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Bhiwani News: अब शहरी दायरे की 78 हजार प्रॉपर्टी की पोर्टल पर जानकारी होगी अपडेट
Wed, 09 Aug 2023 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 09 Aug 2023 11:36 PM IST
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विद्या नगर में बकाया हाउस टैक्स की रसीद देता कंपनी का कर्मचारी।
भिवानी। अगर आपका शहरी दायरे में मकान, प्लाॅट और कोई कॉमर्शियल प्रॉपर्टी है तो उसका फोटो आपकी प्रॉपर्टी आईडी पर भी अपडेट होगा। इसी के साथ प्रॉपर्टी मालिक की फैमिली आईडी और उसका आधार कार्ड की जानकारी भी नगर परिषद के पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। अब शहरी दायरे की 78 हजार प्रॉपर्टी की पोर्टल पर जानकारी अपडेट होगी।
इसके बाद एक क्लिक में प्रॉपर्टी मालिक अपनी प्रॉपर्टी से जुड़ी समस्त जानकारी से रूबरू हो पाएगा। इतना ही नहीं शहरी प्रॉपर्टी से जुड़ी ये सभी जानकारी घर पर ही अपडेट होगी, इसके लिए लोगों को कहीं चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि याशी कंपनी ने 2018 में जिस समय शहरी प्रॉपर्टी का सर्वे किया था, उस समय अधिकांश प्रॉपर्टी खाली प्लाॅट या फिर पुराने मकान थे, जिनकी जगह अब नया निर्माण हो चुका है। ऐसे में पोर्टल पर दर्ज प्रॉपर्टी की पुरानी फोटो देखकर खुद मालिक ही नहीं पहचान पा रहा है, मगर अब फोटो पोर्टल पर अपडेट होने से ये परेशानी नहीं होगी।
वहीं भिवानी शहर में नगर परिषद ने घर-घर बकाया गृह कर की रसीदें भेजने के लिए गाजियाबाद की एक कंपनी को ठेका दिया हुआ है। कंपनी के कारिंदे शहरी दायरे में घर-घर जाकर अक्तूबर 2013 से नगर परिषद के बकाया गृहकर से जुड़ी रसीदें वितरित कर रहे हैं। कंपनी के कारिंदे टैक्स की रसीद देने के साथ ही प्रॉपर्टी की वर्तमान फोटो भी खिंच रहे हैं। इसे तुरंत पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
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इसी के साथ मकान मालिक से उसकी फैमिली आईडी और आधार कार्ड की जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि उसे पोर्टल पर अपडेट किया जा सके। इसी के साथ गृह कर से जुड़ी शिकायतों का फॉर्मेट भी भरवाया जा रहा है, जिसमें कोई भी उपभोक्ता अपनी गृहकर से जुड़ी आपत्ति दर्ज करा सकता है। याशी कंपनी के 2018 में शहरी दायरे में किए गए प्रॉपर्टी सर्वे के दौरान 78 हजार से अधिक प्रॉपर्टी की पीआईडी तैयार की गई है। जिस समय पीआईडी बनाई गई थी, उस समय उस प्रॉपर्टी का प्रारुप कुछ और था और अब उस प्रॉपर्टी का प्रारुप कुछ और ही है।
ऐसे में प्रॉपर्टी की पोर्टल पर भी फोटो यानी स्थिति अपडेट की जा रही है। इसी के साथ प्रॉपर्टी मालिक से जुड़ी जानकारी भी फैमिली आईडी और आधार कार्ड के जरिये अपडेट की जा रही है, ताकि प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी त्रुटियां भी मौके पर ही साथ ही साथ ठीक होती रहे। हालांकि याशी कंपनी के सर्वे के बाद भिवानी शहर में 35 हजार से अधिक प्रॉपर्टी से जुड़ी त्रुटियां थीं जो अब घटकर मात्र पांच से चार हजार तक बची हैं। इनका भी लगातार निवारण किया जा रहा है।
विद्या नगर कॉलोनी में कई लोगों को थमाई साढ़े तीन लाख की बकाया गृह कर रसीद
गाजियाबाद की कंपनी घर-घर गृह कर रसीद वितरण कर रही है। इसमें कई उपभोक्ताओं को तो नगर परिषद ने साढ़े तीन लाख से अधिक का बकाया गृह कर रसीद थमाकर झटका दिया है। विद्या नगर निवासी महाबीर ने बताया कि उसका प्लॉट का साढ़े तीन लाख बकाया गृह कर भेजा गया है। जबकि उसके प्लाॅट में न तो कोई सीवर का कनेक्शन है न गार्बेज निकल रहा है। फिर भी उसकी रसीद में इन दोनों कॉलम में भारी भरकम राशि भरकर भेजी गई है। इसी तरह विद्या नगर कॉलोनी की ही बिमला ने बताया कि उनका सौ गज से कम का मकान है, मगर फिर भी 55 हजार से अधिक का गृह कर भेजा गया है। ऐसे लोग अपनी शिकायतें लेकर अब नगर परिषद कार्यालय के भी चक्कर लगा रहे हैं।
