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नप घोटाला : अब जमीन घोटाले में निवर्तमान चेयरमैन सहित आठ पर केस दर्ज
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भिवानी। नगर परिषद में जमीनों के रिकॉर्ड के साथ भी बड़े स्तर पर छेड़छाड़ कर गबन किया गया है। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की प्राथमिक जांच में ही बड़ा गबन सामने आया है। पुलिस ने शहर थाना में नप के निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, निवर्तमान उपप्रधान मामनचंद के अलावा चेयरमैन के पीए ललित यादव, पार्षद संदीप भारद्वाज, अकाउंटेंट संजय बंसल और सुरेश कुमार, अशोक सांगवान के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
नगर परिषद में चेक घोटाला और रसीद घोटाला पहले ही सामने आ चुका है, जिनके केस दर्ज करने के अलावा काफी आरोपी भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें करोड़ों के घोटाले का खुलासा भी हो चुका है। नगर परिषद में बड़े स्तर पर जमीन घोटाला भी हुआ। अनेक जगह जमीनों के मालिक बदल दिए गए, तो काफी जगह नप की जगह को अपने चहेतों के नाम कर दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता सुशील वर्मा ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। करीब साढ़े चार सौ करोड़ के घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने शिकायत के बाद जांच का जिम्मा आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा। जिसने सोमवार को नगर परिषद में घंटों रिकार्ड खंगाला, जिसमें पाया कि घोटाला हुआ है। मंगलवार को पुलिस ने निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद, पीए ललित यादव, अकाउंटेंट सुरेश कुमार, संजय बंसल, क्लर्क अशोक सांगवान, पार्षद संदीप भारद्वाज, रजनीश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
ये लगाए आरोप
- नगर परिषद भिवानी में सार्वजनिक शौचालय की जमीन को अवैध रूप से नगर परिषद कार्यालय के कागजात में दुकान के रूप में तब्दील करके सार्वजनिक व सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे करके करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
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- शहर में स्थित जोहड़ के सुंदरीकरण के नाम पर सरकार द्वारा दी गई धनराशि का तो गबन किया ही है, साथ ही साथ उपरोक्त जोहड़ों की जमीन को अवैध रूप से समाप्त करके उस पर मार्केट स्थापित की गई है। सार्वजनिक जगह को अवैध तरीके से बेचकर सरकारी संपत्ति का पैसों के साथ गबन किया गया है। उपरोक्त जोहड़ों के सफाई के लिए बूस्टिंग स्टेशन के नाम पर धनराशि जारी करके उस राशि का भी गबन किया गया है। निवर्तमान चेयरमैन द्वारा जोहड़ों की सफाई सिर्फ कागजों में करवाई गई है।
- शहर में काफी प्लाटों के साथ भी हेराफेरी करके उपरोक्त प्लाटों को अपने सगे संबंधियों रिश्तेदारों व निकट के साथियों के नाम ट्रांसफर किए गए हैं।
- नगर परिषद के करीब 40 प्लॉट ग्वार फैक्टरी के पीछे अवैध तरीके से कागजों के साथ छेड़छाड़ करके अपने कुछ साथियों के नाम और कुछ को धन राशि हड़पने के चक्कर में प्रॉपर्टी डीलर्स को बेचकर घोटाले किए गए हैं। कुछ प्लाट नंबर 86, 87 ,92, 94 ( मेला ग्राउंड , ग्वार फैक्टरी के पीछे ) के साथ गबन किया गया। इसी कड़ी में ऑटो मार्केट की दुकान नंबर 1 व 4 और अन्य लगभग दस दुकानों (न्यू ऑटो मार्केट, दादरी रोड) को अवैध पीआईडी के जरिये हड़पा गया है। एक ऐसा ही मामला एमसी कॉलोनी रोहतक रोड के पास प्लॉट नंबर 22 में भी किया गया है।
- एक मुकदमा नंबर 72 साल 2016 थाना सिटी भिवानी में शौर्य वाला मंदिर की जमीन हड़प करने के संबंध में दर्ज है। जिसमें आरोपी सुरेश उर्फ नंबरदार अकाउंटेंट नगर परिषद भिवानी को कहीं भी शामिल नहीं किया गया है, जबकि उपरोक्त घोटाले में वह मुख्य आरोपी है।
- शहर में काफी पुरानी हवेलिया होती थी, जिन पर उपरोक्त आरोपियों ने अवैध कब्जे करवाएं और नगर परिषद में उच्च पद पर होने के कारण उपरोक्त हवेलियों के दस्तावेज आज भी आसानी से स्वयं के नाम ट्रांसफर करवाएं। करीब 450 करोड़ रुपये की संपत्ति का गबन इस नए तरीके से किया गया।
- निवर्तमान चेयरमैन का पीए ललित यादव और निवर्तमान पार्षद संदीप भारद्वाज उर्फ जुल्लु ने रण सिंह यादव के कहने पर कई चेकों पर हस्ताक्षर करवाए। सभी ने मिलकर बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर गबन किया है।
सुशील वर्मा की शिकायत पर रण सिंह यादव, मामनचंद, अकाउंटेंट सुरेश कुमार, संजय बंसल, निवर्तमान पार्षद संदीप भारद्वाज, क्लर्क अशोक सांगवान, रजनीश सर्राफ, ललित यादव के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा, एसएचओ
शहर थाना
जमीन घोटाले की जांच करवाई जा रही है। सभी तरह से जांच हो रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो इनकी संपत्ति अटैच करके रिकवरी की जाएगी।
अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक
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नगर परिषद में चेक घोटाला और रसीद घोटाला पहले ही सामने आ चुका है, जिनके केस दर्ज करने के अलावा काफी आरोपी भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें करोड़ों के घोटाले का खुलासा भी हो चुका है। नगर परिषद में बड़े स्तर पर जमीन घोटाला भी हुआ। अनेक जगह जमीनों के मालिक बदल दिए गए, तो काफी जगह नप की जगह को अपने चहेतों के नाम कर दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता सुशील वर्मा ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। करीब साढ़े चार सौ करोड़ के घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने शिकायत के बाद जांच का जिम्मा आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा। जिसने सोमवार को नगर परिषद में घंटों रिकार्ड खंगाला, जिसमें पाया कि घोटाला हुआ है। मंगलवार को पुलिस ने निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद, पीए ललित यादव, अकाउंटेंट सुरेश कुमार, संजय बंसल, क्लर्क अशोक सांगवान, पार्षद संदीप भारद्वाज, रजनीश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
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- नगर परिषद भिवानी में सार्वजनिक शौचालय की जमीन को अवैध रूप से नगर परिषद कार्यालय के कागजात में दुकान के रूप में तब्दील करके सार्वजनिक व सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे करके करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
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- शहर में स्थित जोहड़ के सुंदरीकरण के नाम पर सरकार द्वारा दी गई धनराशि का तो गबन किया ही है, साथ ही साथ उपरोक्त जोहड़ों की जमीन को अवैध रूप से समाप्त करके उस पर मार्केट स्थापित की गई है। सार्वजनिक जगह को अवैध तरीके से बेचकर सरकारी संपत्ति का पैसों के साथ गबन किया गया है। उपरोक्त जोहड़ों के सफाई के लिए बूस्टिंग स्टेशन के नाम पर धनराशि जारी करके उस राशि का भी गबन किया गया है। निवर्तमान चेयरमैन द्वारा जोहड़ों की सफाई सिर्फ कागजों में करवाई गई है।
- शहर में काफी प्लाटों के साथ भी हेराफेरी करके उपरोक्त प्लाटों को अपने सगे संबंधियों रिश्तेदारों व निकट के साथियों के नाम ट्रांसफर किए गए हैं।
- नगर परिषद के करीब 40 प्लॉट ग्वार फैक्टरी के पीछे अवैध तरीके से कागजों के साथ छेड़छाड़ करके अपने कुछ साथियों के नाम और कुछ को धन राशि हड़पने के चक्कर में प्रॉपर्टी डीलर्स को बेचकर घोटाले किए गए हैं। कुछ प्लाट नंबर 86, 87 ,92, 94 ( मेला ग्राउंड , ग्वार फैक्टरी के पीछे ) के साथ गबन किया गया। इसी कड़ी में ऑटो मार्केट की दुकान नंबर 1 व 4 और अन्य लगभग दस दुकानों (न्यू ऑटो मार्केट, दादरी रोड) को अवैध पीआईडी के जरिये हड़पा गया है। एक ऐसा ही मामला एमसी कॉलोनी रोहतक रोड के पास प्लॉट नंबर 22 में भी किया गया है।
- एक मुकदमा नंबर 72 साल 2016 थाना सिटी भिवानी में शौर्य वाला मंदिर की जमीन हड़प करने के संबंध में दर्ज है। जिसमें आरोपी सुरेश उर्फ नंबरदार अकाउंटेंट नगर परिषद भिवानी को कहीं भी शामिल नहीं किया गया है, जबकि उपरोक्त घोटाले में वह मुख्य आरोपी है।
- शहर में काफी पुरानी हवेलिया होती थी, जिन पर उपरोक्त आरोपियों ने अवैध कब्जे करवाएं और नगर परिषद में उच्च पद पर होने के कारण उपरोक्त हवेलियों के दस्तावेज आज भी आसानी से स्वयं के नाम ट्रांसफर करवाएं। करीब 450 करोड़ रुपये की संपत्ति का गबन इस नए तरीके से किया गया।
- निवर्तमान चेयरमैन का पीए ललित यादव और निवर्तमान पार्षद संदीप भारद्वाज उर्फ जुल्लु ने रण सिंह यादव के कहने पर कई चेकों पर हस्ताक्षर करवाए। सभी ने मिलकर बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर गबन किया है।
सुशील वर्मा की शिकायत पर रण सिंह यादव, मामनचंद, अकाउंटेंट सुरेश कुमार, संजय बंसल, निवर्तमान पार्षद संदीप भारद्वाज, क्लर्क अशोक सांगवान, रजनीश सर्राफ, ललित यादव के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा, एसएचओ
शहर थाना
जमीन घोटाले की जांच करवाई जा रही है। सभी तरह से जांच हो रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो इनकी संपत्ति अटैच करके रिकवरी की जाएगी।
अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक