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फैसला : भिवानी जिले के किसी भी गांव में नहीं बनेगा विकास कार्यों का कोई भी प्रस्ताव

Fri, 03 Feb 2023 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 03 Feb 2023 11:45 PM IST
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देवसर मोड पर जिप प्रतिनिधि मोनू देवसर के कार्यालय पर आयोजित परपंचों की बैठक को संबोधित करते जनप
भिवानी। ई-टेंडरिंग और पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के विरोध में सरपंच लगातार अपने विरोध को तेज कर रहे हैं। जिलेभर के सरपंचों ने फैसला किया है कि जब तक सरकार ई-टेंडरिंग को बंद नहीं करेंगी और पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली उनके माफी नहीं मांग लेते तब तक भिवानी जिले के किसी भी गांव में विकास कार्यों का कोई भी प्रस्ताव नहीं बनेगा। साथ ही ग्राम सचिव की ओर से बनाए प्रस्ताव को भी वे स्वीकार नहीं करेंगे। इसके साथ ही वे अब खंड विकास एवं पंचायती राज कार्यालयों पर भी ताल लगाकर उन्हें पूरा दिन बंद रखने का काम भी करेंगे। इसकी तैयारी में जिलेभर के सरपंच व जनप्रतिनिधि जुट गए हैं। वहीं दूसरी ओर नरवाना में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिले से जिला पार्षद प्रतिनिधि मोनू देवसर सहित कई सरपंचों को भी पुलिस ने नजरबंद कर दिया था।
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सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान एवं गांव कालुवास के सरपंच आशीष बेनीवाल ने बताया कि सरपंचों ने बैठक कर फैसला लिया है कि सरकार जब तक ई-टेंडरिंग बंद नहीं करेंगी तब तक वे कोई भी प्रस्ताव पास नहीं करेंगे। इसके साथ ही जिले के सभी खंड भिवानी, बवानीखेड़ा, तोशाम, बहल, लोहारू, कैरू और सिवानी के खंड विकास एवं पंचायती राज कार्यालयों को तालाबंद करेंगे। जब तक सरकार सरपंचों की मांग नहीं मान लेती तब तक वे कार्यालय में काम नहीं होने देंगे। वे अनिश्चितकालीन काल कर कार्यालय के ही धरना देंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। वहीं इसको लेकर वीरवार देर शाम को वार्ड नंबर सात से जिला पार्षद प्रतिनिधि मोनू देवसर के कार्यालय पर भिवानी खंड के करीब 46 सरपंच व जनप्रतिनिधियों ने बैठक की। बैठक में इन फैसले पर सभी ने अपना समर्थन दिया।
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10 घंटे तक पुलिस ने किया नजरबंद
शुक्रवार को नरवाना में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था, जिसमें सरपंच व जनप्रतिनिधि विरोध करने जाने वाले थे। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उन्हें 10 घंटे तक नजरबंद कर दिया। सरपंच आशीष बेनीवाल ने बताया कि पुलिस उन्हें सुबह पांच बजे घर से औद्योगिक पुलिस थाना ले गई, जबकि गांव प्रेमनगर के सरपंच राजेश को भी पुलिस थाने में ले गई। इनके अलावा जिला पार्षद प्रतिनिधि मोनू देवसर व गांव देवसर के सरपंच संजय देवसरिया को जूई थाना पुलिस ने मोनू के कार्यालय में ही नजरबंद किए रखा।
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न होने देंगे कार्यक्रम, न ही गांव से किसी को जाने देंगे
जिला प्रधान सरपंच आशीष बेनीवाल ने बताया कि सरपंचों ने यह भी फैसला किया है कि वे भाजपा-जजपा के किसी भी मंत्री, विधायक या फिर सांसद का न ही तो अपने गांव में कोई कार्यक्रम होने दें और न ही गांव से किसी भी व्यक्ति को उनकी रैली या कार्यक्रम में जाने देंगे। जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती तब तक विरोध जारी रहेगा।
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