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Bhiwani News: अब शहर में पेयजल सुदृढ़ीकरण के 226 करोड़ के डिजाइन पर मुख्यालय की लगी मुहर, अगले सप्ताह तकनीकी मंजूरी संभव
Sun, 30 Mar 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 30 Mar 2025 12:41 AM IST
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शहर में स्थित जलघर ।
भिवानी। शहर के लिए 226 करोड़ की पेयजल सुदृढ़ीकरण की महत्वाकांशी परियोजना के डिजाइन को मंजूरी मिल गई है। इस पर अगले सप्ताह तकनीकी मंजूरी की भी मुहर लग सकती है। अमृत द्वितीय चरण में शहरी दायरे में पेयजल व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने योजना का खाका तैयार कर इसका डिजाइन मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा था।
पहले बनाए गए डिजाइन में तकनीकी खामियां दूर करने के लिए इसे वापस कर दिया था, लेकिन दूसरे प्रयास में इसके डिजाइन को मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब शहर के अंदर दस एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, दो नए वाटर स्टोरेज टैंक बनाने, तीन नए बूस्टिंग स्टेशनों के निर्माण के साथ पूरे शहर में सौ किलोमीटर दायरे में नई पाइप लाइन डालने का रास्ता भी साफ हो गया।
चार दशक पुरानी एसी पाइप लाइन को भी हटाकर उसकी जगह डीआई पाइप लाइन डाली जाएगी। शहरी दायरे के बाहर करीब 25 कॉलोनियों में भी पहली बार पानी की लाइन पहुंचेगी।
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जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से अमृत द्वितीय चरण के अंतर्गत पूरे शहर की पेयजल व्यवस्था का खाका तैयार किया गया था। इसके बाद इसके सुदृढ़ीकरण को लेकर अधिकारियों ने डिजाइन तैयार किया और उसे मुख्यालय भेज दिया। इस डिजाइन पर अब मुख्यालय के अधिकारियों की मोहर लग चुकी है। इसके बाद अब इसे तकनीकी मंजूरी के लिए भेजा गया है। अगले सप्ताह इसे तकनीकी मंजूरी मिलने की संभावना है।
इसके बाद ही इसे सरकार के पास प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। प्रशासनिक मंजूरी के बाद ही पूरे शहर के अंदर पेयजल लाइन डालने, बूस्टर निर्माण और बूस्टरों की पुरानी मशीनरी को बदलने के कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर कराकर काम शुरू कराए जाएंगे। इसी साल मध्य में अमृत द्वितीय चरण के तहत पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ीकरण का काम शुरू होने की भी संभावना है। संवाद
पुराना जलघर में चार नए बिजली ट्रांसफार्मर और चार नए डीजी सेट लगेंगे
जलघर में पानी भंडारण और मशीनरी की क्षमता बढ़ाने के साथ ही बिजली और बिजली का बैकअप की क्षमता का भी विस्तार होगा। इसके लिए चार नए बिजली ट्रांसफार्मर और चार नए डीजी सेट यानी डीजल से चलने वाले जनरेटर लगेंगे। बिजली जाने पर पंपिंग स्टेशन की मशीनों को चलाने के लिए इसका प्रयोग होगा। इसी के साथ पुराना जलघर में पंप के दस नए सेट भी लगेंगे। जो साढ़े तीन सौ एचपी क्षमता के होंगे।
दो नए टैंक निर्माण के बाद शहर में 40 दिन आपूर्ति में मिल सकेगा पानी
पुराने जलघर में चार पुराने टैंकों को तोड़कर दो नए आधुनिक टैंक भी बनेंगे। इनके बनने के बाद पुराने शहर में 40 दिन पेयजल आपूर्ति कर पाना संभव होगा। फिलहाल एक बार नहर में पानी आने पर केवल 25 से 30 ही आपूर्ति में काम चल पाता है। जलघर के टैंकों की पानी भंडारण क्षमता भी करीब तीन से चार गुना हो जाएगी।
लोहड़, कृष्णा कॉलोनी और उत्तम नगर में बनेंगे नए पानी के बूस्टर
शहर के अंदर तीन नए बूस्टरों का भी निर्माण किया जाएगा। इसमें लोहड़ बाजार, कृष्णा कॉलोनी और उत्तम नगर में नया बूस्टर निर्माण होगा। इन बूस्टरों को भी मंजूरी मिल चुकी है। नए बूस्टर बनने के साथ ही शहर के अंदर पेयजल आपूर्ति के जोन भी 12 से बढ़कर 30 से अधिक हो जाएंगे। प्रत्येक जोन की पेयजल आपूर्ति के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नया शेड्यूल भी बनाएगा और टेल तक के इलाकों के अलावा नई कॉलोनियों में भी पीने का पानी पहुंचेगा।
चार दशक पुराने एसी पाइप हटेंगे, डीआई पाइप डलेंगे
अमृत द्वितीय चरण में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ीकरण में पूरे शहर के अंदर पाइप लाइनों का नया सिस्टम किया जाएगा। चार दशक पुराने एसी पाइपों को हटाया जाएगा। इनकी जगह डीआई पाइप डाली जाएगी। उन चिह्नित कॉलोनियों में भी पानी की लाइन डाली जाएगी। जिसे अधिकारियों ने डिजाइन की ड्राइंग में शामिल किया है। करीब 25 से अधिक कॉलोनियों में घरों तक पेयजल लाइन डालने का भी खाका तैयार हो चुका है।
बूस्टरों के भी बदलेंगे चैंबर
शहरी दायरे के अंदर बूस्टरों के चैंबर और उनकी मशीनरी का भी नवीनीकरण होगा। इस कार्य के लिए 35 से 40 साल पुराने पंप पूरी तरह से बदल दिए जाएंगे। जिन पंपों की रिपेयरिंग की जरूरत होगी। उन्हें पुन: दुरुस्त कराया जाएगा। नहरी पानी को जलघर से बूस्टरों तक पहुंचाने की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव होगा। जिससे पानी की लाइनों में पहले से ज्यादा प्रेशर बनेगा और टेल व दूर तक के इलाके तक पीने का पानी पहुंचेगा।
अमृत द्वितीय चरण में शहरी दायरे में पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद इस पर जल्द से जल्द तकनीकी मंजूरी और दिलाई जाएगी। जिसकी प्रक्रिया चल रही है। शहर के अंदर पेयजल लाइनों की लीकेज, गंदे पानी की आपूर्ति सहित टेल तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या का स्थायी निदान होगा। नया इलाका भी पेयजल लाइन के दायरे में आएगा।
-सूरज प्रकाश जैन, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
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पहले बनाए गए डिजाइन में तकनीकी खामियां दूर करने के लिए इसे वापस कर दिया था, लेकिन दूसरे प्रयास में इसके डिजाइन को मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब शहर के अंदर दस एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, दो नए वाटर स्टोरेज टैंक बनाने, तीन नए बूस्टिंग स्टेशनों के निर्माण के साथ पूरे शहर में सौ किलोमीटर दायरे में नई पाइप लाइन डालने का रास्ता भी साफ हो गया।
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चार दशक पुरानी एसी पाइप लाइन को भी हटाकर उसकी जगह डीआई पाइप लाइन डाली जाएगी। शहरी दायरे के बाहर करीब 25 कॉलोनियों में भी पहली बार पानी की लाइन पहुंचेगी।
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जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से अमृत द्वितीय चरण के अंतर्गत पूरे शहर की पेयजल व्यवस्था का खाका तैयार किया गया था। इसके बाद इसके सुदृढ़ीकरण को लेकर अधिकारियों ने डिजाइन तैयार किया और उसे मुख्यालय भेज दिया। इस डिजाइन पर अब मुख्यालय के अधिकारियों की मोहर लग चुकी है। इसके बाद अब इसे तकनीकी मंजूरी के लिए भेजा गया है। अगले सप्ताह इसे तकनीकी मंजूरी मिलने की संभावना है।
इसके बाद ही इसे सरकार के पास प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। प्रशासनिक मंजूरी के बाद ही पूरे शहर के अंदर पेयजल लाइन डालने, बूस्टर निर्माण और बूस्टरों की पुरानी मशीनरी को बदलने के कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर कराकर काम शुरू कराए जाएंगे। इसी साल मध्य में अमृत द्वितीय चरण के तहत पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ीकरण का काम शुरू होने की भी संभावना है। संवाद
पुराना जलघर में चार नए बिजली ट्रांसफार्मर और चार नए डीजी सेट लगेंगे
जलघर में पानी भंडारण और मशीनरी की क्षमता बढ़ाने के साथ ही बिजली और बिजली का बैकअप की क्षमता का भी विस्तार होगा। इसके लिए चार नए बिजली ट्रांसफार्मर और चार नए डीजी सेट यानी डीजल से चलने वाले जनरेटर लगेंगे। बिजली जाने पर पंपिंग स्टेशन की मशीनों को चलाने के लिए इसका प्रयोग होगा। इसी के साथ पुराना जलघर में पंप के दस नए सेट भी लगेंगे। जो साढ़े तीन सौ एचपी क्षमता के होंगे।
दो नए टैंक निर्माण के बाद शहर में 40 दिन आपूर्ति में मिल सकेगा पानी
पुराने जलघर में चार पुराने टैंकों को तोड़कर दो नए आधुनिक टैंक भी बनेंगे। इनके बनने के बाद पुराने शहर में 40 दिन पेयजल आपूर्ति कर पाना संभव होगा। फिलहाल एक बार नहर में पानी आने पर केवल 25 से 30 ही आपूर्ति में काम चल पाता है। जलघर के टैंकों की पानी भंडारण क्षमता भी करीब तीन से चार गुना हो जाएगी।
लोहड़, कृष्णा कॉलोनी और उत्तम नगर में बनेंगे नए पानी के बूस्टर
शहर के अंदर तीन नए बूस्टरों का भी निर्माण किया जाएगा। इसमें लोहड़ बाजार, कृष्णा कॉलोनी और उत्तम नगर में नया बूस्टर निर्माण होगा। इन बूस्टरों को भी मंजूरी मिल चुकी है। नए बूस्टर बनने के साथ ही शहर के अंदर पेयजल आपूर्ति के जोन भी 12 से बढ़कर 30 से अधिक हो जाएंगे। प्रत्येक जोन की पेयजल आपूर्ति के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नया शेड्यूल भी बनाएगा और टेल तक के इलाकों के अलावा नई कॉलोनियों में भी पीने का पानी पहुंचेगा।
चार दशक पुराने एसी पाइप हटेंगे, डीआई पाइप डलेंगे
अमृत द्वितीय चरण में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ीकरण में पूरे शहर के अंदर पाइप लाइनों का नया सिस्टम किया जाएगा। चार दशक पुराने एसी पाइपों को हटाया जाएगा। इनकी जगह डीआई पाइप डाली जाएगी। उन चिह्नित कॉलोनियों में भी पानी की लाइन डाली जाएगी। जिसे अधिकारियों ने डिजाइन की ड्राइंग में शामिल किया है। करीब 25 से अधिक कॉलोनियों में घरों तक पेयजल लाइन डालने का भी खाका तैयार हो चुका है।
बूस्टरों के भी बदलेंगे चैंबर
शहरी दायरे के अंदर बूस्टरों के चैंबर और उनकी मशीनरी का भी नवीनीकरण होगा। इस कार्य के लिए 35 से 40 साल पुराने पंप पूरी तरह से बदल दिए जाएंगे। जिन पंपों की रिपेयरिंग की जरूरत होगी। उन्हें पुन: दुरुस्त कराया जाएगा। नहरी पानी को जलघर से बूस्टरों तक पहुंचाने की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव होगा। जिससे पानी की लाइनों में पहले से ज्यादा प्रेशर बनेगा और टेल व दूर तक के इलाके तक पीने का पानी पहुंचेगा।
अमृत द्वितीय चरण में शहरी दायरे में पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद इस पर जल्द से जल्द तकनीकी मंजूरी और दिलाई जाएगी। जिसकी प्रक्रिया चल रही है। शहर के अंदर पेयजल लाइनों की लीकेज, गंदे पानी की आपूर्ति सहित टेल तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या का स्थायी निदान होगा। नया इलाका भी पेयजल लाइन के दायरे में आएगा।
-सूरज प्रकाश जैन, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।