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Bhiwani News: तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार मामले की अब एंटी करप्शन ब्यूरो आगे बढ़ाएगा जांच

Thu, 28 Aug 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 28 Aug 2025 12:55 AM IST
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Now the Anti Corruption Bureau will further investigate the corruption case in the Tehsil office
भिवानी। भिवानी तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार के स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) आगे बढ़ाएगा। तीन बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद आखिरकार जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय ने संबंधित रिकॉर्ड एसीबी को सौंपने की तैयारी कर ली है।
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हालांकि एसीबी ने भिवानी तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की जांच के लिए सरकार से मंजूरी मिलते ही उपायुक्त, जिला राजस्व अधिकारी और तहसीलदार को नोटिस भेजकर दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था लेकिन शुरू में अधिकारी टालमटोल करते रहे। अब रिकॉर्ड तैयार कर लिया गया है और जल्द ही एसीबी इसे कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ाएगा।
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सात मई को अमर उजाला समाचार पत्र में ‘कुर्सी सरकारी... उस पर काबिज भ्रष्टाचारी’ शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया गया था। संवाद न्यूज एजेंसी के स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ था कि लंबे समय से रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठे जा रहे थे। स्टिंग के दौरान रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में बाहरी व्यक्ति विजय गुप्ता द्वारा दस्तावेजों की तस्दीक कर सरकारी मोहर लगाते और इसके एवज में रुपये वसूलते वीडियो में कैद हुए। इस खुलासे के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया था।
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जांच की आंच अब उन अधिकारियों तक भी पहुंच रही है जिनकी मिलीभगत से यह खेल सालों से बेरोकटोक चलता रहा। प्रशासनिक जांच से पहले ही तहसील कार्यालय के अधिकारी बदल दिए गए थे मगर अब यह मामला एसीबी हिसार की पुलिस अधीक्षक के पास पहुंच चुका है। एक इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को जांच सौंपी गई है जो इस भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में 60 संदिग्ध रजिस्ट्री से जुड़ा रिकॉर्ड जुटा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन रजिस्ट्री में करोड़ों रुपये का गड़बड़झाला कर सरकार को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है। संवाद

प्रशासनिक स्तर पर भी जारी है जांच
जिला प्रशासन ने भी अपने स्तर पर तहसील कार्यालय के भ्रष्टाचार की जांच शुरू की थी। उपायुक्त ने स्टिंग वीडियो सामने आने के बाद एसडीएम की अध्यक्षता में तीन अधिकारियों की कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। हालांकि एसडीएम ने इस जांच से खुद को अलग कर लिया क्योंकि जिन रजिस्ट्री क्लर्कों के खिलाफ सवाल उठे वे उनके कार्यालय से भी जुड़े रहे हैं। इसके बाद एसडीएम ने डीसी को अनुशंसा भेजी कि जांच सीटीएम से कराई जाए। फिलहाल यह जांच प्रशासनिक स्तर पर भी उलझी हुई है लेकिन एसीबी की जांच उन अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचेगी जिनका तबादला अब अन्य जगह हो चुका है।


उपायुक्त भिवानी व जिला राजस्व अधिकारी भिवानी को पत्र लिखकर मामले से जुड़ा प्रमाणित रिकॉर्ड मांगा गया है। पहले भी हमने तीन बार रिकॉर्ड मुहैया कराने के लिए पत्र और रिमाइंडर भेजे हैं। एक-दो दिन में भिवानी आकर इस मामले से जुड़ा रिकॉर्ड जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर इसकी जांच आगे बढ़ाई जाएगी। - निरीक्षक दलबीर, जांच अधिकारी, एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार



एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से 2018 और 2019 के अलावा लॉकडाउन के समय से जुड़ा राजस्व विभाग का प्रमाणित रिकॉर्ड मांगा गया था। यह रिकॉर्ड अब तैयार कर दिया गया है। अभी तक हमारे पास एसीबी का कोई अधिकारी रिकॉर्ड लेने नहीं आया है। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा और जो भी रिकॉर्ड मांगा जाएगा, उसे उपलब्ध कराया जाएगा। - सुशील शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी, भिवानी
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