{"_id":"6253266c9a615612e95aa30f","slug":"np-receipt-scam-there-was-no-problem-in-the-registry-so-property-id-and-solid-waste-used-to-give-fake-and-real-receipt-for-development-charge-bhiwani-news-hsr628807944","type":"story","status":"publish","title_hn":"नप रसीद घोटाला : रजिस्ट्री में दिक्कत न आए इसलिए प्रॉपर्टी आईडी और सॉलिड वेस्ट की फर्जी और डेवलपमेंट चार्ज की देते थे असल रसीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नप रसीद घोटाला : रजिस्ट्री में दिक्कत न आए इसलिए प्रॉपर्टी आईडी और सॉलिड वेस्ट की फर्जी और डेवलपमेंट चार्ज की देते थे असल रसीद
विज्ञापन
भिवानी। नगर परिषद में चेक के बाद सामने आए रसीद घोटाले के मुख्य आरोपी रजनीश को पुलिस की इकनोमिक्स सेल ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रजनीश के बयान के बाद पुलिस ने कराटे कोच हरीश सैनी को भी गिरफ्तार किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि दोनों मिलीभगत से यह खेल चला रहे थे और रजिस्ट्री में दिक्कत न आए इसलिए डेवलपमेंट चार्ज की असल रसीद के साथ प्रॉपर्टी आईडी और सॉलिड वेस्ट की फर्जी रसीद काटकर देते थे। 2017 से यह खेल चल रहा था। पुलिस मामले की जांच में जुटी हैै। आरोपी रजनीश ने बताया कि 2017 में नप में नौकरी के बाद वर्ष 2021 में उन्होंने धोखाधड़ी का खेल शुरू किया। प्राथमिक जांच में कुबूल किया कि अब तक करीब तीन लाख रुपये धोखाधड़ी करके उन्होंने कमाये है।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में करोड़ों के चेक घोटाले के दौरान ही रसीद घोटाला भी सामने आया। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन कर रसीद घोटाले की जांच की मांग हुई। समाजसेवी सुशील वर्मा ने पुलिस अधीक्षक को फर्जी रसीद देकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसी मामले में शुक्रवार को शहर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर एक निवर्तमान पार्षद के आरोपी भतीजे रजनीश को गिरफ्तार किया। जिसे रविवार का कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया। इस दौरान आरोपी ने अपने एक साथी कराटे कोच हरीश सैनी का नाम लिया। पुलिस ने आरोपी हरीश सैनी को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
रजिस्ट्री में दिक्कत न आए, इसलिए देते थे ऑरिजनल डेवलपमेंट चार्ज रसीद
पुलिस की प्राथमिक जांच में आरोपी रजनीश ने खुलासा किया कि वह 2017 में नगर परिषद में कुछ दिन के लिए अनुबंध आधार पर नौकरी लगा था। इसी दौरान उसकी नगर परिषद से बाहर एक दुकान पर कराटे कोच हरीश सैनी से मुलाकात हुई। इसके बाद उन्होंने फर्जी रसीद का खेल शुरू किया। लोगों को रजिस्ट्री में किसी तरह की दिक्कत न आए और उनके फर्जी रसीद के खेल का खुलासा न हो इसके लिए वे डेवलपमेंट चार्ज की असली रसीद देते थे। मगर इसके साथ पीआईडी और सॉलिड वेस्ट की फर्जी रसीद देते थे। टैक्स की भी फर्जी रसीद दी जाती थी।
विज्ञापन
पकड़े जाने के डर से हार्ड डिस्क कराई फोरमेट
रसीद घोटाला उठा तो पकड़े जाने के डर से बचाव के लिए लैपटॉप की दो हार्ड डिस्क में फोरमेट करवा दिया। हालांकि इस दौरान लैपटॉप तेजी से चले, इसके लिए अन्य उपकरण भी डलवाए। पुलिस ने आरोपी हरीश सैनी के कब्जे से लैपटॉप और प्रिंटर बरामद किए हैं। रविवार को दोनों आरोपियों को साथ लेकर पुलिस इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट स्थित एक कंप्यूटर रिपेयरिंग दुकान पर पहुंची। जहां से हार्ड डिस्क बरामद की गई।
