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Bhiwani News: दो महीने से बहल डिस्टीब्यूट्री में नहीं आया पानी, सूखे जलघरों के टैंक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 01:49 AM IST
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No water in Bahal distributary for two months; waterworks tanks run dry.
नहरी पानी के अभाव में सूखा पड़ा बहल जलघर का पानी स्टोरेज टैंक।
बहल। पिछले दो महीने से बहल डिस्टीब्यूट्री में पानी नहीं आने के कारण क्षेत्र के गांवों के जलघरों के स्टोरेज टैंक सूख चुके हैं। इससे जनस्वास्थ्य विभाग की पेयजल सप्लाई प्रभावित हो गई है। नहरी पानी की मांग को लेकर लोग कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी गोकलपुरा गांव के समाजसेवी महावीर चहल ने मंत्री राजेश नागर के समक्ष पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। मंत्री ने पेयजल उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। नहरी पानी नहीं मिलने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा भूमिगत जल की सप्लाई की जा रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। विभाग की ओर से समय-समय पर की गई भूमिगत जल की जांच में सामने आया है कि क्षेत्र के पानी में टीडीएस की मात्रा मानक से कई गुणा अधिक है। इसे कठोर जल की श्रेणी में रखा गया है। इसके बावजूद नहरी पानी के अभाव में लोगों को मजबूरी में इसी पानी का उपयोग करना पड़ रहा है।
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19 मई को आया था नहर में पानी, जलघरों के टैंकों में पड़ रहीं दरारें
जनस्वास्थ्य विभाग ने बहल क्षेत्र के गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए बिधनोई, गोकलपुरा, सुरपुरा कलां, बहल और कासनी कलां के जलघरों में स्टोरेज टैंक बनाए हुए हैं। इन टैंकों को बहल डिस्टीब्यूट्री से जोड़ा गया है। नहर विभाग की ओर से पिछली बार 19 मई को पानी छोड़ा गया था। इसके बाद नहर में पानी नहीं आने से सभी जलघरों के टैंक सूख चुके हैं। कुछ जलघरों के टैंकों में पानी सूखने के बाद नीचे जमा गाद में दरारें तक आ गई हैं। बहल जलघर से बहल, बहल ढाणी और सुधीवास को, सुरपुरा जलघर से सुरपुरा कलां, खुर्द और पातवान को तथा बिधनोई पंप हाउस से चैहड़ कलां, खुर्द, पाजू और सिरसी को पानी की सप्लाई दी जाती है। इन सभी जलघरों में पानी नहीं होने के कारण भूमिगत जल से ही सप्लाई की जा रही है।

बहल शहर में ट्यूबवेलों से चल रहा काम
बहल शहर के जलघर में पानी नहीं होने के कारण राजगढ़ रोड, काली माता मंदिर, पिलानी रोड सहित अन्य बूस्टिंग स्टेशनों पर बने बोर से भूमिगत जल की सप्लाई की जा रही है। इस पानी को फिल्टर करने की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोगों को कठोर भूमिगत जल का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जनस्वास्थ्य विभाग की सप्लाई पूरी नहीं हो पा रही है। मजबूरी में प्राइवेट ट्यूबवेलों से पानी खरीदकर लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाना पड़ रहा है।


करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे बहलवासी
प्रदेश सरकार की ओर से प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 70 लीटर स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने का दावा किया जाता है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग ने भी बहल कस्बे में पेयजल सुविधाओं पर काफी राशि खर्च की है लेकिन इन योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। बहल के लोग लंबे समय से नहरी पानी की उपलब्धता की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। फिलहाल प्रदेश सरकार की महाग्राम योजना के तहत बहल में सीवरेज और पेयजल व्यवस्था पर करीब 80 करोड़ रुपये की योजना पर काम चल रहा है। इसके अगले साल तक पूरा होने की संभावना है। तब तक लोगों को भूमिगत पेयजल से ही काम चलाना पड़ेगा।
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