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Bhiwani News: लापरवाही की मार... हनुमान गेट चौक पर धंसी सड़क बनी हादसों की वजह
Mon, 19 Jan 2026 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:15 AM IST
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शहर के हनुमान गेट चौक पर मांगों को लेकर रोष जताते क्षेत्रवासी। स्वयं
भिवानी। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल हनुमान गेट चौक इन दिनों हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और धंसी हुई जमीन न केवल यातायात में बाधा पैदा कर रही है बल्कि वाहन चालकों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। समाधान शिविरों से लेकर उपायुक्त तक कई बार गुहार लगाए जाने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या पर मौन साधे हुए हैं।
पार्षद विनोद प्रजापति ने बताया कि कुछ समय पहले हनुमान गेट चौक पर पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई की गई थी। कार्य पूरा होने के बाद विभाग द्वारा सड़क की समुचित मरम्मत नहीं की गई। इसके चलते आज चौक पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार अवगत कराने और समाधान शिविरों में मामला उठाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि ठंड के समय घनी धुंध और कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में सड़क के बीचों-बीच बने खुले गड्ढे किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार रात और सुबह के समय दुपहिया वाहन चालक अक्सर इन गड्ढों में फंसकर गिर जाते हैं और चोटिल हो रहे हैं। पार्षद ने मांग की कि सड़क के धंसे हुए हिस्से की तकनीकी जांच कर इसे नए सिरे से दुरुस्त किया जाए। साथ ही पेयजल आपूर्ति के वॉल को भी ठीक किया जाए ताकि दूषित पानी पेयजल में न मिले और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
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स्थानीय निवासी प्रवीण कुमार और नरेश जांगड़ा ने बताया कि यह सड़क लंबे इंतजार के बाद बनी थी लेकिन निर्माण के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण सड़क नीचे से खोखली रह गई। बारिश का पानी जमा होने से जमीन लगातार धंस रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर संबंधित विभाग केवल मिट्टी या घटिया सामग्री डालकर अस्थायी मरम्मत कर देता है जो पहली बारिश या भारी ट्रैफिक के दबाव में फिर से उखड़ जाती है। कुछ दिन पहले की गई ऐसी ही मरम्मत अब दोबारा जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
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पार्षद विनोद प्रजापति ने बताया कि कुछ समय पहले हनुमान गेट चौक पर पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई की गई थी। कार्य पूरा होने के बाद विभाग द्वारा सड़क की समुचित मरम्मत नहीं की गई। इसके चलते आज चौक पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार अवगत कराने और समाधान शिविरों में मामला उठाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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उन्होंने बताया कि ठंड के समय घनी धुंध और कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में सड़क के बीचों-बीच बने खुले गड्ढे किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार रात और सुबह के समय दुपहिया वाहन चालक अक्सर इन गड्ढों में फंसकर गिर जाते हैं और चोटिल हो रहे हैं। पार्षद ने मांग की कि सड़क के धंसे हुए हिस्से की तकनीकी जांच कर इसे नए सिरे से दुरुस्त किया जाए। साथ ही पेयजल आपूर्ति के वॉल को भी ठीक किया जाए ताकि दूषित पानी पेयजल में न मिले और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
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स्थानीय निवासी प्रवीण कुमार और नरेश जांगड़ा ने बताया कि यह सड़क लंबे इंतजार के बाद बनी थी लेकिन निर्माण के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण सड़क नीचे से खोखली रह गई। बारिश का पानी जमा होने से जमीन लगातार धंस रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर संबंधित विभाग केवल मिट्टी या घटिया सामग्री डालकर अस्थायी मरम्मत कर देता है जो पहली बारिश या भारी ट्रैफिक के दबाव में फिर से उखड़ जाती है। कुछ दिन पहले की गई ऐसी ही मरम्मत अब दोबारा जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।