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बड़ेसरा हत्याकांड : किराये पर ली गाड़ी, चालक को बंधक बना दिया वारदात को अंजाम

Thu, 16 Jul 2020 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2020 11:51 PM IST
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सामान्य अस्पताल में बैठे मृतक सूबेसिंह के परिजन । फाइल फोटो - फोटो : Bhiwani
बड़ेसरा ट्रिपल मर्डर के मुख्य गवाह सूबे सिंह की हत्या करने हत्यारोपी किराये पर ली गई गाड़ी से आए थे। गाड़ी के चालक को बंधक बनाकर गोहाना में छोड़ा गया। इतना ही नहीं भागने के दौरान महम के पास पंक्चर होने पर कार वहीं छोड़ी और वहां से गुजर रहे जयपुर के प्रॉपर्टी डीलर को पिस्तौल दिखा कार और मोबाइल छीने। कार को मदीना के पास छोड़कर फरार हो गए। दोनों कार महम पुलिस के पास है। भिवानी की सीआईए, बवानीखेड़ा थाना पुलिस, एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम समेत चार टीमें हत्यारों की तलाश में जुटी है। वहीं चुनावी रंजिश में पांचवीं हत्या के बाद गांव में भी तनाव का माहौल है और पूर्व सरपंच पवन का परिवार डर के साये में है। हालांकि उनकी सुरक्षा में पुलिस गार्द लगाई गई है।
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उल्लेखनीय है कि 2017 में हुए बड़ेसरा ट्रिपल हत्याकांड के मुख्य गवाह 79 वर्षीय सूबे सिंह की बुधवार सुबह करीब छह बजे घर के बाहर तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पूर्व सरपंच पवन के परिवार में यह इस विवाद में पांचवीं हत्या है। इससे पहले वर्ष 2017 में सूबे सिंह के बेटे बलजीत, भाई भल्लेराम और महेंद्र की हत्या हुई थी। 14 अक्तूबर 2019 में पूर्व सरपंच पवन की हत्या की गई। अब सूबे सिंह जो कि वर्ष 2017 के ट्रिपल मर्डर केस का मुख्य गवाह था, उसकी हत्या की गई है।
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हत्याकांड के बाद पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस ने रोहतक, महम के अलावा सोनीपत में छापेमारी की। पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं मगर अभी पुलिस हत्या के आरोपियों तक नहीं पहुंची है।
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किराये पर ली कार, फिर चालक को बंधक बनाया
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि हत्याकांड को अंजाम स्वीफ्ट डिजायर कार से दिया गया। यह कार हांसी गेट के किसी व्यक्ति के नाम है। इसे एक दिन पहले ही किराये पर लिया गया। आरोप है कि चालक को बंधक बनाकर गोहाना में छोड़ दिया गया। इसके बाद सभी गांव बड़ेसरा आए और यहां हत्याकांड को अंजाम देकर भागने लगे तो महम रोड के पास गाड़ी पंक्चर हो गई। जिसे वहीं छोड़ आरोपियों ने वहां से गुजर रही एक कार के चालक से पिस्तौल दिखाकर कार छिनी।
दो युवक कार के आगे आए और दो ने तान दी पिस्तौल
हांसी की भाटिया कॉलोनी वासी हिम्मत सिंह ने बताया कि वह जयपुर राजस्थान में प्रॉपर्टी डीलर है। सुबह करीब छह बजे हांसी से जयपुर के लिए चला था। करीब 6:50 पर महम बाईपास बड़ेसरा रोड पर पहुंचा तो दो लड़के अपने मुंह पर कपड़ा बांधे सड़क के बीच चल रहे थे। उन्हें देख गाड़ी धीमी की तो साइड में चल रहे दो युवक हवा में पिस्तौल लहराते हुए आए और मेरी कनपटी पर पिस्तौल लगा बोले कि गाड़ी से नीचे उतर जाओ और फोन को गाड़ी में ही छोड़ दो। डर के कारण मैं गाड़ी से नीचे उतर गया। इसके बाद वे मेरी हुंडई आई-10 गाड़ी रोहतक की ओर लेकर भाग गए। चारों ने चेहरों पर नकाब लगा रखा था।
एक आरटीआई की सजा पांच हत्याएं, अभी भी मंडरा रहा खतरा
सरपंच के फर्जी दस्तावेज को लेकर लगाई गई आरटीआई की सजा में पांच हत्याएं हो गईं। अभी भी परिवार के बाकी सदस्यों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है। अब तक हुए सभी हत्याओं में गवाही देने वाले सभी को हत्या की चेतावनी तक दी गई है। पूर्व सरपंच पवन के पूरे परिवार में दहशत का माहौल है। बेशक अब उनकी सुरक्षा में पुलिस गार्द लगा रखी हो मगर हर कोई अनजान को शक की नजर से देखा जा रहा है। मृतक बलजीत के लड़के विकास ने कहा कि एक आरटीआई ही तो लगाई थी। आज पांच हत्याओं से पूरा परिवार बर्बाद हो गया है। अब बलराज ही 2017 के ट्रिपल मर्डर में मुख्य गवाह हैं।
पुलिस और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पुलिस को दो दिन पहले और करीब 20 दिन पहले आगाह किए जाने के बावजूद हत्याकांड को अंजाम दिया गया। जिससे परिजनों में रोष है। वहीं जेल के अंदर बंद आनंद उर्फ बबलू पर हत्याएं कराने के आरोप लगाते हुए परिजनों ने कहा कि जिस तरह साजिश रच कर हत्याएं करवाई जा रही है, उससे साफ है कि जेल प्रशासन भी मिला हुआ है। पूर्व सरपंच के चचेरे भाई राज कुमार ने बताया कि बीते शुक्रवार को ही उसने डीएसपी से मिलकर खतरा बताया था। इससे करीब 20 दिन पहले भी पुलिस को चेताया था। फिर भी न सुरक्षा बढ़ाई और न ही अन्य कोई कदम उठाया। उसी का नतीजा है कि सूबे सिंह की हत्या हुई। मृतक के पोते मोहित ने बताया कि हत्याओं में जो भी गवाही देगा, उसे मारने की धमकी दी है। पोते विकास ने बताया कि उसने एक पुलिस अधिकारी को कई दफा फोन मिलाए मगर नहीं उठाए। मैसेज भी किए। इसके बाद आईजी रोहतक से बात की और सुरक्षा की मांग की। अगर अब वे एसपी कार्यालय जाते हैं तो उनकी जान को खतरा है।

वर्जन -
मामले की जांच की जा रही है। वारदात में प्रयुक्त कार महम के पास पंक्चर मिली है। जो कि हांसी गेट वासी किसी व्यक्ति की है। जिसे किराये पर लिया गया था। महम रोड पर किसी प्रॉपर्टी डीलर की कार छीन कर हत्या के आरोपी मदीना की ओर गए। जहां कार को छोड़ा। इस संबंध में महम थाने में केस दर्ज है। भिवानी के चार-पांच टीमें अलग-अलग क्षेत्र में हत्या के आरोपियों की तलाश में छापे मार रही है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाए।
- वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर
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