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Bhiwani News: अब मुख्यालय का सिंगल नोडल अकाउंट बदला, 312 ग्राम पंचायतों के नए बैंक में खुलेंगे खाते
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भिवानी। हरियाणा पंचायत एवं विकास विभाग मुख्यालय ने सिंगल नोडल अकाउंट बदल दिया है। इसके बाद भिवानी जिले के 312 ग्राम पंचायतों को भी अब नए बैंक में नए सिरे से खाता खुलवाना होगा। पंचायती राज विभाग की ओर से बैंक बदलने की वजह से जिलेभर में पंचायती राज विभाग में चल रहे विकास कार्यों के कंस्ट्रक्शन एजेंसियों के करोड़ों के भुगतान भी अटक गए हैं।
अब नए बैंक में ग्राम पंचायत सरपंचों और ग्राम सचिवों को भी खाते में केवाईसी करानी होगी। इसके बाद ही मुख्यालय से बजट की ट्रांजेक्शन ग्राम पंचायतों के खाते में हो पाएगी। हरियाणा पंचायत एवं विकास विभाग मुख्यालय ने अपना सिंगल नोडल अकाउंट बदल दिया है। पहले इंडियन बैंक में सिंगल नोडल अकाउंट खुला था। बैंक द्वारा बेहतर सर्विस नहीं देने की वजह से विभाग ने इस बैंक को ही बदल दिया। इसके बाद नोडल खाता इंडस बैंक में खोला गया। इसी के साथ सभी ग्राम पंचायतों को अब इंडियन बैंक से खाता बंद कराकर इंडस बैंक में नया खाता खुलवाने के आदेश हैं।
बैंक में खाता खुलवाने के लिए ग्राम सरपंच और ग्राम सचिव के दस्तावेजों की केवाईसी भी बैंक से करानी अनिवार्य है। इसके बाद ही मुख्यालय के सिंगल नोडल खाते से संबंधित ग्राम पंचायतों के खाते में उनकी लिमिट के अनुसार बजट की राशि ट्रांसफर की जाएगी। ऐसे में अब ग्राम सरपंच और ग्राम सचिव अपने दस्तावेजों से नए बैंक में खाता खुलवाने में जुटे हैं।
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ग्राम पंचायतों में चल रहे हैं विकास के काम
भिवानी जिले की 312 ग्राम पंचायतों में पांच लाख और पांच लाख से अधिक बजट के काम चल रहे हैं। अधिकांश गांवों में तो ई-टेंडरिंग से विकास कार्यों का काम किया जा रहा है। जबकि ग्राम पंचायत अपने स्तर पर भी छोटे मोटे विकास के काम करा रही हैं। ऐसे में इन विकास कार्यों की संबंधित एजेंसियों को भुगतान में बैंक का खाता बदली होने से दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि नए बैंक में जब तक सरपंच और ग्राम सचिव के दस्तावेजों से केवाईसी नहीं हो जाती तब तक न तो मुख्यालय से बजट आएगा और न ही ऑनलाइन कार्यों का भुगतान संभव हो पाएगा। कई ग्राम पंचायतों के खाते में लाखों तो कई ग्राम पंचायतों के खाते में करोड़ों का बजट पड़ा है। इन खातों को अचानक बंद कराना भी संभव नहीं है। जबकि विभाग के आदेश के अनुसार ग्राम पंचायतों को नए बैंक में खाता खुलवाना भी अनिवार्य हो गया है।
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पंचायत एवं विकास विभाग मुख्यालय में पहले सिंगल नोडल खाता इंडियन बैंक में खुला था। बैंक की ओर से बेहतर सर्विस नहीं देने की वजह से अब इंडस बैंक में खाता खोला गया है। सभी ग्राम पंचायतों को भी इंडस बैंक में अपने खाता खुलवाने और सरपंच व ग्राम सचिव के दस्तावेजों से केवाईसी कराए जाने के आदेश दिए गए हैं। नए खाते में ही नोडल अकाउंट से ग्राम पंचायतों को उनकी लिमिट के हिसाब से बजट स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद ही संबंधित विकास कार्यों का ग्राम पंचायतें भुगतान कर पाएंगी।
-रवींद्र दलाल, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी भिवानी।
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अब नए बैंक में ग्राम पंचायत सरपंचों और ग्राम सचिवों को भी खाते में केवाईसी करानी होगी। इसके बाद ही मुख्यालय से बजट की ट्रांजेक्शन ग्राम पंचायतों के खाते में हो पाएगी। हरियाणा पंचायत एवं विकास विभाग मुख्यालय ने अपना सिंगल नोडल अकाउंट बदल दिया है। पहले इंडियन बैंक में सिंगल नोडल अकाउंट खुला था। बैंक द्वारा बेहतर सर्विस नहीं देने की वजह से विभाग ने इस बैंक को ही बदल दिया। इसके बाद नोडल खाता इंडस बैंक में खोला गया। इसी के साथ सभी ग्राम पंचायतों को अब इंडियन बैंक से खाता बंद कराकर इंडस बैंक में नया खाता खुलवाने के आदेश हैं।
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बैंक में खाता खुलवाने के लिए ग्राम सरपंच और ग्राम सचिव के दस्तावेजों की केवाईसी भी बैंक से करानी अनिवार्य है। इसके बाद ही मुख्यालय के सिंगल नोडल खाते से संबंधित ग्राम पंचायतों के खाते में उनकी लिमिट के अनुसार बजट की राशि ट्रांसफर की जाएगी। ऐसे में अब ग्राम सरपंच और ग्राम सचिव अपने दस्तावेजों से नए बैंक में खाता खुलवाने में जुटे हैं।
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ग्राम पंचायतों में चल रहे हैं विकास के काम
भिवानी जिले की 312 ग्राम पंचायतों में पांच लाख और पांच लाख से अधिक बजट के काम चल रहे हैं। अधिकांश गांवों में तो ई-टेंडरिंग से विकास कार्यों का काम किया जा रहा है। जबकि ग्राम पंचायत अपने स्तर पर भी छोटे मोटे विकास के काम करा रही हैं। ऐसे में इन विकास कार्यों की संबंधित एजेंसियों को भुगतान में बैंक का खाता बदली होने से दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि नए बैंक में जब तक सरपंच और ग्राम सचिव के दस्तावेजों से केवाईसी नहीं हो जाती तब तक न तो मुख्यालय से बजट आएगा और न ही ऑनलाइन कार्यों का भुगतान संभव हो पाएगा। कई ग्राम पंचायतों के खाते में लाखों तो कई ग्राम पंचायतों के खाते में करोड़ों का बजट पड़ा है। इन खातों को अचानक बंद कराना भी संभव नहीं है। जबकि विभाग के आदेश के अनुसार ग्राम पंचायतों को नए बैंक में खाता खुलवाना भी अनिवार्य हो गया है।
पंचायत एवं विकास विभाग मुख्यालय में पहले सिंगल नोडल खाता इंडियन बैंक में खुला था। बैंक की ओर से बेहतर सर्विस नहीं देने की वजह से अब इंडस बैंक में खाता खोला गया है। सभी ग्राम पंचायतों को भी इंडस बैंक में अपने खाता खुलवाने और सरपंच व ग्राम सचिव के दस्तावेजों से केवाईसी कराए जाने के आदेश दिए गए हैं। नए खाते में ही नोडल अकाउंट से ग्राम पंचायतों को उनकी लिमिट के हिसाब से बजट स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद ही संबंधित विकास कार्यों का ग्राम पंचायतें भुगतान कर पाएंगी।
-रवींद्र दलाल, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी भिवानी।