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नप घोटाला : अब तहसीलदार करेंगे घोटालेबाजों की चल-अचल संपत्ति का आकलन
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भिवानी। नप घोटाले के आरोपियों और उनके परिजनों की भिवानी के सभी ब्लॉक में कहां-कहां कितनी संपत्ति है यह ब्योरा अब तहसीलदार और नायब तहसीलदार जुटाएंगे। विजिलेंस अधिकारियों के पत्र के बाद जिला राजस्व अधिकारी ने सभी ब्लॉकों के तहसीलदार, नायब तहसीलदार को पत्र लिखकर नप घोटाले के गिरफ्तार आरोपियों और उनके परिजनों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाने के निर्देश दिए हैं।
नगर परिषद में पिछले दो माह के दौरान तीन बड़े घोटाला फर्जी चेक घोटाला, फर्जी रसीद घोटाला और जमीन घोटाला सामने आया। करोड़ों की राशि इधर से उधर फर्जी तरीके से की गई। पुलिस इन मामलों में निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, अकाउंटेंट सुरेश कुमार, संजय बंसल, एक्सिस बैंक के सेल्स मैनेजर नितेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुके हैं। रण सिंह यादव, संजय यादव से पुलिस कुछ रिकवर नहीं कर पाई है। अधिकतर ने गबन की राशि को चल-अचल संपत्ति में लगा दिया है। ऐसे में अब विजिलेंस एसआईटी इनकी चल-अचल संपत्ति की तलाश में लगी है। इसी संबंध में विजिलेंस ने शहरी निकाय निदेशालय को पत्र लिखकर चल-अचल संपत्ति की जानकारी मांगी थी। इसके बाद, अब जिला राजस्व अधिकारी ने भिवानी, तोशाम, बवानीखेड़ा, लोहारू, सिवानी, बहल के तहसीलदार, नायब तहसीलदार को पत्र लिखकर आरोपियों और उनके परिजनों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने के निर्देश दिए हैं।
इनकी संपत्तियों का मांगा ब्योरा
विजिलेंस ने निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, उनकी पत्नी पूनम रानी, माता माया देवी, पिता कबूल सिंह, बेटी तनिष्का, बेटे पीयूष, पालुवास वासी ललित कुमार, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, उनकी पत्नी सुमन यादव, पुत्र अमन यादव, नमन यादव, पुत्रवधू किरण, माता सरबती देवी, आरोपी अकाउंटेंट संजय बंसल, उसकी पत्नी कविता बंसल, पुत्री नेहा, पुत्र मानव, माता कृष्णा देवी,- अकाउंटेंट सुरेश कुमार, उसकी पत्नी सुनीता, पुत्र रमन और विकास, आरोपी नितेश अग्रवाल, उनकी पत्नी पायल गर्ग, माता बिमला अग्रवाल, अशोक कुमार, अनुप की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मांगा है।
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नगर परिषद में पिछले दो माह के दौरान तीन बड़े घोटाला फर्जी चेक घोटाला, फर्जी रसीद घोटाला और जमीन घोटाला सामने आया। करोड़ों की राशि इधर से उधर फर्जी तरीके से की गई। पुलिस इन मामलों में निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, अकाउंटेंट सुरेश कुमार, संजय बंसल, एक्सिस बैंक के सेल्स मैनेजर नितेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुके हैं। रण सिंह यादव, संजय यादव से पुलिस कुछ रिकवर नहीं कर पाई है। अधिकतर ने गबन की राशि को चल-अचल संपत्ति में लगा दिया है। ऐसे में अब विजिलेंस एसआईटी इनकी चल-अचल संपत्ति की तलाश में लगी है। इसी संबंध में विजिलेंस ने शहरी निकाय निदेशालय को पत्र लिखकर चल-अचल संपत्ति की जानकारी मांगी थी। इसके बाद, अब जिला राजस्व अधिकारी ने भिवानी, तोशाम, बवानीखेड़ा, लोहारू, सिवानी, बहल के तहसीलदार, नायब तहसीलदार को पत्र लिखकर आरोपियों और उनके परिजनों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने के निर्देश दिए हैं।
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इनकी संपत्तियों का मांगा ब्योरा
विजिलेंस ने निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, उनकी पत्नी पूनम रानी, माता माया देवी, पिता कबूल सिंह, बेटी तनिष्का, बेटे पीयूष, पालुवास वासी ललित कुमार, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, उनकी पत्नी सुमन यादव, पुत्र अमन यादव, नमन यादव, पुत्रवधू किरण, माता सरबती देवी, आरोपी अकाउंटेंट संजय बंसल, उसकी पत्नी कविता बंसल, पुत्री नेहा, पुत्र मानव, माता कृष्णा देवी,- अकाउंटेंट सुरेश कुमार, उसकी पत्नी सुनीता, पुत्र रमन और विकास, आरोपी नितेश अग्रवाल, उनकी पत्नी पायल गर्ग, माता बिमला अग्रवाल, अशोक कुमार, अनुप की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मांगा है।
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