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अब पानी बिल का भुगतान के बाद ही बिकेगी प्रॉपर्टी
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पब्लिक हेल्थ कार्यालय में पानी के बिलों के भुगतान को लेकर नए नियमों के लिए लगाया गया बोर्ड। संवाद
- फोटो : Bhiwani
संजय वर्मा
भिवानी। अगर आपका पानी का बिल बकाया है और प्रॉपर्टी बेचने की तैयारी कर रहे हैं तो पहले बकाया पानी बिल का भुगतान करना होगा। उसके बाद ही प्रॉपर्टी बिकेगी। अब शहरी उपभोक्ताओं के पेयजल कनेक्शन के साथ पब्लिक हेल्थ विभाग ने प्रॉपर्टी आईडी भी जोड़ दी है। जिसके जरिये उस प्रॉपर्टी की अगर कोई भी खरीद या बिक्री करता है तो उसमें पानी के बकाया बिल की राशि का तुरंत पता लग जाएगा।
इसके भुगतान के बाद ही पब्लिक हेल्थ विभाग से एनओसी मिलेगी। दरअसल शहरी डिविजन में 60 फीसदी उपभोक्ता पानी के बिलों का भुगतान नहीं कर रहे हैं। मात्र 40 फीसदी उपभोक्ता ही ईमानदारी से बिल भुगतान कर रहे हैं। पब्लिक हेल्थ विभाग ने जुलाई से दिसंबर तक करीब चार करोड़ के पानी बिल भेजे हैं। इनमें कई उपभोक्ताओं के हाथों में तो भारी भरकम बिल भी पहुंचे हैं, क्योंकि सालों से उन्होंने पानी बिल के नाम पर फूटी कोड़ी तक नहीं भरी, अब साल दर साल ब्याज जोड़ने के बाद पानी बिल की राशि भी बढ़ गई है।
भिवानी पेयजल शाखा की शहरी डिविजन में शहरी दायरे के करीब 35 हजार अधिकृत पेयजल उपभोक्ता हैं, जबकि करीब 40 हजार अनधिकृत पेयजल कनेक्शन भी विभाग के लिए सिरदर्द बने हैं। अनधिकृत पेयजल कनेक्शनों के जरिये भी लोग लंबे अर्से से मुफ्त का पानी पी रहे हैं, लेकिन अब इन कनेक्शनों पर भी विभाग की पैनी नजर है। अधिकृत कनेक्शनों में अगर पानी के बिल की राशि बकाया है तो प्रॉपर्टी यानी मकान और संस्थान दोनों की बिक्री करने से पहले इसकी राशि का भुगतान करना पड़ेगा। इसी के बाद उस प्रॉपर्टी को खरीद या बिक्री के दायरे में लाया जा सकेगा। पब्लिक हेल्थ विभाग से भी एनओसी लेनी पड़ेगी। अब तक पब्लिक हेल्थ विभाग पानी के कनेक्शनों पर केवल सामान्य शर्तों को ही लागू करता आ रहा था। अब प्रॉपर्टी आईडी जोड़ने के बाद उपभोक्ताओं की पानी के बिल से जुड़ी डिटेल भी पब्लिक हेल्थ के साथ-साथ पोर्टल पर ऑनलाइन उजागर हो गई है।
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ब्याज सहित भेजा बिल
साल भर तक मुफ्त का पानी पी रहे लोगों के घरों में भी पब्लिक हेल्थ विभाग ने अब बिल भेजे हैं। इन लोगों को भारी भरकम पानी बिल देखकर चिंता हो रही है, क्योंकि लंबे अर्से से बिल की राशि भी भुगतान नहीं कर रहे हैं। इनके बिलों में मूल राशि के साथ ब्याज भी जुड़ गया है। विभाग की ब्याज माफी की कोई योजना भी नहीं हैं और न ही पानी का बिल किस्तों में भुगतान की कोई योजना है।
चार करोड़ के बिलों में अब तक सिर्फ 56 लाख का भुगतान
पब्लिक हेल्थ विभाग की शहरी पेयजल शाखा ने शहरी उपभोक्ताओं को करीब चार करोड़ रुपयों के पानी बिल भेजे हैं, जिनमें अब तक सिर्फ 56 लाख की राशि का ही भुगतान हुआ है। हर साल करीब दो करोड़ के पानी बिलों का भुगतान नहीं होने की वजह से राशि अटक रही है। पब्लिक हेल्थ विभाग जुुलाई से दिसंबर और जनवरी से जून तक साल में दो बार पानी के बिलों का वितरण करता है। छमाही पानी के बिल ही घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को भेजे जाते हैं। इन्हें भरने के लिए भी 15 दिन का समय दिया जाता है।
भूमि की रजिस्ट्री में भी हुआ अनिवार्य विकल्प
भूमि या फिर मकान की रजिस्ट्री कराने के दौरान भी पानी के बिल भुगतान का विकल्प अनिवार्य है, क्योंकि पीआईडी से जुड़ने के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान ही पब्लिक हेल्थ विभाग की एनओसी दर्शायी जाएगी। एनओसी तभी मिलेगी, जब पानी के बकाया बिल का भुगतान विभाग के खाते में हो जाएगा। सीवर कनेक्शन और पानी का बिल एक ही साथ पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा भेजा जाता है। (संवाद)
प्रॉपर्टी खरीद बिक्री के लिए नियम लागू
शहर में जुलाई से दिसंबर तक की बिलिंग हुई है। अब तक विभाग के खाते में 56 लाख की राशि का भुगतान हुआ है। लोग बिल भुगतान के लिए पहुंच रहे हैं। किसी भी प्रॉपर्टी की खरीद बिक्री में बकाया पानी बिल का भुगतान जरूरी हो गया है। विभाग से एनओसी तभी मिलेगी, जब उपभोक्ता की तरफ विभाग का पानी व सीवर बिल की कोई राशि बकाया नहीं है।
-कुनाल जेई, शहरी पेयजल शाखा बिलिंग, पब्लिक हेल्थ विभाग।
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भिवानी। अगर आपका पानी का बिल बकाया है और प्रॉपर्टी बेचने की तैयारी कर रहे हैं तो पहले बकाया पानी बिल का भुगतान करना होगा। उसके बाद ही प्रॉपर्टी बिकेगी। अब शहरी उपभोक्ताओं के पेयजल कनेक्शन के साथ पब्लिक हेल्थ विभाग ने प्रॉपर्टी आईडी भी जोड़ दी है। जिसके जरिये उस प्रॉपर्टी की अगर कोई भी खरीद या बिक्री करता है तो उसमें पानी के बकाया बिल की राशि का तुरंत पता लग जाएगा।
इसके भुगतान के बाद ही पब्लिक हेल्थ विभाग से एनओसी मिलेगी। दरअसल शहरी डिविजन में 60 फीसदी उपभोक्ता पानी के बिलों का भुगतान नहीं कर रहे हैं। मात्र 40 फीसदी उपभोक्ता ही ईमानदारी से बिल भुगतान कर रहे हैं। पब्लिक हेल्थ विभाग ने जुलाई से दिसंबर तक करीब चार करोड़ के पानी बिल भेजे हैं। इनमें कई उपभोक्ताओं के हाथों में तो भारी भरकम बिल भी पहुंचे हैं, क्योंकि सालों से उन्होंने पानी बिल के नाम पर फूटी कोड़ी तक नहीं भरी, अब साल दर साल ब्याज जोड़ने के बाद पानी बिल की राशि भी बढ़ गई है।
