{"_id":"6605b0bdae4b3d47a204d397","slug":"now-members-below-18-years-and-above-40-years-of-age-will-be-merged-with-their-own-id-from-another-family-bhiwani-news-c-21-hsr1027-350128-2024-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: अब 18 साल से कम व 40 साल से अधिक आयु के सदस्य दूसरी फैमिली से खुद की आईडी में होंगे मर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: अब 18 साल से कम व 40 साल से अधिक आयु के सदस्य दूसरी फैमिली से खुद की आईडी में होंगे मर्ज
Thu, 28 Mar 2024 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 28 Mar 2024 11:32 PM IST
विज्ञापन
भिवानी। अब 18 साल से कम और 40 साल से अधिक आयु के सदस्यों को दूसरी फैमिली आईडी से खुद की फैमिली आईडी में मर्ज किया जा सकेगा। यानी नाबालिग और अधेड़ उम्र के व्यक्ति अब दूसरी फैमिली आईडी में मर्ज हो सकेंगे। इसके लिए मानव सूचना एवं संसाधन विभाग ने परिवार पहचान पत्र में नया विकल्प दिया है। इसके जरिए इस श्रेणी में आने वाले सदस्यों को ही मर्ज किया जा सकेगा जबकि परिवार पहचान पत्र में मर्ज होने वाले सदस्य के रिश्ते यानी परिवार सदस्यों के साथ रिलेशन भी अपडेट होंगे।
भिवानी जिले में तीन लाख 72 हजार परिवार पहचान पत्रों का डाटा मानव सूचना एवं संसाधन विभाग अपडेट कर चुका है। मानव सूचना एवं संसाधन विभाग ने परिवार पहचान पत्र में नया विकल्प जोड़ दिया है। इसके जरिए ऐसे व्यक्ति जो फिलहाल किसी दूसरी फैमिली की आईडी से जुड़े हैं और इसे बदलकर दूसरी फैमिली आईडी में मर्ज होना चाहते हैं, अब उन्हें मर्ज विकल्प के जरिए परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जा सकेगा। बशर्ते उसी सदस्य को मर्ज विकल्प के जरिए दूसरी फैमिली आईडी में जोड़ा जा सकेगा। इस सदस्य की उम्र 18 साल से कम है या फिर 40 साल से अधिक आयु है। 18 साल से अधिक और 40 साल से कम आयु के सदस्य मर्ज विकल्प के जरिए नहीं जुड़ पाएंगे।
प्रदेश भर के जिलों में काफी लोग ऐसे हैं, जिन्हें किसी दूसरी फैमिली के साथ जोड़ दिया गया है। भले ही वह खून के रिश्ते में हैं, अब वह दूसरी फैमिली के साथ जुड़ना चाहते हैं। उदाहरण के तौर पर कोई बुजुर्ग दंपती अपने एक बेटे की फैमिली आईडी से जुड़ा है और वह दूसरे बेटे की फैमिली आईडी में मर्ज होना चाहता है तो उन्हें इस विकल्प का फायदा होगा। पहले एक फैमिली से नाम कटाकर दूसरी फैमिली में मर्ज का कोई विकल्प नहीं मिला था।
विज्ञापन
फैमिली आईडी के डाटा अपडेट से कट रहे नाम, आचार संहिता की वजह से नहीं बन रहे नए बीपीएल कार्ड
प्रत्येक परिवार को परिवार पहचान पत्र की आईडी से जोड़ दिया गया है। जिन परिवारों की सालाना आमदनी एक लाख 80 हजार से नीचे हैं। उन्हें बीपीएल श्रेणी में गिना जाता है। लेकिन इस समय चुनावी आचार संहिता लगी है। ऐसे में सालाना आमदनी की औपचारिकता पूरी करने वाले परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जा रहा है, मगर जो परिवार पहले से बीपीएल सूची में हैं उनका डाटा अपडेट या बैंक खातों की केवाईसी होने के बाद उन्हें बीपीएल सूची से बाहर किया जा रहा है। भिवानी जिले में 2,22,484 बीपीएल परिवार हैं। इनमें एएवाई श्रेणी के 16,750 परिवार शामिल हैं, जबकि स्टेट बीपीएल श्रेणी में 2,05,734 परिवार शामिल हैं।
इनकम कम दर्शाने के लिए फर्जीवाड़ा की भी बनी है आशंका
परिवार पहचान पत्र में मर्ज के विकल्प का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़ा की भी आशंका बनी है। क्योंकि सीएससी पर ऐसे नाबालिग बच्चों के आधार कार्ड से भी अब एक नई फैमिली आईडी बनाई जा सकेगी, जो पहले किसी परिवार पहचान पत्र से अब तक नहीं जुड़े हैं। इसके बाद इस नई फैमिली आईडी में मर्ज विकल्प का इस्तेमाल करते हुए दूसरी फैमिली आईडी में शामिल सदस्यों को भी मर्ज के जरिए इससे जोड़ दिया जाएगा। ये पैंतरा परिवार की सालाना आमदनी कम दर्शाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। क्योंकि इस विकल्प के जरिए कई नई फैमिली आईडी भी अब अस्तित्व में आई हैं, जिनमें मर्ज सदस्यों की सालाना आमदनी बहुत कम हैं।