लॉकडाउन में बंद हुई एकेडमी तो शुरू की धोखाधड़ी
कराटे कोच हरीश सैनी की हनुमान ढाणी में कोचिंग एकेडमी थी। जहां काफी बच्चे भी सीखने आते थे। मगर लॉकडाउन में अच्छी चल रही एकेडमी पर ताला लग गया। जिस कारण बेराजगार हुए हरीश सैनी के समक्ष आर्थिक संकट भी गहरा गया। यहीं पर उसने निवर्तमान पार्षद के भतीजे रजनीश के साथ मिलकर धोखाधड़ी का खेल शुरू किया।
फर्जी रसीद मामले में आरोपी रजनीश और उसके साथी हरीश को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच कर रहे है। आरोपियों ने फर्जीवाड़ा कुबूला है। अभी जांच के बाद ही पूरी तरह स्थिति स्पष्ट होगी। - अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में करोड़ों के चेक घोटाले के दौरान ही रसीद घोटाला भी सामने आया। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन कर रसीद घोटाले की जांच की मांग हुई। समाजसेवी सुशील वर्मा ने पुलिस अधीक्षक को फर्जी रसीद देकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसी मामले में शुक्रवार को शहर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर एक निवर्तमान पार्षद के आरोपी भतीजे रजनीश को गिरफ्तार किया। जिसे रविवार का कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया। इस दौरान आरोपी ने अपने एक साथी कराटे कोच हरीश सैनी का नाम लिया। पुलिस ने आरोपी हरीश सैनी को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
रजिस्ट्री में दिक्कत न आए, इसलिए देते थे ऑरिजनल डेवलपमेंट चार्ज रसीद
पुलिस की प्राथमिक जांच में आरोपी रजनीश ने खुलासा किया कि वह 2017 में नगर परिषद में कुछ दिन के लिए अनुबंध आधार पर नौकरी लगा था। इसी दौरान उसकी नगर परिषद से बाहर एक दुकान पर कराटे कोच हरीश सैनी से मुलाकात हुई। इसके बाद उन्होंने फर्जी रसीद का खेल शुरू किया। लोगों को रजिस्ट्री में किसी तरह की दिक्कत न आए और उनके फर्जी रसीद के खेल का खुलासा न हो इसके लिए वे डेवलपमेंट चार्ज की असली रसीद देते थे। मगर इसके साथ पीआईडी और सॉलिड वेस्ट की फर्जी रसीद देते थे। टैक्स की भी फर्जी रसीद दी जाती थी।
विज्ञापन
पकड़े जाने के डर से हार्ड डिस्क कराई फोरमेट
रसीद घोटाला उठा तो पकड़े जाने के डर से बचाव के लिए लैपटॉप की दो हार्ड डिस्क में फोरमेट करवा दिया। हालांकि इस दौरान लैपटॉप तेजी से चले, इसके लिए अन्य उपकरण भी डलवाए। पुलिस ने आरोपी हरीश सैनी के कब्जे से लैपटॉप और प्रिंटर बरामद किए हैं। रविवार को दोनों आरोपियों को साथ लेकर पुलिस इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट स्थित एक कंप्यूटर रिपेयरिंग दुकान पर पहुंची। जहां से हार्ड डिस्क बरामद की गई।
लॉकडाउन में बंद हुई एकेडमी तो शुरू की धोखाधड़ी
कराटे कोच हरीश सैनी की हनुमान ढाणी में कोचिंग एकेडमी थी। जहां काफी बच्चे भी सीखने आते थे। मगर लॉकडाउन में अच्छी चल रही एकेडमी पर ताला लग गया। जिस कारण बेराजगार हुए हरीश सैनी के समक्ष आर्थिक संकट भी गहरा गया। यहीं पर उसने निवर्तमान पार्षद के भतीजे रजनीश के साथ मिलकर धोखाधड़ी का खेल शुरू किया।
फर्जी रसीद मामले में आरोपी रजनीश और उसके साथी हरीश को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच कर रहे है। आरोपियों ने फर्जीवाड़ा कुबूला है। अभी जांच के बाद ही पूरी तरह स्थिति स्पष्ट होगी। - अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक