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Bhiwani News: भिवानी के अस्पताल का न ऑपरेशन थियेटर सुरक्षित, न आपातकालीन विभाग, कभी भी छत से गिर सकती है आफत
Sun, 01 Sep 2024 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 01 Sep 2024 02:43 AM IST
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भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल की जर्जरहाल व्यवस्था में ऑपरेशन थियेटर सुरक्षित है न आपातकालीन विभाग, कभी भी मरीजों पर छत से आफत गिर सकती है। ताजा मामला शनिवार का है। जिला नागरिक अस्पताल के प्रथम तल पर स्थित ऑपरेशन थियेटर के मुख्य गेट पर ही छत का मलबा अचानक नीचे आ गिरा। जिस समय ये हादसा हुआ वहां कोई नहीं था।
ऑपरेशन थियेटर के ठीक नीचे ही आपातकालीन विभाग में उसी जगह पर छत का मलवा टूटने से फाॅल सीलिंग भी टूटकर नीचे गिर गई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थियेटर का मुख्य गेट बंद करा दिया, जिसके बाद ऑपरेशन थियेटर में चिकित्सकों व मरीजों का आना-जाना दूसरे गेट से किया गया। करीब सप्ताह भर पहले भी यहां एक महिला कर्मी को करंट लगा था, इसके बाद कौशल कर्मचारियों ने काम बंद कर आपातकालीन विभाग के आगे धरना भी दिया था।
जिला नागरिक अस्पताल का भवन करीब 52 साल पहले बना था। जिला नागरिक अस्पताल के जर्जरहाल भवन की 2011 में एक कंपनी ने करोड़ों के बजट से जीर्णोद्धार किया था। इस दौरान जर्जर हाल छतों को फॉल सीलिंग से ढक दिया गया था। अब जर्जर हाल छतों का काफी हिस्से का मलबा नीचे गिर रहा है, जिससे फाल सीलिंग तो टूट ही रही है, हादसे का भी अंदेशा बना है।
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ऑपरेशन थियेटर के ठीक नीचे आपातकालीन विभाग है। शनिवार को ऑपरेशन थियेटर के मुख्य गेट पर छत का भारी भरकम मलबा टूटकर नीचे गिरा तो ठीक नीचे आपातकालीन विभाग में भी उसी जगह फॉल सीलिंग टूटकर गिर गई। यानी छतों का हिस्सा भी अब काफी कमजोर हो गया है। आपातकालीन विभाग में दो शौचालयों को पहले ही छतों से मलबा गिरने की वजह से बंद किया जा चुका है। वहीं ऑपरेशन थियेटर में भी स्टोर सहित कुछ हिस्से को छतों से मलबा गिरने व दीवारों में सीलन आने से करंट की वजह से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
ऑपरेशन थियेटर का मुख्य गेट करना पड़ा बंद, दूसरे रास्ते से रही आवाजाही
छत से भारी भरकम मलबा गिरने के बाद शनिवार को ऑपरेशन थियेटर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद दूसरे रास्ते से आवाजाही रखी गई। ऑपरेशन थियेटर में करीब 35 से 40 मरीजों के ऑपरेशन किए जाते हैं। ऐसे में ऑपरेशन थियेटर में काफी स्टाफ भी तैनात है। जिन्हें मुख्य गेट बंद होने पर दूसरे रास्ते से ही आवाजाही करनी पड़ी।
ये बोले मरीज
अस्पताल में दाखिल मरीज कमलेश, महावीर, दयाकिशन ने बताया कि अस्पताल में छत काफी कमजोर हो चुकी हैं। पता नहीं कब किस हिस्से से मलबा छत से गिर जाए। छतों और दीवारों में दरारें आ गईं हैं। इस कारण बैड पर भी हमेशा डर बना रहता है। अस्पताल के कई वार्डों में छतों से मरीजों पर भी मलबा गिर चुका है, जिससे उन्हें मामूली चोटें भी आई हैं, यह सुनकर तो और भी डर लगने लगता है।
मेरे संज्ञान में ऑपरेशन थियेटर की छत से मलबा गिरने की जानकारी आई थी। इसके बाद मैंने संबंधित एसएमओ को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उस हिस्से को बंद कर दिया है। दूसरे रास्ते से आवाजाही कराई जा रही है, जल्द ही क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कराया जाएगा। - डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।
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ऑपरेशन थियेटर के ठीक नीचे ही आपातकालीन विभाग में उसी जगह पर छत का मलवा टूटने से फाॅल सीलिंग भी टूटकर नीचे गिर गई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थियेटर का मुख्य गेट बंद करा दिया, जिसके बाद ऑपरेशन थियेटर में चिकित्सकों व मरीजों का आना-जाना दूसरे गेट से किया गया। करीब सप्ताह भर पहले भी यहां एक महिला कर्मी को करंट लगा था, इसके बाद कौशल कर्मचारियों ने काम बंद कर आपातकालीन विभाग के आगे धरना भी दिया था।
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जिला नागरिक अस्पताल का भवन करीब 52 साल पहले बना था। जिला नागरिक अस्पताल के जर्जरहाल भवन की 2011 में एक कंपनी ने करोड़ों के बजट से जीर्णोद्धार किया था। इस दौरान जर्जर हाल छतों को फॉल सीलिंग से ढक दिया गया था। अब जर्जर हाल छतों का काफी हिस्से का मलबा नीचे गिर रहा है, जिससे फाल सीलिंग तो टूट ही रही है, हादसे का भी अंदेशा बना है।
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ऑपरेशन थियेटर के ठीक नीचे आपातकालीन विभाग है। शनिवार को ऑपरेशन थियेटर के मुख्य गेट पर छत का भारी भरकम मलबा टूटकर नीचे गिरा तो ठीक नीचे आपातकालीन विभाग में भी उसी जगह फॉल सीलिंग टूटकर गिर गई। यानी छतों का हिस्सा भी अब काफी कमजोर हो गया है। आपातकालीन विभाग में दो शौचालयों को पहले ही छतों से मलबा गिरने की वजह से बंद किया जा चुका है। वहीं ऑपरेशन थियेटर में भी स्टोर सहित कुछ हिस्से को छतों से मलबा गिरने व दीवारों में सीलन आने से करंट की वजह से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
ऑपरेशन थियेटर का मुख्य गेट करना पड़ा बंद, दूसरे रास्ते से रही आवाजाही
छत से भारी भरकम मलबा गिरने के बाद शनिवार को ऑपरेशन थियेटर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद दूसरे रास्ते से आवाजाही रखी गई। ऑपरेशन थियेटर में करीब 35 से 40 मरीजों के ऑपरेशन किए जाते हैं। ऐसे में ऑपरेशन थियेटर में काफी स्टाफ भी तैनात है। जिन्हें मुख्य गेट बंद होने पर दूसरे रास्ते से ही आवाजाही करनी पड़ी।
ये बोले मरीज
अस्पताल में दाखिल मरीज कमलेश, महावीर, दयाकिशन ने बताया कि अस्पताल में छत काफी कमजोर हो चुकी हैं। पता नहीं कब किस हिस्से से मलबा छत से गिर जाए। छतों और दीवारों में दरारें आ गईं हैं। इस कारण बैड पर भी हमेशा डर बना रहता है। अस्पताल के कई वार्डों में छतों से मरीजों पर भी मलबा गिर चुका है, जिससे उन्हें मामूली चोटें भी आई हैं, यह सुनकर तो और भी डर लगने लगता है।
मेरे संज्ञान में ऑपरेशन थियेटर की छत से मलबा गिरने की जानकारी आई थी। इसके बाद मैंने संबंधित एसएमओ को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उस हिस्से को बंद कर दिया है। दूसरे रास्ते से आवाजाही कराई जा रही है, जल्द ही क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कराया जाएगा। - डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।