भिवानी: खराब होने से पहले गरीबों की रसोई में खपाया जा रहा 10 माह से डिपो में रखा सरसों का तेल, कुछ दिन बाद की एक्सपायरी डेट
मई में सरसों के तेल का वितरण बंद कर दिया था। अब 50 रुपये में दो लीटर तेल दिया जा रहा है। जिले भर में सरकारी डिपो के स्टॉक में है 6205 लीटर सरसों तेल है। पहले आओ पहले पाओ नीति से वितरण होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के भिवानी में अब सरकारी राशन डिपो पर पिछले 10 माह से बकाया स्टॉक में रखे सरसों तेल से गरीबों के घर की रसोई में तड़का लगेगा, लेकिन यह तेल कुछ दिन बाद ही एक्सपायर हो जाएगा। दो लीटर की सरसों तेल की बोतलों पर लिखी हिदायतों में एक साल तक ही इसे इस्तेमाल लायक बताया गया है। कई बोतलें तो ऐसी दी जा रही हैं, जिनकी मियाद इसी माह समाप्त होने वाली है।
डिपो पर रखे तेल वितरण का निर्णय खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने लिया है। जिसका फरवरी में सभी डिपो पर वितरण किए जाने के आदेश हैं। अब ये सरसों तेल गरीबों की सेहत पर क्या असर डालेगा, इसका नतीजा तो बाद में आएगा, लेकिन एक बात तो तय है कि एक्सपायरी डेट के नजदीक पहुंच चुके इस सरसों तेल का वितरण कर विभाग भी अपने स्टॉक को खाली करने की तैयारी करने में जरूर जुट गया है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सरसों तेल की सरकारी सप्लाई मई 2021 में अचानक बंद कर दी थी। जिसके बदले प्रत्येक गरीब पात्र परिवार को बैंक खाते में दो लीटर सरसों तेल के बदले 250 रुपये हर माह भुगतान डालने की नीति भी बनी थी, लेकिन विभाग राशन कार्डों से परिवार पहचान पत्र और बैंक खाते जोड़ने में ही उलझकर रह गया।
इसके चलते सरसों तेल के भुगतान से भी अभी गरीब परिवार वंचित हैं। अकेले भिवानी जिले में 449 राशन डिपो के स्टॉक में अब तक 6205 लीटर सरसों तेल बकाया स्टॉक में दर्शाया जा रहा है। जिसका वितरण पहले आओ पहले पाओ की नीति से होगा।
जिले में दो लाख 23 हजार से अधिक लाभार्थी
भिवानी जिले में 449 सरकारी राशन डिपो हैं, जिनसे दो लाख 23 हजार से अधिक लाभार्थी गरीब परिवार जुड़े हैं। जिन्हें हर माह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण परिवार योजना के तहत मुफ्त राशन भी मिल रहा है। जिले में डबलएवाई श्रेणी में 14 हजार 106 परिवार हैं, जिनमें 69850 सदस्य शामिल हैं। इसी तरह प्राथमिक परिवार (ओपीएच) श्रेणी में 73 हजार 617 परिवार हैं, जिनके तीन लाख 17 हजार 239 सदस्य हैं। स्टेट बीपीएल की श्रेणी में 25 हजार 52 परिवारों के एक लाख 14 हजार 564 सदस्य हैं। सेंट्रल बीपीएल श्रेणी में 24 हजार 274 परिवार हैं, जिनके एक लाख 12 हजार 769 सदस्य लाभ ले रहे हैं। विभाग द्वारा मार्च तक हर माह गरीबों को डबल राशन वितरण किया जाएगा।
ये है जिले में सरकारी बिक्री केंद्रों पर सरसों तेल के स्टॉक की स्थिति
- बिक्री केंद्र सरसों तेल स्टॉक
- भिवानी 4004 लीटर
- लोहारू 72 लीटर
- सिवानी 91 लीटर
- तोशाम 697 लीटर
- बवानीखेड़ा 805 लीटर
- बहल 109 लीटर
- जूईकलां 320 लीटर
- ढिगावामंडी 104 लीटर
- कुल 6205 लीटर
जरूरत 800 लीटर की स्टॉक में सिर्फ 36 लीटर
शास्त्री नगर कॉलोनी के डिपो होल्डर अनिल कुमार ने बताया कि विभाग ने स्टॉक में बचे सरसों तेल के वितरण का फैसला लिया है। मेरे डिपो पर 800 लीटर सरसों तेल की डिमांड है, लेकिन बचा है सिर्फ 36 लीटर तेल। उलझन इस बात की भी है कि किसे दें और किसे मना करें। बोतल पर एक्सपायरी डेट भी अप्रैल की है। उपभोक्ता भी हमारी बातों को नहीं समझ रहे हैं, विभाग ने बुरे फंसा दिए हैं।
खाते में पैसे आने के लिए दस माह से इंतजार कर रहे गरीब
बीपीएल परिवार की सदस्य सुमित्रा, काली देवी, कमला रानी, महेश कुमार, मुकेश व रीना का कहना है कि पहले उन्हें हर माह दो लीटर सरसों तेल 40 रुपये में मिल जाता था। बाजार में तेल महंगा हो गया है। सरकारी डिपो पर भी बंद कर दिया है। दस माह से खाते में 250 रुपये के हिसाब से पैसे आने का इंतजार कर रहे हैं। डिपो पर जाते हैं तो डिपोधारक कहता है कि उसे कुछ नहीं पता, अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं, गरीब की रसोई में बाजार से महंगा तेल महंगाई का तड़का लगा रहा है। गरीबों पर दोहरी मार पड़ रही है।
फरवरी से अप्रैल तक एक्सपायर हो जाएगा सरसों तेल
हैफेड द्वारा सरकारी राशन डिपो पर मई माह से पहले भेजी गईं सरसों तेल की दो लीटर की बोतलों पर अलग-अलग पैकिंग तिथियां अंकित की गई हैं। यानी इनकी पैकिंग की तारीख लिखी हुई है। पैकिंग के बाद ये तेल 12 माह तक ही प्रयोग में उत्तम बताया गया है। कई डिपो पर तो बचा हुआ स्टॉक दस से 11 माह या इससे अधिक पुराना हो चुका है। जिसकी वजह से कई बोतल तो आगामी 20 दिन बाद ही एक्सपायरी डेट की हो जाएगी। पड़ताल में सामने आया है कि कुछ बोतलों की उपयोगिता मियाद तो फरवरी में ही पूरी होने वाली तो कुछ की मार्च और अप्रैल में पूरी हो जाएगी। (संवाद)
फरवरी में ही खत्म करना है स्टॉक
फरवरी में डिपो पर बकाया सरसों तेल स्टॉक को खाली करना है। इसलिए प्रत्येक बोतल पर 50 रुपये कार्डधारक से लेने हैं, जबकि पिछले साल 40 रुपये दो लीटर तेल के लिए थे। इसमें दस रुपये डिपोधारक का कमीशन शामिल किया है। सरसों तेल डिपो पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर वितरण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तेल की एक्सपायरी डेट में समय बचा है। - मुकेश कुमार, एएफएसओ, सरकारी बिक्री केंद्र भिवानी।