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कलहः एक रसोई में खाना बनाते फिर भी रहते थे एक दूसरे से अलग
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डबल मर्डर केस में मौका मुआयना करते डीएसपी व पुलिस। संवाद न्यूज एजेंसी।
- फोटो : Bhiwani
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घरेलू कलह का नतीजा इतना खौफनाक होगा, शायद किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। एक ही छत के नीचे रहने और एक ही रसोई में खाना बनाने के बावजूद माता-पिता और बेटा-बहू पिछले एक साल से अलग रह रहे थे। दिलों के अंदर एक-दूसरे के प्रति नफरत और घृणा इस कदर हावी हो गई कि परिवार उजड़ गया। व्यक्ति ने अपनी पत्नी, पुत्रवधू की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या की और फिर खुद जहरीला पदार्थ निगल लिया। तीनों की ही मौत हो गई।
गांव पालुवास निवासी 32 वर्षीय लवेश पानी के टैंकर सप्लाई का काम करता था। घर के अंदर ही उसने बोरवेल किया हुआ था, जहां से पानी टैंकर में भरकर वह लोगों को बेचता था। लवेश के दो लड़के हैं, एक चार साल व दूसरा डेढ़ साल का बेटा है। जबकि उसकी पत्नी संजू घर पर ही रहती थी। लवेश के पिता सुखबीर खेतीबाड़ी करते थे और उसकी मां सुमन भी गृहिणी थी। करीब एक साल पहले से परिवार के सदस्यों के बीच अनबन रहने लगी। नतीजा यह हुआ कि बूढ़े मां-बाप अलग हो गए और लवेश अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ उसी घर में अलग रहने लगा। दो कमरों और एक रसोई के इस मकान में दोनों अलग अलग रहते हुए भी एक ही रसोई में खाना पकाते थे। जिस समय सुमन की हत्या हुई उस समय वह रसोई के अंदर गैस पर दूध गर्म कर रही थी। उसकी हत्या के एक घंटे बाद जब तफ्तीश कर रहे डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बेटे से पूछताछ की तो तुरंत रसोई घर की तरफ दौड़े। देखा गैस अभी भी जल रहा था और दूध पतीले के अंदर ही जल चुका था। पुलिस ने जल रहे गैस को बंद किया। जबकि कमरे के अंदर लवेश की पत्नी संजू की लाश फर्श पर पड़ी थी। संजू के सिर और पेट पर कुल्हाड़ी से कई वार किए गए थे। खून फर्श पर बिखरा पड़ा था। कमरे के अंदर ही खाना संदूक पर बनाकर रखा हुआ था। शायद पहले संजू ने रसोई में खाना बनाया था, उसी के बाद उसकी सास रसोई के अंदर दूध गर्म कर रही थी। इसी दौरान सुखबीर के सिर पर खून सवार हो गया और घर के अंदर रखी कुल्हाड़ी और रॉड से एक के बाद एक दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे डाला।
लवेश बोला- हत्या से पहले बाजार गया था पिता, शायद लाया था खुद के लिए जहर
लवेश ने बताया कि जब वह सुबह पानी के टैंकर लेकर घर से निकला था तो उसका पिता भी जूते पहनकर घर से बाजार के लिए निकला था। शायद उसी दौरान वह बाजार से गेहूं में डालने वाली सफेद रंग की थैली में सल्फास की गोलियां लेकर आया था। लेकिन जब वह वापस घर लौटा तब तक उसका पिता उसकी पत्नी और मां को मौत के घाट उतार चुका था और खुद भी फर्श पर पड़ा तड़प रहा था। उसी ने फोन कर परिवार के लोगों को बुलाया।
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नहीं सुनीं किसी ने दोनों महिलाओं की चीखें, बचाव के लिए नहीं आया कोई
सुखबीर ने अपनी पत्नी सुमन और उसकी पुत्रवधू संजू को कुल्हाड़ी से बेरहमी से काट डाला। लेकिन उनके चीखने और चिल्लाने की आवाज किसी ने नहीं सुनी। यही वजह रही कि कोई बचाव के लिए नहीं आया। थोड़ी देर की हैवानियत के बाद घर के अंदर हमेशा के लिए खामोशी छा गई और मौत का मातम पसर गया।
दो मासूम बच्चे भी थे वारदात के समय
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर खुदकुशी करने वाले सुखबीर का छोटा परिवार था, लेकिन खुशहाल परिवार नहीं बन पाया। सुखबीर अपनी बेटी की शादी कर चुका था। जबकि लवेश उसका इकलौता बेटा था। हत्याकांड के समय घर में लवेश के दो मासूम बच्चे भी मौजूद थे। मृतक सुखबीर के बड़े भाई कृष्ण ने बताया कि वे चार भाई थे, जबकि छोटे भाई की पहले ही मौत हो चुकी थी। सुखबीर का घर उनके घर से थोड़ा दूर था। उन्हें तो लवेश ने फोन कर घटना के बारे में बताया तो वे यहां पहुंचे।