हमारी कंपनी को सितंबर के अंत तक शहरी दायरे के अंदर 78 हजार से अधिक प्रॉपर्टी के बकाया गृह कर की रसीदों का वितरण का कार्य मिला है। इसी के साथ कंपनी के कारिंदे जिस प्रॉपर्टी की गृह कर रसीद देते हैं, उस प्रॉपर्टी की वर्तमान फोटो खिंच रहे हैं, ताकि उसे पोर्टल पर अपडेट किया जा सके। इसी के साथ प्रॉपर्टी मालिक की फैमिली आईडी और आधार कार्ड भी पीआईडी में अपडेट किया जा रहा है। पीआईडी से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज करा रहे हैं।
- राजबीर, जिला टीम इंचार्ज, कंपनी।
रसीद घोटाले में भी हजम हो गए हाउस टैक्स के लाखों
नगर परिषद में पिछली योजना में हाउस टैक्स रसीद से जुड़ा बड़ा गड़बड़झाला भी पकड़ में आया था। नगर परिषद कार्यालय के अंदर ही बैठकर कुछ बाहरी लोग फर्जी हाउस टैक्स रसीदें काटकर लोगों को थमा रहे थे, जबकि वो पैसा कभी नगर परिषद के खाते में जमा ही नहीं हुआ। ऐसे काफी लोग थे, जो रसीद लेकर अब भी घूम रहे हैं मगर उनके खाते में अब भी हजारों का टैक्स बकाया खड़ा है। उन मामलों में कोई समाधान नहीं हुआ है। इसकी वजह से भी काफी लोगों को चूना लगा है। हालांकि इस मामले में नगर परिषद अधिकारियों की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
शहरी दायरे में प्रॉपर्टी सर्वे के अनुसार बकाया गृह कर जमा कराने के लिए घर-घर रसीदें पहुंचाई जा रही हैं। अगर किसी उपभोक्ता को गृह कर से जुड़ी कोई शिकायत है तो फार्मेट में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है या फिर नगर परिषद की हाउस टैक्स की शाखा में पूछताछ कर सकता है। जिनका निवारण होगा। पोर्टल में खामी की वजह से ज्यादा गृह कर आया है। प्रॉपर्टी की पोर्टल पर फोटो भी अपडेट की जा रही है।
- भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।
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इसके बाद एक क्लिक में प्रॉपर्टी मालिक अपनी प्रॉपर्टी से जुड़ी समस्त जानकारी से रूबरू हो पाएगा। इतना ही नहीं शहरी प्रॉपर्टी से जुड़ी ये सभी जानकारी घर पर ही अपडेट होगी, इसके लिए लोगों को कहीं चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि याशी कंपनी ने 2018 में जिस समय शहरी प्रॉपर्टी का सर्वे किया था, उस समय अधिकांश प्रॉपर्टी खाली प्लाॅट या फिर पुराने मकान थे, जिनकी जगह अब नया निर्माण हो चुका है। ऐसे में पोर्टल पर दर्ज प्रॉपर्टी की पुरानी फोटो देखकर खुद मालिक ही नहीं पहचान पा रहा है, मगर अब फोटो पोर्टल पर अपडेट होने से ये परेशानी नहीं होगी।
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वहीं भिवानी शहर में नगर परिषद ने घर-घर बकाया गृह कर की रसीदें भेजने के लिए गाजियाबाद की एक कंपनी को ठेका दिया हुआ है। कंपनी के कारिंदे शहरी दायरे में घर-घर जाकर अक्तूबर 2013 से नगर परिषद के बकाया गृहकर से जुड़ी रसीदें वितरित कर रहे हैं। कंपनी के कारिंदे टैक्स की रसीद देने के साथ ही प्रॉपर्टी की वर्तमान फोटो भी खिंच रहे हैं। इसे तुरंत पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
