ मिलेगा। भिवानी मंडी में मैंने खुद किसानों से बात की है, उनकी समस्याओं का जाना है। इस संबंध में मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द बाजरा की खरीद कराएं और किसी भी तरह से किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाए।
-घनश्याम सर्राफ, भाजपा विधायक, भिवानी।