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जारी नहीं, लीक हुआ था 10वीं का रिजल्ट, बोर्ड ने फर्म को दिया नोटिस
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
- फोटो : Bhiwani
आदेश चौधरी
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में हर रोज नए कारनामे सामने आ रहे हैं। ताजा मामला 10वीं कक्षा का रिजल्ट लीक होने का। बोर्ड से संबंधित फर्म ने निर्देश मिलने से पहले ही वेबसाइट पर 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। उस समय बोर्ड अधिकारियों ने पूरे मामले में फर्म को बचाने के लिए लीपापोती करते हुए कार्रवाई के नाम पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया था। अब शिक्षा बोर्ड के सचिव ने दोबारा मामले की जांच के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बहाल कर दिया है और फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में जब से नए सचिव आए हैं, तब से लगातार नए-नए मामले उजागर हो रहे हैं। इससे बोर्ड प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहा है। हुआ यह कि 11 जून 2021 को शाम 4 बजे हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी किया जाना था। मगर सार्थक डाटा सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड फर्म ने उसे अलसुबह ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दिया।
फर्म को बचाने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर गिराई गाज
बोर्ड के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फूलकुमार के बेटे ने सुबह ही अपना रिजल्ट देखा और अपने पिता को बताया। उसे 500 में से 500 नंबर प्राप्त हुए थे। उत्साह पूर्वक फूलकुमार ने अपने बेटे का रिजल्ट चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के व्हाट्सएप ग्रुप मे डाल दिया। रिजल्ट लीक होने की सूचना जब बोर्ड के आला अधिकारियों को मिली तो उन्होंने फर्म के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह फूलकुमार को ही निलंबित कर दिया।
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एक सप्ताह में देना होगा फर्म को जवाब
सचिव ने अपनी जांच में साफ लिखा है कि सार्थक डाटा सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की लापरवाही के कारण ही रिजल्ट लीक हुआ है। अगर फर्म सतर्कता के साथ कार्य करती तो रिजल्ट लीक नहीं हो सकता था। इसको देखते हुए सचिव ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फूलकुमार को बहाल कर दिया और और उनका कोई भी लाभ रोका नहीं गया है। वहीं फर्म को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
18 हजार बच्चों ने जारी होने से पहले देखा रिजल्ट
बोर्ड द्वारा की गई जांच में यह भी सामने आया है कि तय समय से पहले रिजल्ट जारी किए जाने के बाद 18 हजार बच्चे जारी होने से पहले ही अपना रिजल्ट देख चुके थे। इतना ही नहीं वे उसे एक-दूसरे के साथ साझा भी कर चुके थे। (संवाद)
सख्त कार्रवाई की जाएगी
बोर्ड ने फर्म को बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। बगैर निर्देशों के रिजल्ट जारी करना घोर लापरवाही है। नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हितेंद्र शर्मा, सचिव, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।
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भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में हर रोज नए कारनामे सामने आ रहे हैं। ताजा मामला 10वीं कक्षा का रिजल्ट लीक होने का। बोर्ड से संबंधित फर्म ने निर्देश मिलने से पहले ही वेबसाइट पर 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। उस समय बोर्ड अधिकारियों ने पूरे मामले में फर्म को बचाने के लिए लीपापोती करते हुए कार्रवाई के नाम पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया था। अब शिक्षा बोर्ड के सचिव ने दोबारा मामले की जांच के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बहाल कर दिया है और फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में जब से नए सचिव आए हैं, तब से लगातार नए-नए मामले उजागर हो रहे हैं। इससे बोर्ड प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहा है। हुआ यह कि 11 जून 2021 को शाम 4 बजे हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी किया जाना था। मगर सार्थक डाटा सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड फर्म ने उसे अलसुबह ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दिया।
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फर्म को बचाने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर गिराई गाज
बोर्ड के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फूलकुमार के बेटे ने सुबह ही अपना रिजल्ट देखा और अपने पिता को बताया। उसे 500 में से 500 नंबर प्राप्त हुए थे। उत्साह पूर्वक फूलकुमार ने अपने बेटे का रिजल्ट चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के व्हाट्सएप ग्रुप मे डाल दिया। रिजल्ट लीक होने की सूचना जब बोर्ड के आला अधिकारियों को मिली तो उन्होंने फर्म के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह फूलकुमार को ही निलंबित कर दिया।
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एक सप्ताह में देना होगा फर्म को जवाब
सचिव ने अपनी जांच में साफ लिखा है कि सार्थक डाटा सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की लापरवाही के कारण ही रिजल्ट लीक हुआ है। अगर फर्म सतर्कता के साथ कार्य करती तो रिजल्ट लीक नहीं हो सकता था। इसको देखते हुए सचिव ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फूलकुमार को बहाल कर दिया और और उनका कोई भी लाभ रोका नहीं गया है। वहीं फर्म को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
18 हजार बच्चों ने जारी होने से पहले देखा रिजल्ट
बोर्ड द्वारा की गई जांच में यह भी सामने आया है कि तय समय से पहले रिजल्ट जारी किए जाने के बाद 18 हजार बच्चे जारी होने से पहले ही अपना रिजल्ट देख चुके थे। इतना ही नहीं वे उसे एक-दूसरे के साथ साझा भी कर चुके थे। (संवाद)
सख्त कार्रवाई की जाएगी
बोर्ड ने फर्म को बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। बगैर निर्देशों के रिजल्ट जारी करना घोर लापरवाही है। नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हितेंद्र शर्मा, सचिव, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।