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अब गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को मिलेगा जिला मुख्यालय पर उपचार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 01:21 AM IST
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Now children suffering from serious illness will get treatment at district headquarters
चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल । संवाद - फोटो : Bhiwani
नवनीत शर्मा
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भिवानी। गंभीर हालत के बच्चों को उपचार के लिए पीजीआईएमएस रोहतक में भटकना पड़ता है। या फिर उन्हें निजी अस्पताल में मोटी रकम देकर उपचार करवाना पड़ता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने उस समस्या से निजाद दिलाने के लिए नागरिक अस्पताल में चल रहे नीकू वार्ड (एनआईसीयू) के साथ जल्द ही वार्ड नंबर आठ में स्वास्थ्य विभाग 42 बेड का पीकू (पीआईसीयू) शुरू करने जा रहा है।
इस वार्ड में चार बेड आईसीयू व आठ बेड का एचडीयू के अलावा 30 बेड पर ऑक्सीजन की की सुविधा मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है। वार्ड शुरू होने पर 15 साल तक के गंभीर बीमार बच्चों को इलाज नागरिक अस्पताल में ही मिल सकेगा। अब तक गंभीर हालात के बच्चों को पीजीआईएमएस रोहतक रेफर कर दिया जाता था। अब उन्हें उपचार की सुविधा जिला मुख्यालय पर ही मिलेगी।
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पीआईसीयू (बाल चिकित्सा गहन इकाई) वार्ड शुरू होते ही एक माह से 15 वर्ष तक के गंभीर बीमार बच्चों को अभी इमरजेंसी ट्रायेज असेस्मेंट एवं ट्रीटमेंट इकाई में प्राथमिक उपचार प्रदान किया जाता है। पीआईसीयू में गंभीर बच्चों को इलाज और वेंटिलेटर की सुविधा मिलेगी, जिससे बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होना। हृदय संबंधित रोग जैसे दिल कि धड़कन ज्यादा बढ़ना और घटना। पीलिया, लगातार बुखार का बने रहना, इन्फेक्शन आदि बीमारी का इलाज वार्ड में होगा।
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एचडीयू वार्ड में आठ बेड की मिलेगी सुविधा
एचडीयू (उच्च निर्भरता इकाई) वार्ड के तहत जो दोनों के मध्य का मरीज होता है। उसे एचडीयू इकाई में एडमिट किया जाता है, जहां पर जनरल यूनिट से ज्यादा और आईसीयू से कम सेवाएं मरीज को प्रदान की जाती हैं। ऐसे में कई बार मरीज को उच्च इकाई की जरूरत होती है तो ऐसे में उसे यह विभाग के जरिये इलाज किया जाता है। कोई मरीज थोड़ा बहुत गंभीर रहता है तो ऐसे में उसे यहां रखा जाता है, अगर कोई मरीज बहुत ज्यादा गंभीर है तो ऐसे में उसे एचडीयू में न रख के आईसीयू में रखा जाता है।
पीकू वार्ड के लिए करनी होगी स्टाफ की भर्ती
नागरिक अस्पताल में फिलहाल महज एक ही बाल रोग विशेषज्ञ है। ऐसे में पीकू वार्ड बनने के बाद एक चिकित्सक सभी व्यवस्थाओं को नहीं संभाल पाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स सहित अन्य स्टाफ की भर्ती करनी होगी, ताकि पीकू वार्ड का ठीक से संचालन किया जा सके। (संवाद)

जल्द शुरू होगा काम
नागरिक अस्पताल में जल्द ही पीकू वार्ड शुरू करने जा रहे हैं। इसमें पीआईसीयू वार्ड के चार बेड व एचडीयू आठ बेड और 30 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। अभी एनआईसीयू वार्ड में छोटे बच्चों को इलाज मिलता है। पीकू वार्ड शुरू होने पर बड़े बच्चों को इलाज अपने ही अस्पताल में मिलेगा। पीकू वार्ड शुरू करने की अभी प्रक्रिया चल रही है, जल्द शुरू करेंगे।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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