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Bhiwani News: अब 80 के दशक में बने नागरिक अस्पताल की कायापलट पर खर्च होंगे पांच करोड़ 28 लाख
Sat, 19 Aug 2023 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 19 Aug 2023 12:01 AM IST
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भिवानी। अब 80 के दशक में 43 साल पहले बने भिवानी के नागरिक अस्पताल की कायापलट पर पांच करोड़ 28 लाख रुपये खर्च होंगे। पीडब्ल्यूडी ने जिला नागरिक अस्पताल के जीर्णोद्धार का खाका तैयार किया है। जिस पर खर्च होने वाला बजट भी स्वास्थ्य विभाग देगा।
करीब चार दशक से अधिक पुराने नागरिक अस्पताल की बारिश में छत टपक रही हैं तो दीवारों में भी पानी के रिसाव से सीलन आ रही है। जबकि बाहरी छज्जे भी टूटकर बिखर चुके हैं। ऐसे में पुराने नागरिक अस्पताल को पीजीआई का हिस्सा बनाने से पहले इसकी कायापलट होगी। जिस पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने पूरे परिसर में मेंटनेंस का एस्टीमेट तैयार किया है।
भिवानी का नागरिक अस्पताल 300 बेड का है। करीब 43 साल पुराने नागरिक अस्पताल भवन की पहले भी दो बार स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से मरम्मत कराई जा चुकी है। इस दौरान अस्पताल परिसर के कुछ भागों में ढांचागत बदलाव भी किया गया। मगर अब फिर से पुराने भवन की हालत खस्ता हो रही है, जिसकी मरम्मत के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय के निर्देश पर कदम उठाए गए हैं।
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भिवानी में 2024-25 सत्र के दौरान पीजीआई की सुविधा शुरू होनी है। इसी को लेकर नागरिक अस्पताल भवन के पास ही करीब 400 बेड का नया अस्पताल का निर्माण काम चल रहा है। इस अस्पताल परिसर में बेसमेंट भी तैयार की गई है। इसके अंदर 275 गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा भी दी गई है। जबकि पुराना नागरिक अस्पताल 300 बेड का है। नए और पुराने अस्पताल परिसर को मिलाने के बाद 700 बेड का पीजीआई तैयार होगा। इसके बाद जिले में गंभीर मरीजों और सड़क हादसों में गंभीर घायलों को दूसरे जिलों की पीजीआई में रेफर नहीं किया जाएगा।
तीन करोड़ में अस्पताल के ढांचे की मरम्मत तो 2 करोड़ 28 लाख में होगा इलेक्ट्रिसिटी का काम
पीडब्ल्यूडी की ओर से तैयार किए गए एस्टीमेट में करीब तीन करोड़ से नागरिक अस्पताल के पुराने भवन की मरम्मत यानी बिल्डिंग की मरम्मत होगी। जबकि दो करोड़ 28 लाख रुपये में अस्पताल परिसर में इलेक्ट्रिसिटी व प्लंबर का काम होगा। इससे अस्पताल परिसर की विद्युत व्यवस्था और पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। फिलहाल पुराने अस्पताल के बाथरूम में भी लीकेज होती है और बिजली की फिटिंग भी अस्पताल बनने के समय ही की गई थी, जिसे भी अब सुधार की जरूरत है।
नागरिक अस्पताल को फायर सेफ्टी सिस्टम से जोड़ने का चल रहा काम
नागरिक अस्पताल में फिलहाल सभी 10 वार्डों में फायर सेफ्टी के प्रबंध किए जा रहे हैं। इनके अंदर आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए पानी की बौछारें छोड़ने के लिए बड़े पाइप लाइन डाली गई है। ये पाइपलाइन पूरे अस्पताल परिसर में जाल की तरह बिछाई जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी हिस्से में आग पर तुरंत काबू पाया जा सके।
नागरिक अस्पताल की मरम्मत के लिए करीब पांच करोड़ 28 लाख की अनुमानित लागत का सिंगल एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसमें पुराने भवन की मेंटनेंस के अलावा इलेक्ट्रिसिटी और पानी की पाइप फिटिंग का काम होगा। पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेजा है, जैसे ही बजट स्वास्थ्य विभाग मुहैया कराएगा उसी हिसाब से कार्यों के टेंडर कराकर काम शुरू कराएंगे।
-लोकेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी भिवानी।
भिवानी में 2024-25 में पीजीआई शुरू होनी है। इसी को लेकर पुराने नागरिक अस्पताल में मेंटनेंस का काम होगा। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने पीडब्ल्यूडी विभाग को अस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए थे। हमारे पास मेंटनेंस मद में करीब 14 करोड़ का बजट बकाया है। इसी बजट से मेंटनेंस का काम कराया जाएगा। पीजीआई के नए भवन में बेसमेंट में 275 गाडिय़ों की पार्किंग और क्लास रूम के तौर पर बउ़ा ऑडिटोरियम भी तैयार हो रहा है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।
