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बेटे ने किया मोटिवेट तो लगाया ओलंपिक क्वालिफाइंग पंच
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 24 Jun 2016 12:36 AM IST
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भिवानी। बाकू (अजरबैजान) में कोरिया के मुक्केबाज डी डॉगयुन को हराकर रियो ओलंपिक का टिकट हासिल करने के फौरन बाद विकास कृष्ण यादव ने अपनी जीत का राज भी बताया। ढाई साल के बेटे राव वीर सिंह के चार अल्फाज (यू विल विन गोल्ड) ने पिता में इतना जोश भरा कि कोरियन मुक्केबाज को धूल चटा कर ओलंपिक की अर्हता हासिल कर ली। परिजनों ने वीर सिंह के बोल की वीडियो क्लिप बनाकर विकास के पास बाकू भेजी।
बेटे की वीडियो क्लिप देखने के बाद नए जोश के संचार की बात विकास ने बृहस्पतिवार शाम अपने परिजनों को बताई। विकास की बहन किरण ने अमर उजाला को बताया कि विकास के बड़े बेटे राव वीर सिंह की वीडियो हमने भाई को भेजी थी, जो उसने फाइट से पहले देखी। वीडियो क्लिप में वीर अपने पिता को कहा रहा है कि पापा, यू विल विन गोल्ड। फाइट के बाद जब हमारी भाई से बात हुई तो उसने बताया कि थर्ड राउंड से पहले वीर के शब्द उसके जेहन में गूंज रहे थे। उसी से हौसला और मजबूत हुआ। रात करीब आठ बजे विकास की नानी की तबीयत कुछ खराब होने के कारण उसके माता-पिता को उनके पास जाना पड़ा। घर में मौजूद विकास की पत्नी व एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप की मेडलिस्ट सोनम और बहन किरण ने खुशी जताते हुए कहा कि इस बार मेडल हर हाल में घर आएगा।
मुक्केबाज विकास की जीत से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है और सबको उम्मीद है कि चार साल पुरानी कसक को इस बार गोल्ड मेडल से पूरा किया जाएगा। मुक्केबाज विकास के जैसे ही जीतने की खबर घर आई, पूरा परिवार खुशी में झूम उठा। एक-दूसरे को बधाई दी।
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बहन बोली, पिछले ओलंपिक की मन में कसक, इस बार नहीं देगा कोई मौका, लगाएगा गोल्डन पंच
पत्नी सोनम ने बताया कि विकास पिछले चार साल से कड़ी मेहनत कर रहा है। पिछले एक साल में तो काफी मेहनत की है। खासकर अमेरिका में एक महीने की ट्रेनिंग। उसकी कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि उसका स्टेमिना काफी बढ़ा है। स्टेमिना बढ़ने के लिए अटैक और डिफेंस भी मजबूर हुआ है। विकास की तैयारी को देखते हुए इस बार हर हाल में गोल्ड मेडल आएगा। उल्लेखनीय है कि 2012 ओलंपिक में विकास की किस्मत ने साथ नहीं दिया। क्वार्टर फाइनल में विकास को विजेता घोषित कर दिया था, लेकिन कुछ घंटों के बाद आयोजकों ने विकास की जीत को हार में बदल दिया। बहन किरण ने नए स्कोरिंग सिस्टम और हैड गार्ड हटाने के नियम पर भी नाखुशी जताई। साथ ही कहा कि इस बार भाई किसी को कोई मौका नहीं देगा। 2012 की तरह चिटिंग करने का कोई मौका देंगे।
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बेटे की वीडियो क्लिप देखने के बाद नए जोश के संचार की बात विकास ने बृहस्पतिवार शाम अपने परिजनों को बताई। विकास की बहन किरण ने अमर उजाला को बताया कि विकास के बड़े बेटे राव वीर सिंह की वीडियो हमने भाई को भेजी थी, जो उसने फाइट से पहले देखी। वीडियो क्लिप में वीर अपने पिता को कहा रहा है कि पापा, यू विल विन गोल्ड। फाइट के बाद जब हमारी भाई से बात हुई तो उसने बताया कि थर्ड राउंड से पहले वीर के शब्द उसके जेहन में गूंज रहे थे। उसी से हौसला और मजबूत हुआ। रात करीब आठ बजे विकास की नानी की तबीयत कुछ खराब होने के कारण उसके माता-पिता को उनके पास जाना पड़ा। घर में मौजूद विकास की पत्नी व एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप की मेडलिस्ट सोनम और बहन किरण ने खुशी जताते हुए कहा कि इस बार मेडल हर हाल में घर आएगा।
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मुक्केबाज विकास की जीत से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है और सबको उम्मीद है कि चार साल पुरानी कसक को इस बार गोल्ड मेडल से पूरा किया जाएगा। मुक्केबाज विकास के जैसे ही जीतने की खबर घर आई, पूरा परिवार खुशी में झूम उठा। एक-दूसरे को बधाई दी।
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बहन बोली, पिछले ओलंपिक की मन में कसक, इस बार नहीं देगा कोई मौका, लगाएगा गोल्डन पंच
पत्नी सोनम ने बताया कि विकास पिछले चार साल से कड़ी मेहनत कर रहा है। पिछले एक साल में तो काफी मेहनत की है। खासकर अमेरिका में एक महीने की ट्रेनिंग। उसकी कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि उसका स्टेमिना काफी बढ़ा है। स्टेमिना बढ़ने के लिए अटैक और डिफेंस भी मजबूर हुआ है। विकास की तैयारी को देखते हुए इस बार हर हाल में गोल्ड मेडल आएगा। उल्लेखनीय है कि 2012 ओलंपिक में विकास की किस्मत ने साथ नहीं दिया। क्वार्टर फाइनल में विकास को विजेता घोषित कर दिया था, लेकिन कुछ घंटों के बाद आयोजकों ने विकास की जीत को हार में बदल दिया। बहन किरण ने नए स्कोरिंग सिस्टम और हैड गार्ड हटाने के नियम पर भी नाखुशी जताई। साथ ही कहा कि इस बार भाई किसी को कोई मौका नहीं देगा। 2012 की तरह चिटिंग करने का कोई मौका देंगे।