परिवार पहचान पत्र में सदस्य मर्ज का नया विकल्प दिया है। इस विकल्प के जरिए कोई भी परिवार पहचान पत्र में शामिल 18 साल से कम और 40 साल से अधिक आयु का सदस्य दूसरी फैमिली आईडी में मर्ज हो सकता है। इस फैमिली आईडी में नए जुड़े सदस्य के पुराने सदस्यों के साथ रिश्ते भी अपडेट होंगे। किसी भी सीएससी सेंटर में मर्ज सदस्य के लिए रिक्वेस्ट डाली जा सकती है। इसमें दस्तावेजों की औपचारिकता भी नहीं है।
- खुशवंत सिंह, जिला समन्वयक, मानव सूचना एवं संसाधन विभाग, भिवानी।
विज्ञापन
भिवानी जिले में तीन लाख 72 हजार परिवार पहचान पत्रों का डाटा मानव सूचना एवं संसाधन विभाग अपडेट कर चुका है। मानव सूचना एवं संसाधन विभाग ने परिवार पहचान पत्र में नया विकल्प जोड़ दिया है। इसके जरिए ऐसे व्यक्ति जो फिलहाल किसी दूसरी फैमिली की आईडी से जुड़े हैं और इसे बदलकर दूसरी फैमिली आईडी में मर्ज होना चाहते हैं, अब उन्हें मर्ज विकल्प के जरिए परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जा सकेगा। बशर्ते उसी सदस्य को मर्ज विकल्प के जरिए दूसरी फैमिली आईडी में जोड़ा जा सकेगा। इस सदस्य की उम्र 18 साल से कम है या फिर 40 साल से अधिक आयु है। 18 साल से अधिक और 40 साल से कम आयु के सदस्य मर्ज विकल्प के जरिए नहीं जुड़ पाएंगे।
विज्ञापन
प्रदेश भर के जिलों में काफी लोग ऐसे हैं, जिन्हें किसी दूसरी फैमिली के साथ जोड़ दिया गया है। भले ही वह खून के रिश्ते में हैं, अब वह दूसरी फैमिली के साथ जुड़ना चाहते हैं। उदाहरण के तौर पर कोई बुजुर्ग दंपती अपने एक बेटे की फैमिली आईडी से जुड़ा है और वह दूसरे बेटे की फैमिली आईडी में मर्ज होना चाहता है तो उन्हें इस विकल्प का फायदा होगा। पहले एक फैमिली से नाम कटाकर दूसरी फैमिली में मर्ज का कोई विकल्प नहीं मिला था।
विज्ञापन
फैमिली आईडी के डाटा अपडेट से कट रहे नाम, आचार संहिता की वजह से नहीं बन रहे नए बीपीएल कार्ड
प्रत्येक परिवार को परिवार पहचान पत्र की आईडी से जोड़ दिया गया है। जिन परिवारों की सालाना आमदनी एक लाख 80 हजार से नीचे हैं। उन्हें बीपीएल श्रेणी में गिना जाता है। लेकिन इस समय चुनावी आचार संहिता लगी है। ऐसे में सालाना आमदनी की औपचारिकता पूरी करने वाले परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जा रहा है, मगर जो परिवार पहले से बीपीएल सूची में हैं उनका डाटा अपडेट या बैंक खातों की केवाईसी होने के बाद उन्हें बीपीएल सूची से बाहर किया जा रहा है। भिवानी जिले में 2,22,484 बीपीएल परिवार हैं। इनमें एएवाई श्रेणी के 16,750 परिवार शामिल हैं, जबकि स्टेट बीपीएल श्रेणी में 2,05,734 परिवार शामिल हैं।
इनकम कम दर्शाने के लिए फर्जीवाड़ा की भी बनी है आशंका
परिवार पहचान पत्र में मर्ज के विकल्प का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़ा की भी आशंका बनी है। क्योंकि सीएससी पर ऐसे नाबालिग बच्चों के आधार कार्ड से भी अब एक नई फैमिली आईडी बनाई जा सकेगी, जो पहले किसी परिवार पहचान पत्र से अब तक नहीं जुड़े हैं। इसके बाद इस नई फैमिली आईडी में मर्ज विकल्प का इस्तेमाल करते हुए दूसरी फैमिली आईडी में शामिल सदस्यों को भी मर्ज के जरिए इससे जोड़ दिया जाएगा। ये पैंतरा परिवार की सालाना आमदनी कम दर्शाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। क्योंकि इस विकल्प के जरिए कई नई फैमिली आईडी भी अब अस्तित्व में आई हैं, जिनमें मर्ज सदस्यों की सालाना आमदनी बहुत कम हैं।
परिवार पहचान पत्र में सदस्य मर्ज का नया विकल्प दिया है। इस विकल्प के जरिए कोई भी परिवार पहचान पत्र में शामिल 18 साल से कम और 40 साल से अधिक आयु का सदस्य दूसरी फैमिली आईडी में मर्ज हो सकता है। इस फैमिली आईडी में नए जुड़े सदस्य के पुराने सदस्यों के साथ रिश्ते भी अपडेट होंगे। किसी भी सीएससी सेंटर में मर्ज सदस्य के लिए रिक्वेस्ट डाली जा सकती है। इसमें दस्तावेजों की औपचारिकता भी नहीं है।
- खुशवंत सिंह, जिला समन्वयक, मानव सूचना एवं संसाधन विभाग, भिवानी।