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करीब चार दशक से अधिक पुराने नागरिक अस्पताल की बारिश में छत टपक रही हैं तो दीवारों में भी पानी के रिसाव से सीलन आ रही है। जबकि बाहरी छज्जे भी टूटकर बिखर चुके हैं। ऐसे में पुराने नागरिक अस्पताल को पीजीआई का हिस्सा बनाने से पहले इसकी कायापलट होगी। जिस पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने पूरे परिसर में मेंटनेंस का एस्टीमेट तैयार किया है।
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भिवानी का नागरिक अस्पताल 300 बेड का है। करीब 43 साल पुराने नागरिक अस्पताल भवन की पहले भी दो बार स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से मरम्मत कराई जा चुकी है। इस दौरान अस्पताल परिसर के कुछ भागों में ढांचागत बदलाव भी किया गया। मगर अब फिर से पुराने भवन की हालत खस्ता हो रही है, जिसकी मरम्मत के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय के निर्देश पर कदम उठाए गए हैं।
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भिवानी में 2024-25 सत्र के दौरान पीजीआई की सुविधा शुरू होनी है। इसी को लेकर नागरिक अस्पताल भवन के पास ही करीब 400 बेड का नया अस्पताल का निर्माण काम चल रहा है। इस अस्पताल परिसर में बेसमेंट भी तैयार की गई है। इसके अंदर 275 गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा भी दी गई है। जबकि पुराना नागरिक अस्पताल 300 बेड का है। नए और पुराने अस्पताल परिसर को मिलाने के बाद 700 बेड का पीजीआई तैयार होगा। इसके बाद जिले में गंभीर मरीजों और सड़क हादसों में गंभीर घायलों को दूसरे जिलों की पीजीआई में रेफर नहीं किया जाएगा।
तीन करोड़ में अस्पताल के ढांचे की मरम्मत तो 2 करोड़ 28 लाख में होगा इलेक्ट्रिसिटी का काम
पीडब्ल्यूडी की ओर से तैयार किए गए एस्टीमेट में करीब तीन करोड़ से नागरिक अस्पताल के पुराने भवन की मरम्मत यानी बिल्डिंग की मरम्मत होगी। जबकि दो करोड़ 28 लाख रुपये में अस्पताल परिसर में इलेक्ट्रिसिटी व प्लंबर का काम होगा। इससे अस्पताल परिसर की विद्युत व्यवस्था और पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। फिलहाल पुराने अस्पताल के बाथरूम में भी लीकेज होती है और बिजली की फिटिंग भी अस्पताल बनने के समय ही की गई थी, जिसे भी अब सुधार की जरूरत है।
नागरिक अस्पताल को फायर सेफ्टी सिस्टम से जोड़ने का चल रहा काम
नागरिक अस्पताल में फिलहाल सभी 10 वार्डों में फायर सेफ्टी के प्रबंध किए जा रहे हैं। इनके अंदर आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए पानी की बौछारें छोड़ने के लिए बड़े पाइप लाइन डाली गई है। ये पाइपलाइन पूरे अस्पताल परिसर में जाल की तरह बिछाई जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी हिस्से में आग पर तुरंत काबू पाया जा सके।
नागरिक अस्पताल की मरम्मत के लिए करीब पांच करोड़ 28 लाख की अनुमानित लागत का सिंगल एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसमें पुराने भवन की मेंटनेंस के अलावा इलेक्ट्रिसिटी और पानी की पाइप फिटिंग का काम होगा। पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेजा है, जैसे ही बजट स्वास्थ्य विभाग मुहैया कराएगा उसी हिसाब से कार्यों के टेंडर कराकर काम शुरू कराएंगे।
-लोकेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी भिवानी।
भिवानी में 2024-25 में पीजीआई शुरू होनी है। इसी को लेकर पुराने नागरिक अस्पताल में मेंटनेंस का काम होगा। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने पीडब्ल्यूडी विभाग को अस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए थे। हमारे पास मेंटनेंस मद में करीब 14 करोड़ का बजट बकाया है। इसी बजट से मेंटनेंस का काम कराया जाएगा। पीजीआई के नए भवन में बेसमेंट में 275 गाडिय़ों की पार्किंग और क्लास रूम के तौर पर बउ़ा ऑडिटोरियम भी तैयार हो रहा है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।