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इसी के साथ मकान मालिक से उसकी फैमिली आईडी और आधार कार्ड की जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि उसे पोर्टल पर अपडेट किया जा सके। इसी के साथ गृह कर से जुड़ी शिकायतों का फॉर्मेट भी भरवाया जा रहा है, जिसमें कोई भी उपभोक्ता अपनी गृहकर से जुड़ी आपत्ति दर्ज करा सकता है। याशी कंपनी के 2018 में शहरी दायरे में किए गए प्रॉपर्टी सर्वे के दौरान 78 हजार से अधिक प्रॉपर्टी की पीआईडी तैयार की गई है। जिस समय पीआईडी बनाई गई थी, उस समय उस प्रॉपर्टी का प्रारुप कुछ और था और अब उस प्रॉपर्टी का प्रारुप कुछ और ही है।
ऐसे में प्रॉपर्टी की पोर्टल पर भी फोटो यानी स्थिति अपडेट की जा रही है। इसी के साथ प्रॉपर्टी मालिक से जुड़ी जानकारी भी फैमिली आईडी और आधार कार्ड के जरिये अपडेट की जा रही है, ताकि प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी त्रुटियां भी मौके पर ही साथ ही साथ ठीक होती रहे। हालांकि याशी कंपनी के सर्वे के बाद भिवानी शहर में 35 हजार से अधिक प्रॉपर्टी से जुड़ी त्रुटियां थीं जो अब घटकर मात्र पांच से चार हजार तक बची हैं। इनका भी लगातार निवारण किया जा रहा है।
विद्या नगर कॉलोनी में कई लोगों को थमाई साढ़े तीन लाख की बकाया गृह कर रसीद
गाजियाबाद की कंपनी घर-घर गृह कर रसीद वितरण कर रही है। इसमें कई उपभोक्ताओं को तो नगर परिषद ने साढ़े तीन लाख से अधिक का बकाया गृह कर रसीद थमाकर झटका दिया है। विद्या नगर निवासी महाबीर ने बताया कि उसका प्लॉट का साढ़े तीन लाख बकाया गृह कर भेजा गया है। जबकि उसके प्लाॅट में न तो कोई सीवर का कनेक्शन है न गार्बेज निकल रहा है। फिर भी उसकी रसीद में इन दोनों कॉलम में भारी भरकम राशि भरकर भेजी गई है। इसी तरह विद्या नगर कॉलोनी की ही बिमला ने बताया कि उनका सौ गज से कम का मकान है, मगर फिर भी 55 हजार से अधिक का गृह कर भेजा गया है। ऐसे लोग अपनी शिकायतें लेकर अब नगर परिषद कार्यालय के भी चक्कर लगा रहे हैं।
हमारी कंपनी को सितंबर के अंत तक शहरी दायरे के अंदर 78 हजार से अधिक प्रॉपर्टी के बकाया गृह कर की रसीदों का वितरण का कार्य मिला है। इसी के साथ कंपनी के कारिंदे जिस प्रॉपर्टी की गृह कर रसीद देते हैं, उस प्रॉपर्टी की वर्तमान फोटो खिंच रहे हैं, ताकि उसे पोर्टल पर अपडेट किया जा सके। इसी के साथ प्रॉपर्टी मालिक की फैमिली आईडी और आधार कार्ड भी पीआईडी में अपडेट किया जा रहा है। पीआईडी से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज करा रहे हैं।
- राजबीर, जिला टीम इंचार्ज, कंपनी।
रसीद घोटाले में भी हजम हो गए हाउस टैक्स के लाखों
नगर परिषद में पिछली योजना में हाउस टैक्स रसीद से जुड़ा बड़ा गड़बड़झाला भी पकड़ में आया था। नगर परिषद कार्यालय के अंदर ही बैठकर कुछ बाहरी लोग फर्जी हाउस टैक्स रसीदें काटकर लोगों को थमा रहे थे, जबकि वो पैसा कभी नगर परिषद के खाते में जमा ही नहीं हुआ। ऐसे काफी लोग थे, जो रसीद लेकर अब भी घूम रहे हैं मगर उनके खाते में अब भी हजारों का टैक्स बकाया खड़ा है। उन मामलों में कोई समाधान नहीं हुआ है। इसकी वजह से भी काफी लोगों को चूना लगा है। हालांकि इस मामले में नगर परिषद अधिकारियों की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
शहरी दायरे में प्रॉपर्टी सर्वे के अनुसार बकाया गृह कर जमा कराने के लिए घर-घर रसीदें पहुंचाई जा रही हैं। अगर किसी उपभोक्ता को गृह कर से जुड़ी कोई शिकायत है तो फार्मेट में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है या फिर नगर परिषद की हाउस टैक्स की शाखा में पूछताछ कर सकता है। जिनका निवारण होगा। पोर्टल में खामी की वजह से ज्यादा गृह कर आया है। प्रॉपर्टी की पोर्टल पर फोटो भी अपडेट की जा रही है।
- भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।