Nayab cabinet 2.0: तोशाम में पहली बार कमल खिलाने वाली श्रुति चौधरी बनीं मंत्री, परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया
मंत्री श्रुति चौधरी 2005 में अपने पिता सुरेंद्र सिंह के निधन के बाद राजनीति में सक्रिय हुई थी। जिन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव में तोशाम से पहली बार कमल खिलाया और परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया है
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श्रुति चौधरी 2024 के विधानसभा चुनावों में पहली बार तोशाम की विधायक बनीं हैं। जून 2024 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता हासिल की थी। इससे पहले वह 2005 से राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्य रही हैं। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने 2009 से 2014 तक भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा संसदीय क्षेत्र से सांसद चुना गया था। श्रुति चौधरी का जन्म तीन अक्तूबर 1975 को नई दिल्ली में हुआ था। उनके पिता पूर्व कृषिमंत्री चौ सुरेंद्र सिंह और माता भाजपा से राज्यसभा सांसद किरण चौधरी हैं।
स्व सुरेंद्र सिंह और किरण चौधरी हरियाणा सरकार में मंत्री भी रहे हैं। श्रुति चौधरी के दादा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल को विकास पुरुष के नाम से जाना जाता है। उनका परिवार हरियाणा के प्रमुख राजनीतिक परिवारों में से एक है। श्रुति चौधरी ने 2005 में अपने पिता की मृत्यु के बाद राजनीति की ओर रुख किया था।
श्रुति चौधरी की प्रारंभिक शिक्षा कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरके पुरम में हुई। जिसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड में पढ़ाई की। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए और फिर आगरा में बी.आर आंबेडकर विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की। सात मार्च 2003 को श्रुति चौधरी ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरुणाभ चौधरी से विवाह किया था।