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भिवानी पेयजल शाखा की शहरी डिविजन में शहरी दायरे के करीब 35 हजार अधिकृत पेयजल उपभोक्ता हैं, जबकि करीब 40 हजार अनधिकृत पेयजल कनेक्शन भी विभाग के लिए सिरदर्द बने हैं। अनधिकृत पेयजल कनेक्शनों के जरिये भी लोग लंबे अर्से से मुफ्त का पानी पी रहे हैं, लेकिन अब इन कनेक्शनों पर भी विभाग की पैनी नजर है। अधिकृत कनेक्शनों में अगर पानी के बिल की राशि बकाया है तो प्रॉपर्टी यानी मकान और संस्थान दोनों की बिक्री करने से पहले इसकी राशि का भुगतान करना पड़ेगा। इसी के बाद उस प्रॉपर्टी को खरीद या बिक्री के दायरे में लाया जा सकेगा। पब्लिक हेल्थ विभाग से भी एनओसी लेनी पड़ेगी। अब तक पब्लिक हेल्थ विभाग पानी के कनेक्शनों पर केवल सामान्य शर्तों को ही लागू करता आ रहा था। अब प्रॉपर्टी आईडी जोड़ने के बाद उपभोक्ताओं की पानी के बिल से जुड़ी डिटेल भी पब्लिक हेल्थ के साथ-साथ पोर्टल पर ऑनलाइन उजागर हो गई है।
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ब्याज सहित भेजा बिल
साल भर तक मुफ्त का पानी पी रहे लोगों के घरों में भी पब्लिक हेल्थ विभाग ने अब बिल भेजे हैं। इन लोगों को भारी भरकम पानी बिल देखकर चिंता हो रही है, क्योंकि लंबे अर्से से बिल की राशि भी भुगतान नहीं कर रहे हैं। इनके बिलों में मूल राशि के साथ ब्याज भी जुड़ गया है। विभाग की ब्याज माफी की कोई योजना भी नहीं हैं और न ही पानी का बिल किस्तों में भुगतान की कोई योजना है।
चार करोड़ के बिलों में अब तक सिर्फ 56 लाख का भुगतान
पब्लिक हेल्थ विभाग की शहरी पेयजल शाखा ने शहरी उपभोक्ताओं को करीब चार करोड़ रुपयों के पानी बिल भेजे हैं, जिनमें अब तक सिर्फ 56 लाख की राशि का ही भुगतान हुआ है। हर साल करीब दो करोड़ के पानी बिलों का भुगतान नहीं होने की वजह से राशि अटक रही है। पब्लिक हेल्थ विभाग जुुलाई से दिसंबर और जनवरी से जून तक साल में दो बार पानी के बिलों का वितरण करता है। छमाही पानी के बिल ही घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को भेजे जाते हैं। इन्हें भरने के लिए भी 15 दिन का समय दिया जाता है।
भूमि की रजिस्ट्री में भी हुआ अनिवार्य विकल्प
भूमि या फिर मकान की रजिस्ट्री कराने के दौरान भी पानी के बिल भुगतान का विकल्प अनिवार्य है, क्योंकि पीआईडी से जुड़ने के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान ही पब्लिक हेल्थ विभाग की एनओसी दर्शायी जाएगी। एनओसी तभी मिलेगी, जब पानी के बकाया बिल का भुगतान विभाग के खाते में हो जाएगा। सीवर कनेक्शन और पानी का बिल एक ही साथ पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा भेजा जाता है। (संवाद)
प्रॉपर्टी खरीद बिक्री के लिए नियम लागू
शहर में जुलाई से दिसंबर तक की बिलिंग हुई है। अब तक विभाग के खाते में 56 लाख की राशि का भुगतान हुआ है। लोग बिल भुगतान के लिए पहुंच रहे हैं। किसी भी प्रॉपर्टी की खरीद बिक्री में बकाया पानी बिल का भुगतान जरूरी हो गया है। विभाग से एनओसी तभी मिलेगी, जब उपभोक्ता की तरफ विभाग का पानी व सीवर बिल की कोई राशि बकाया नहीं है।
-कुनाल जेई, शहरी पेयजल शाखा बिलिंग, पब्लिक हेल्थ विभाग।