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Bhiwani News: अब गांव के जोहड़ की मिट्टी से उपजेगा किसानों के खेत में सोना
Mon, 29 May 2023 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 29 May 2023 01:13 AM IST
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भिवानी। अब गांव के जोहड़ की मिट्टी (गाद) किसानों के खेतों में सोना उपजेगी। जोहड़ की सफाई में श्रम देने वाले किसान मिट्टी यानी गाद को अपने खेत में खाद के इस्तेमाल के लिए मुफ्त ले जा सकेंगे। हालांकि जोहड़ों की सफाई के लिए ग्राम पंचायतें खुद का बजट खर्च कर सफाई व मिट्टी छंटाई का काम कराएंगी, जबकि सिंचाई विभाग जोहड़ों से पानी निकासी के लिए संसाधन उपलब्ध कराएगा। प्री मानसून से पहले भिवानी जिले के 312 गांवों में जोहड़ों की सफाई का काम पूरा किया जाएगा।
दरअसल जिले की 312 ग्राम पंचायतों को अपने-अपने गांवों के जोहड़ (तालाब) से गंदे पानी की निकासी कराकर उनके अंदर की गाद की छंटाई कराने की योजना है। इस कार्य में ग्राम पंचायत अपने खाते या फिर सरकार से मिली ग्रांट का पैसा इस्तेमाल काम करा सकते हैं, ये काम मनरेगा से कराया जाएगा। जबकि गांव के जोहड़ की सफाई में अपना श्रमदान करने वाले किसान व ग्रामीण खेतों में खाद के तौर पर छंटाई की मिट्टी ले जा सकेंगे। जिला पंचायत एवं विकास कार्यालय से भी सभी ग्राम पंचायतों को इस संबंध में हिदायतें दी हैं। जलभराव संभावित गांवों में सिंचाई विभाग अपने संसाधन को बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत लगाता है। जिसमें जिला प्रशासन इस कार्य की निगरानी रखता है। लेकिन गांवों के जोहड़ में गंदे पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग खुद संसाधन देगा, यानी पानी निकासी के लिए पंप लगाएगा जबकि ये काम ग्राम पंचायतों द्वारा ही कराया जाएगा। पंपों को चलाने के लिए डीजल का इंतजाम भी पंचायत को करना पड़ेगा वहीं मैनुअल सफाई में इस्तेमाल होने वाला खर्च भी पंचायत ही उठाएगी।
मानसून में होगा जोहड़ों में पानी का भंडारण
छंटाई का काम प्री मानसून से पहले ही कराया जाएगा। जिससे मानसून के दौरान इन जलाशयों यानी जोहड़ों में बरसाती पानी का भंडारण किया जा सके। इस जल संचय का इस्तेमाल ग्रामीणों के लिए ही किया जाएगा। जिससे भूमिगत जलस्तर में भी सुधार होगा।
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सिंचाई विभाग ने उपलब्ध कराए इन गांवों में पानी निकासी के संसाधन
सिंचाई विभाग ने गांव चांग, तिगड़ाना, खरककलां, खरक खुर्द, खरक खांडयान, कलिंगा, धनाना, बलियाली में जोहड़ों के अंदर पानी की निकासी के लिए पंप मशीनरी उपलब्ध कराई है। जिसके जरिए पानी को खेतों में निकासी किया जाएगा। इसके बाद इन जोहड़ों की छंटाई होगी।
अब तक हमारे पास 13 गांवों के आवेदन आ चुके हैं, जिन्हें सिंचाई विभाग की तरफ से पानी निकासी के लिए पंप सेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन पंपों के संचालन का खर्च खुद ग्राम पंचायतें वहन करेंगी। हमारा विभाग सिर्फ ग्राम पंचायतों को संसाधन मुहैया कराएगा।
-नवीन कुमार कार्यकारी अभियंता, मैकेनिकल विंग सिंचाई विभाग भिवानी।
सभी गांवों में जोहड़ों की मिट्टी छंटाई का काम प्री मानसून से पहले किया जाएगा। गांव के जोहड़ में श्रमदान करने वाले किसानों को मुफ्त में मिट्टी भी ले जाने का प्रावधान है। इसमें ग्राम पंचायत ऐसे लोगों को जोहड़ की मिट्टी दे सकती है, जिन्होंने अपने खुद के संसाधन इस कार्य में मुफ्त में लगाए हैं।
-प्रवीण बजाज, एसडीओ पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी।
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दरअसल जिले की 312 ग्राम पंचायतों को अपने-अपने गांवों के जोहड़ (तालाब) से गंदे पानी की निकासी कराकर उनके अंदर की गाद की छंटाई कराने की योजना है। इस कार्य में ग्राम पंचायत अपने खाते या फिर सरकार से मिली ग्रांट का पैसा इस्तेमाल काम करा सकते हैं, ये काम मनरेगा से कराया जाएगा। जबकि गांव के जोहड़ की सफाई में अपना श्रमदान करने वाले किसान व ग्रामीण खेतों में खाद के तौर पर छंटाई की मिट्टी ले जा सकेंगे। जिला पंचायत एवं विकास कार्यालय से भी सभी ग्राम पंचायतों को इस संबंध में हिदायतें दी हैं। जलभराव संभावित गांवों में सिंचाई विभाग अपने संसाधन को बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत लगाता है। जिसमें जिला प्रशासन इस कार्य की निगरानी रखता है। लेकिन गांवों के जोहड़ में गंदे पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग खुद संसाधन देगा, यानी पानी निकासी के लिए पंप लगाएगा जबकि ये काम ग्राम पंचायतों द्वारा ही कराया जाएगा। पंपों को चलाने के लिए डीजल का इंतजाम भी पंचायत को करना पड़ेगा वहीं मैनुअल सफाई में इस्तेमाल होने वाला खर्च भी पंचायत ही उठाएगी।
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मानसून में होगा जोहड़ों में पानी का भंडारण
छंटाई का काम प्री मानसून से पहले ही कराया जाएगा। जिससे मानसून के दौरान इन जलाशयों यानी जोहड़ों में बरसाती पानी का भंडारण किया जा सके। इस जल संचय का इस्तेमाल ग्रामीणों के लिए ही किया जाएगा। जिससे भूमिगत जलस्तर में भी सुधार होगा।
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सिंचाई विभाग ने उपलब्ध कराए इन गांवों में पानी निकासी के संसाधन
सिंचाई विभाग ने गांव चांग, तिगड़ाना, खरककलां, खरक खुर्द, खरक खांडयान, कलिंगा, धनाना, बलियाली में जोहड़ों के अंदर पानी की निकासी के लिए पंप मशीनरी उपलब्ध कराई है। जिसके जरिए पानी को खेतों में निकासी किया जाएगा। इसके बाद इन जोहड़ों की छंटाई होगी।
अब तक हमारे पास 13 गांवों के आवेदन आ चुके हैं, जिन्हें सिंचाई विभाग की तरफ से पानी निकासी के लिए पंप सेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन पंपों के संचालन का खर्च खुद ग्राम पंचायतें वहन करेंगी। हमारा विभाग सिर्फ ग्राम पंचायतों को संसाधन मुहैया कराएगा।
-नवीन कुमार कार्यकारी अभियंता, मैकेनिकल विंग सिंचाई विभाग भिवानी।
सभी गांवों में जोहड़ों की मिट्टी छंटाई का काम प्री मानसून से पहले किया जाएगा। गांव के जोहड़ में श्रमदान करने वाले किसानों को मुफ्त में मिट्टी भी ले जाने का प्रावधान है। इसमें ग्राम पंचायत ऐसे लोगों को जोहड़ की मिट्टी दे सकती है, जिन्होंने अपने खुद के संसाधन इस कार्य में मुफ्त में लगाए हैं।
-प्रवीण बजाज, एसडीओ पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी।