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Bhiwani News: अब जुलाई तक भिवानी हवाई पट्टी पर बनकर तैयार होगा हैंगर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर
Sat, 08 Feb 2025 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 08 Feb 2025 10:31 PM IST
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चौधरी बंसीलाल एरोड्रम पर खड़ा एयरक्राफ्ट।
भिवानी। भिवानी-महम मुख्य मार्ग पर शहर से मात्र छह किलोमीटर दूर गांव कालुवास के समीप चौधरी बंसीलाल हवाई पट्टी पर जुलाई तक हैंगर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर के अलावा गार्ड रूम व कैफीट एरिया तैयार कर दिया जाएगा। इन सभी चारों के लिए अलग-अलग भवन तैयार किए जा रहे हैं, जिसका करीब 80 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है।
इसके बनने के बाद हवाई यातायात को नियंत्रित करना आसान होगा। इतना ही नहीं विमानों की स्थिति, गति और ऊंचाई की निगरानी भी संभव होगी। साथ ही हवाई सफर के दौरान पायलट से रेडियो के जरिये संवाद किया सकेगा। वहीं हैंगर निर्माण कार्य के बाद यहां पर एयरक्राफ्ट व छोटे विमानों का रखरखाव भी बेहतर होगा।
पीडब्ल्यूडी ने जून 2024 में 9 करोड़ 40 लाख के बजट से हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के तहत हैंगर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, कैफीट एरिया व गार्ड रूम निर्माण का काम एजेंसी को अलॉट किया था। इस कार्य को जुलाई 2025 तक पूरा किया जाना है। फिलहाल 80 फीसदी निर्माण का काम पूरा हो चुका है।
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हवाई पट्टी विस्तारीकरण के प्रथम चरण के दौरान 1070 मीटर के रनवे को बढ़ाकर 1260 मीटर लंबाई तक विस्तार दिए जाने का काम पूरा हो चुका है। इस रनवे पर अब छोटे हवाई जहाज व एयरक्राफ्ट के अलावा मध्यम दर्जे के विमान भी उतारे जा सकते हैं।
हालांकि हवाई पट्टी को कंटेनर टर्मिनल में विकसित करने की प्रारंभिक सभी मूलभूत सुविधाएं यहां उपलब्ध कराई गई हैं, अगर कार्गो टर्मिनल की डीपीआर तैयार होती है तो आने वाले समय में यहां मालवाहक विमान भी उतारे जा सकते हैं। संवाद
इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कीमती वस्तुओं का आयात होगा आसान : भानुप्रकाश शर्मा
व्यापार की केंद्रीय मंडी दिल्ली है। अगर भिवानी की हवाई पट्टी पर मालवाहक विमानों का ठहराव की सुविधा मिलती है तो फिर यहां के व्यापारियों को भी फायदा मिलेगा। क्योंकि अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के अलावा कीमती वस्तुओं का आयात बाहर से ही होता है। ये माल आने में दस से 15 दिन तक लग जाते हैं। एक तो व्यापारियों को जल्दी सामान मिलेगा और आयात भी सस्ता पड़ेगा। भिवानी जैसे पिछड़े क्षेत्र में ये सुविधा बढ़ने से जिले का विकास भी तेजी से होगा।
- भानुप्रकाश शर्मा, अध्यक्ष, नगर व्यापार मंडल, भिवानी।
हवाई पट्टी के ईद गिर्द फैला है नेशनल हाईवे का जाल
गांव गुजरानी की भूमि पर बनी हवाई पट्टी के इर्द गिर्द अब नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे भी है। यहां से थोड़ी दूर ही एनएच-9, एनएच-148बी और एनएच-709ए लगते हैं। बाईपास के जरिये भी ये मार्ग आपस में जोड़े जा रहे हैं। कंटेनर टर्मिनल विकसित करने की सूरत में माल ढुलाई में आसानी होगी।
ट्रेनिंग स्कूल में तैयार हो रहे हैं भावी पायलट
हवाई पट्टी पर फिलहाल गुरुग्राम की एफएसटीसी का फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल चल रहा है। जहां भावी पायलट तैयार किए जा रहे हैं। ये पायलट यहां 200 घंटे तक एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव लेने के बाद विभिन्न कंपनियों के विमान उड़ाने के काबिल भी बन जाएंगे। ट्रेनिंग देने के लिए भी यहां पांच से छह एयरक्राफ्ट हैं। हैंगर बनने के बाद यहां विमानों को सुरक्षित रखने का भी दायरा बढ़ जाएगा।
डेढ़ करोड़ से चल रहा वाटर टैंक और चैंबर निर्माण का काम
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से हवाई पट्टी परिसर में डेढ़ करोड़ की लागत से नए वाटर टैंक, फिल्टर और चैंबर निर्माण का काम चल रहा है। करीब सालभर से ये काम चल रहा है। करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। हवाई पट्टी परिसर में पेयजल आपूर्ति के लिए यहां करीब डेढ़ किलोमीटर दायरे में गुजरानी पंप हाउस से नहरी पानी की आपूर्ति के लिए लाइन भी डाली जाएगी। इसके लिए अभी पाइप डालने का काम बाकी है। यहां के लिए अलग से बड़ा ट्रांसफार्मर और पावर सिस्टम भी लगाया हुआ है। आने वाले समय में यहां के लिए अलग से 33 केवी सब स्टेशन का निर्माण भी प्रस्तावित है।
कार्गो टर्मिनल बनने से तेजी से होगा क्षेत्र का विकास : कपूर सिंह वाल्मीकि
बवानीखेड़ा क्षेत्र के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में ये हवाई पट्टी आती है। यहां पर कार्गो टर्मिनल बनता है तो तेजी से इलाके का विकास होगा। बवानीखेड़ा बेहद पिछड़ा क्षेत्र है। पूरे जिले के लिए ये कदम विकास के नए रास्ते खोल देगा। विधानसभा में भी हवाई पट्टी को विकसित कर यहां माल वाहक विमानों के लिए व्यवस्था कराने का मुद्दा उठाया जाएगा। इसमें हरियाणा सरकार की तरफ से भी सकारात्मक कदम उठाए जाने की हर संभव कोशिश रहेगी।
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इसके बनने के बाद हवाई यातायात को नियंत्रित करना आसान होगा। इतना ही नहीं विमानों की स्थिति, गति और ऊंचाई की निगरानी भी संभव होगी। साथ ही हवाई सफर के दौरान पायलट से रेडियो के जरिये संवाद किया सकेगा। वहीं हैंगर निर्माण कार्य के बाद यहां पर एयरक्राफ्ट व छोटे विमानों का रखरखाव भी बेहतर होगा।
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पीडब्ल्यूडी ने जून 2024 में 9 करोड़ 40 लाख के बजट से हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के तहत हैंगर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, कैफीट एरिया व गार्ड रूम निर्माण का काम एजेंसी को अलॉट किया था। इस कार्य को जुलाई 2025 तक पूरा किया जाना है। फिलहाल 80 फीसदी निर्माण का काम पूरा हो चुका है।
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हवाई पट्टी विस्तारीकरण के प्रथम चरण के दौरान 1070 मीटर के रनवे को बढ़ाकर 1260 मीटर लंबाई तक विस्तार दिए जाने का काम पूरा हो चुका है। इस रनवे पर अब छोटे हवाई जहाज व एयरक्राफ्ट के अलावा मध्यम दर्जे के विमान भी उतारे जा सकते हैं।
हालांकि हवाई पट्टी को कंटेनर टर्मिनल में विकसित करने की प्रारंभिक सभी मूलभूत सुविधाएं यहां उपलब्ध कराई गई हैं, अगर कार्गो टर्मिनल की डीपीआर तैयार होती है तो आने वाले समय में यहां मालवाहक विमान भी उतारे जा सकते हैं। संवाद
इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कीमती वस्तुओं का आयात होगा आसान : भानुप्रकाश शर्मा
व्यापार की केंद्रीय मंडी दिल्ली है। अगर भिवानी की हवाई पट्टी पर मालवाहक विमानों का ठहराव की सुविधा मिलती है तो फिर यहां के व्यापारियों को भी फायदा मिलेगा। क्योंकि अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के अलावा कीमती वस्तुओं का आयात बाहर से ही होता है। ये माल आने में दस से 15 दिन तक लग जाते हैं। एक तो व्यापारियों को जल्दी सामान मिलेगा और आयात भी सस्ता पड़ेगा। भिवानी जैसे पिछड़े क्षेत्र में ये सुविधा बढ़ने से जिले का विकास भी तेजी से होगा।
- भानुप्रकाश शर्मा, अध्यक्ष, नगर व्यापार मंडल, भिवानी।
हवाई पट्टी के ईद गिर्द फैला है नेशनल हाईवे का जाल
गांव गुजरानी की भूमि पर बनी हवाई पट्टी के इर्द गिर्द अब नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे भी है। यहां से थोड़ी दूर ही एनएच-9, एनएच-148बी और एनएच-709ए लगते हैं। बाईपास के जरिये भी ये मार्ग आपस में जोड़े जा रहे हैं। कंटेनर टर्मिनल विकसित करने की सूरत में माल ढुलाई में आसानी होगी।
ट्रेनिंग स्कूल में तैयार हो रहे हैं भावी पायलट
हवाई पट्टी पर फिलहाल गुरुग्राम की एफएसटीसी का फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल चल रहा है। जहां भावी पायलट तैयार किए जा रहे हैं। ये पायलट यहां 200 घंटे तक एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव लेने के बाद विभिन्न कंपनियों के विमान उड़ाने के काबिल भी बन जाएंगे। ट्रेनिंग देने के लिए भी यहां पांच से छह एयरक्राफ्ट हैं। हैंगर बनने के बाद यहां विमानों को सुरक्षित रखने का भी दायरा बढ़ जाएगा।
डेढ़ करोड़ से चल रहा वाटर टैंक और चैंबर निर्माण का काम
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से हवाई पट्टी परिसर में डेढ़ करोड़ की लागत से नए वाटर टैंक, फिल्टर और चैंबर निर्माण का काम चल रहा है। करीब सालभर से ये काम चल रहा है। करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। हवाई पट्टी परिसर में पेयजल आपूर्ति के लिए यहां करीब डेढ़ किलोमीटर दायरे में गुजरानी पंप हाउस से नहरी पानी की आपूर्ति के लिए लाइन भी डाली जाएगी। इसके लिए अभी पाइप डालने का काम बाकी है। यहां के लिए अलग से बड़ा ट्रांसफार्मर और पावर सिस्टम भी लगाया हुआ है। आने वाले समय में यहां के लिए अलग से 33 केवी सब स्टेशन का निर्माण भी प्रस्तावित है।
कार्गो टर्मिनल बनने से तेजी से होगा क्षेत्र का विकास : कपूर सिंह वाल्मीकि
बवानीखेड़ा क्षेत्र के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में ये हवाई पट्टी आती है। यहां पर कार्गो टर्मिनल बनता है तो तेजी से इलाके का विकास होगा। बवानीखेड़ा बेहद पिछड़ा क्षेत्र है। पूरे जिले के लिए ये कदम विकास के नए रास्ते खोल देगा। विधानसभा में भी हवाई पट्टी को विकसित कर यहां माल वाहक विमानों के लिए व्यवस्था कराने का मुद्दा उठाया जाएगा। इसमें हरियाणा सरकार की तरफ से भी सकारात्मक कदम उठाए जाने की हर संभव कोशिश रहेगी।