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कैसे पढ़े बेटियां, 76 बेटियों को पढ़ाने के लिए नहीं कोई शिक्षक
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मुंढाल (भिवानी)। मुंढाल के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में छठी से आठवीं तक की 76 बेटियां हैं, मगर हाल ही में यहां तैनात दो शिक्षकों के हुए ट्रांसफर के बाद इन बेटियों को पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं बचा। ऐसे में सवा करोड़ की लागत से बनी इमारत में बेटियों को पढ़ाने के सारे दावों की पोल खुल रही है। बेटियों ने शिक्षक तैनात करने की मांग को लेकर स्कूल गेट पर धरना दिया और नारेबाजी कर रोष जताया।
बेटियों के समर्थन में अभिभावक भी आ गए। करीब चार घंटे तक भी कोई प्रशासनिक अधिकारी या शिक्षा विभाग का अधिकारी वहां नहीं पहुंचा तो बेटियों ने स्कूल का मिड-डे-मील खाने से भी इन्कार कर दिया और कहा कि जब तक स्कूल में शिक्षक नहीं आते, वे स्कूल का खाना नहीं खाएंगी। यह देख काफी संख्या में ग्रामीण जुटे और चेतावनी दी कि सोमवार तक स्कूल में शिक्षक नहीं आए तो वे स्कूल को ताला जड़ देंगे।
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ऐसे तो बेटियों का कॅरियर ही खराब हो जाएगा
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक महेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, जगप्रवेश, दीपक, सुधीर, राहुल, प्रीतम, भानु, ममता बबली निर्मला, कविता, पूनम, गीता, सुमन, ओमपति व सोनिया ने बताया कि उन्हें जब पता लगा कि स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं रहा, सभी का तबादला हो चुका है तो वे अपनी बेटियों को संभालने के लिए खुद स्कूल में पहुंचे। स्कूल में किसी भी शिक्षक के न होने के कारण बेटियों का साल खराब होते देखा नहीं जाएगा। बेटियों के हक की शिक्षा के लिए वे कोई भी कदम उठाने के तैयार हैं। शिक्षकों के ट्रांसफर से बेटियों के भविष्य पर ही सवाल लग गया है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में स्कूल सवा करोड़ की लागत से बन कर तैयार किया था।
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मुंढाल गांव के मिडिल स्कूल के शिक्षकों का ट्रांसफर होने से समस्या बनी है। जिस संदर्भ में प्रिंसिपल से बातचीत कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा रही है ताकि यहां शिक्षकों की व्यवस्था की जा सके। तब तक यहां सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों पढ़ाई करवाई जाएगी। बेटियों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
- रामअवतार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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बेटियों के समर्थन में अभिभावक भी आ गए। करीब चार घंटे तक भी कोई प्रशासनिक अधिकारी या शिक्षा विभाग का अधिकारी वहां नहीं पहुंचा तो बेटियों ने स्कूल का मिड-डे-मील खाने से भी इन्कार कर दिया और कहा कि जब तक स्कूल में शिक्षक नहीं आते, वे स्कूल का खाना नहीं खाएंगी। यह देख काफी संख्या में ग्रामीण जुटे और चेतावनी दी कि सोमवार तक स्कूल में शिक्षक नहीं आए तो वे स्कूल को ताला जड़ देंगे।
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ऐसे तो बेटियों का कॅरियर ही खराब हो जाएगा
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक महेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, जगप्रवेश, दीपक, सुधीर, राहुल, प्रीतम, भानु, ममता बबली निर्मला, कविता, पूनम, गीता, सुमन, ओमपति व सोनिया ने बताया कि उन्हें जब पता लगा कि स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं रहा, सभी का तबादला हो चुका है तो वे अपनी बेटियों को संभालने के लिए खुद स्कूल में पहुंचे। स्कूल में किसी भी शिक्षक के न होने के कारण बेटियों का साल खराब होते देखा नहीं जाएगा। बेटियों के हक की शिक्षा के लिए वे कोई भी कदम उठाने के तैयार हैं। शिक्षकों के ट्रांसफर से बेटियों के भविष्य पर ही सवाल लग गया है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में स्कूल सवा करोड़ की लागत से बन कर तैयार किया था।
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मुंढाल गांव के मिडिल स्कूल के शिक्षकों का ट्रांसफर होने से समस्या बनी है। जिस संदर्भ में प्रिंसिपल से बातचीत कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा रही है ताकि यहां शिक्षकों की व्यवस्था की जा सके। तब तक यहां सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों पढ़ाई करवाई जाएगी। बेटियों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
- रामअवतार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।