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Haryana: अब जिलास्तर पर खुलेंगे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 डेस्क, अलग से स्टाफ की होगी नियुक्ति
Mon, 13 Nov 2023 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संजय वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संजय वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Updated Mon, 13 Nov 2023 11:38 PM IST
सार
प्रदेशभर में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के लिए कोई अलग से जिलास्तर पर हेल्प डेस्क नहीं है। चाइल्ड हेल्पलाइन पर मदद के लिए आने वाली शिकायतें पंचकूला मुख्यालय के नोडल हेल्प डेस्क पर जाती हैं।
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जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय । स्वंय
विस्तार
अब जिलास्तर पर जल्द ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 डेस्क खुलेंगे। इसकी प्रक्रिया महिला एवं बाल विकास विभाग ने शुरू कर दी है। जिला मुख्यालय पर चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क पर अलग से स्टाफ भी नियुक्त किया जाएगा।
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इसके बाद बच्चों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी। फिलहाल महिला एवं बाल विकास मुख्यालय के नोडल डेस्क पर ही प्रदेशभर के बच्चों की मदद की पुकार पहुंच रही हैं, जिसे संबंधित जिलों के बाल संरक्षण अधिकारी के समक्ष भेजी जा रही हैं। अब महिला एवं बाल विकास विभाग खुद ही जिला मुख्यालयों पर चाइल्ड हेल्पलाइनों का संचालन भी करेगा। कुछ अर्से पहले ही एनजीओ यानी स्वयंसेवी संगठनों से चाइल्ड हेल्पलाइन की कमान छीन ली गई है।
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प्रदेशभर में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के लिए कोई अलग से जिलास्तर पर हेल्प डेस्क नहीं है। चाइल्ड हेल्पलाइन पर मदद के लिए आने वाली शिकायतें पंचकूला मुख्यालय के नोडल हेल्प डेस्क पर जाती हैं, जिन्हें वहां से ही संबंधित जिलों के बाल संरक्षण अधिकारी के समक्ष कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया में न केवल कई बार देरी हो जाती है, बल्कि बाल संरक्षण अधिकारी के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं होने की वजह से ज्यादातर शिकायतों पर समय रहते कदम उठाना भी संभव नहीं हो पाता है। इसी के चलते अब महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिला मुख्यालयों पर जल्द ही अलग से चाइल्ड लाइन हेल्प डेस्क बनाने का निर्णय लिया है।
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चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क पर पंचकूला मुख्यालय के बजाय जिला मुख्यालय पर ही बच्चों की मदद की कॉल जाएंगी। जिन पर तत्परता से अधिकारी संज्ञान ले सकेंगे और बच्चों के राहत एवं बचाव के साथ उन्हें उस मुसीबत से निकालने के लिए तत्परता से प्रभावी कदम उठा सकेंगे।
जिला कोऑर्डिनेटर और काउंसलर सहित दस पदों पर होगी नियुक्ति
जिलास्तर पर चाइल्ड हेल्पलाइन में नए स्टाफ की अलग से नियुक्ति भी की जाएगी। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन की कमान जिला कोऑर्डिनेटर के हाथों में होगी। वहीं इसमें काउंसलर सहित दस पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाएगी। ये कर्मचारी अलग-अलग केसों पर भी काम करेंगे। फिलहाल इस तरह का कोई स्टाफ महिला एवं बाल विकास विभाग के पास नहीं है। इसकी वजह से बच्चों की काउंसिलिंग कराने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग से उधार में काउंसलर बुलाना पड़ता है।
प्रत्येक पुलिस थाना में है चाइल्ड वेलफेयर पुलिस अधिकारी
बाल अपराध से जुड़े मामलों की तहकीकात और बाल यौन शोषण मामलों के लिए प्रत्येक पुलिस थाना में चाइल्ड वेलफेयर पुलिस अधिकारी की भी नियुक्ति है। सीडब्ल्यूपीओ बाल अपराध से जुड़े मामलों में बाल संरक्षण अधिकारी के साथ मिलकर भी काम करते हैं, जिससे की बच्चे के साथ हुए अपराध में न्याय दिलाने के साथ-साथ उसके पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति तालमेल बैठाकर काम कर रहे हैं।
चहारदीवारी के अंदर घुट रही है बच्चों की चीख
चाइल्ड हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों में ज्यादातर घरेलू विवाद या स्कूल में हिंसा के मामलों की होती हैं। बच्चे अपने अभिभावक, टीचर और उनके साथ मनचलों द्वारा छेड़खानी की शिकायतें भी हेल्पलाइन पर कर रहे हैं। हर माह करीब पांच से दस औसतन शिकायतें आ रही हैं। पॉस्को एक्ट से जुड़ीं शिकायतें भी चाइल्ड हेल्पलाइन पर मिलती हैं। पिछले कुछ अर्से में बाल विवाह की शिकायतें भी चाइल्ड हेल्पलाइन पर मिली हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग जिला मुख्यालय पर चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क 1098 खोलने की दिशा में प्रभावी कदम उठा रहा है। पहले चाइल्ड हेल्पलाइन का संचालन एनजीओ के माध्यम से किया जाता था, मगर अब विभाग ने खुद इसे अपने हाथों में लिया है। इसके बाद जिला स्तर पर भी चाइल्ड हेल्प लाइन खोले जाएंगे। इनमें अलग से स्टाफ भी नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद बाल विरुद्ध अपराधों में कमी लाने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे। -संदीप कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी भिवानी।