पुलिस इस दोहरे हत्याकांड की विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में मामला घरेलू कलह से जुड़ा बताया गया है। मगर बेटे से काफी जानकारी जुटाई गई है। हत्यारे की भी मौत हो चुकी है।
- वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर
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गांव पालुवास निवासी 32 वर्षीय लवेश पानी के टैंकर सप्लाई का काम करता था। घर के अंदर ही उसने बोरवेल किया हुआ था, जहां से पानी टैंकर में भरकर वह लोगों को बेचता था। लवेश के दो लड़के हैं, एक चार साल व दूसरा डेढ़ साल का बेटा है। जबकि उसकी पत्नी संजू घर पर ही रहती थी। लवेश के पिता सुखबीर खेतीबाड़ी करते थे और उसकी मां सुमन भी गृहिणी थी। करीब एक साल पहले से परिवार के सदस्यों के बीच अनबन रहने लगी। नतीजा यह हुआ कि बूढ़े मां-बाप अलग हो गए और लवेश अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ उसी घर में अलग रहने लगा। दो कमरों और एक रसोई के इस मकान में दोनों अलग अलग रहते हुए भी एक ही रसोई में खाना पकाते थे। जिस समय सुमन की हत्या हुई उस समय वह रसोई के अंदर गैस पर दूध गर्म कर रही थी। उसकी हत्या के एक घंटे बाद जब तफ्तीश कर रहे डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बेटे से पूछताछ की तो तुरंत रसोई घर की तरफ दौड़े। देखा गैस अभी भी जल रहा था और दूध पतीले के अंदर ही जल चुका था। पुलिस ने जल रहे गैस को बंद किया। जबकि कमरे के अंदर लवेश की पत्नी संजू की लाश फर्श पर पड़ी थी। संजू के सिर और पेट पर कुल्हाड़ी से कई वार किए गए थे। खून फर्श पर बिखरा पड़ा था। कमरे के अंदर ही खाना संदूक पर बनाकर रखा हुआ था। शायद पहले संजू ने रसोई में खाना बनाया था, उसी के बाद उसकी सास रसोई के अंदर दूध गर्म कर रही थी। इसी दौरान सुखबीर के सिर पर खून सवार हो गया और घर के अंदर रखी कुल्हाड़ी और रॉड से एक के बाद एक दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे डाला।
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लवेश बोला- हत्या से पहले बाजार गया था पिता, शायद लाया था खुद के लिए जहर
लवेश ने बताया कि जब वह सुबह पानी के टैंकर लेकर घर से निकला था तो उसका पिता भी जूते पहनकर घर से बाजार के लिए निकला था। शायद उसी दौरान वह बाजार से गेहूं में डालने वाली सफेद रंग की थैली में सल्फास की गोलियां लेकर आया था। लेकिन जब वह वापस घर लौटा तब तक उसका पिता उसकी पत्नी और मां को मौत के घाट उतार चुका था और खुद भी फर्श पर पड़ा तड़प रहा था। उसी ने फोन कर परिवार के लोगों को बुलाया।
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नहीं सुनीं किसी ने दोनों महिलाओं की चीखें, बचाव के लिए नहीं आया कोई
सुखबीर ने अपनी पत्नी सुमन और उसकी पुत्रवधू संजू को कुल्हाड़ी से बेरहमी से काट डाला। लेकिन उनके चीखने और चिल्लाने की आवाज किसी ने नहीं सुनी। यही वजह रही कि कोई बचाव के लिए नहीं आया। थोड़ी देर की हैवानियत के बाद घर के अंदर हमेशा के लिए खामोशी छा गई और मौत का मातम पसर गया।
दो मासूम बच्चे भी थे वारदात के समय
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर खुदकुशी करने वाले सुखबीर का छोटा परिवार था, लेकिन खुशहाल परिवार नहीं बन पाया। सुखबीर अपनी बेटी की शादी कर चुका था। जबकि लवेश उसका इकलौता बेटा था। हत्याकांड के समय घर में लवेश के दो मासूम बच्चे भी मौजूद थे। मृतक सुखबीर के बड़े भाई कृष्ण ने बताया कि वे चार भाई थे, जबकि छोटे भाई की पहले ही मौत हो चुकी थी। सुखबीर का घर उनके घर से थोड़ा दूर था। उन्हें तो लवेश ने फोन कर घटना के बारे में बताया तो वे यहां पहुंचे।
पुलिस इस दोहरे हत्याकांड की विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में मामला घरेलू कलह से जुड़ा बताया गया है। मगर बेटे से काफी जानकारी जुटाई गई है। हत्यारे की भी मौत हो चुकी है।
- वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर