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अब साइबर क्राइम के केस सुलझाने के लिए होगा अलग से साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन
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भिवानी। अब साइबर क्राइम के मामलों की जांच साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ही होगी। साइब ठगों द्वारा लगातार अपनाये जा रहे नए-नए तरीकों को देखते हुए अब पुलिस को भी हाईटेक करने की तैयारी हो गई है। इसी कड़ी में भिवानी में पहला साइबर पुलिस स्टेशन खोलने की तैयारी हो गई है। एक जुलाई से अधिकारिक रूप से इसकी शुरुआत होगी। साइबर क्राइम से सभी मामलों की जांच अब साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में होगी।
अब तक साइबर क्राइम खासकर ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग के मामले संबंधित थाने में दर्ज होने के बाद साइबर सेल में जांच होती थी। साइबर सेल पर लगातार काम का बोझ बढ़ रहा है। औसतन 350 केस हर साल आ रहे है। जिस कारण पुलिस प्रशासन ने अब साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन खोलने का निर्णय लिया है। फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस थाने का खुद का भवन नहीं होने तक पुलिस लाइन स्थित ट्रैफिक थाने के ऊपरी तल पर ही यह साइबर थाना होगा।
सामान्य थाने की तरह होगा पूरा स्टाफ
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन भी अन्य थानों की तरह ही होगा और इसमें भी पूरा स्टॉफ होगा। एसएचओ भी नियुक्त किया जाएगा और अन्य स्टाफ भी। साइबर क्राइम से संबंधित सभी एफआईआर अब इसी थाने में दर्ज होगी। साइबर क्राइम केस आने के कारण यहां सभी आईटी एक्सपर्ट ही होंगे। पुलिस विभाग के आईटी एक्सपर्ट के अलावा जरूरत अनुसार प्राइवेट आईटी एक्सपर्ट को भी हायर किया जाएगा।
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साइबर सेल का रहेगा अपना काम
साइबर क्राइम पुलिस थाना बनने के बाद भी साइबर सेल पहले की तरह अपना काम करती रहेगी। इसमें लूट, डकैती, हत्या व अन्य संगीन मामलों में संबंधित थाने की मदद की जिम्मेवारी रहेगी। हालांकि अलग से साइबर क्राइम पुलिस थाना बनने से साइबर सेल से काम का बोझ कम होगा।
वर्जन
साइबर क्राइम के केसों के लिए अलग से साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बनाया जा रहा है। एक जुलाई से इसकी आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी। इसमें साइबर क्राइम के सभी मामलों की एफआईआर दर्ज होगी और जांच होगी। यहां का स्टाफ भी अन्य थानों की तरह अलग ही होगा। साइबर सेल अपना अलग काम करेगी। साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की शुरुआत की जा रही है।
अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक
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अब तक साइबर क्राइम खासकर ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग के मामले संबंधित थाने में दर्ज होने के बाद साइबर सेल में जांच होती थी। साइबर सेल पर लगातार काम का बोझ बढ़ रहा है। औसतन 350 केस हर साल आ रहे है। जिस कारण पुलिस प्रशासन ने अब साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन खोलने का निर्णय लिया है। फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस थाने का खुद का भवन नहीं होने तक पुलिस लाइन स्थित ट्रैफिक थाने के ऊपरी तल पर ही यह साइबर थाना होगा।
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सामान्य थाने की तरह होगा पूरा स्टाफ
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन भी अन्य थानों की तरह ही होगा और इसमें भी पूरा स्टॉफ होगा। एसएचओ भी नियुक्त किया जाएगा और अन्य स्टाफ भी। साइबर क्राइम से संबंधित सभी एफआईआर अब इसी थाने में दर्ज होगी। साइबर क्राइम केस आने के कारण यहां सभी आईटी एक्सपर्ट ही होंगे। पुलिस विभाग के आईटी एक्सपर्ट के अलावा जरूरत अनुसार प्राइवेट आईटी एक्सपर्ट को भी हायर किया जाएगा।
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साइबर सेल का रहेगा अपना काम
साइबर क्राइम पुलिस थाना बनने के बाद भी साइबर सेल पहले की तरह अपना काम करती रहेगी। इसमें लूट, डकैती, हत्या व अन्य संगीन मामलों में संबंधित थाने की मदद की जिम्मेवारी रहेगी। हालांकि अलग से साइबर क्राइम पुलिस थाना बनने से साइबर सेल से काम का बोझ कम होगा।
वर्जन
साइबर क्राइम के केसों के लिए अलग से साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बनाया जा रहा है। एक जुलाई से इसकी आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी। इसमें साइबर क्राइम के सभी मामलों की एफआईआर दर्ज होगी और जांच होगी। यहां का स्टाफ भी अन्य थानों की तरह अलग ही होगा। साइबर सेल अपना अलग काम करेगी। साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की शुरुआत की जा रही है।
अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक