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Bhiwani News: सांसद धर्मबीर सिंह ने पानी की किल्लत पर ली अधिकारियों की आपात बैठक
Fri, 14 Jun 2024 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 14 Jun 2024 12:40 AM IST
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बैठक में अधिकारियों को दिशा निर्देश देते सांसद चौ. धर्मवीर सिंह।
भिवानी। सांसद धर्मबीर सिंह की अध्यक्षता में वीरवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में पानी की समस्या को लेकर बैठक की गई। इसमें अतिरिक्त उपायुक्त हर्षित कुमार सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सांसद ने जनहित से जुड़े कार्यों और विशेषकर पीने के पानी की समस्या को लेकर अधिकारियों से जवाबतलबी की।
सांसद धर्मबीर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए उपस्थित अधिकारियों को कहा कि परिस्थिति चाहे जो भी हो क्षेत्र के शहर व गांवों में पानी की किल्लत को हर हाल में दूर किया जाएं। अगर कोई अधिकारी कार्य में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई निश्चित तौर पर की जानी तय है। उन्होंने बैठक में कहा कि सभी कार्यालय अध्यक्ष उनसे संबंधित विभाग के कार्यों की प्रबंधन रूपरेखा को अच्छे ढंग से बनाए ताकि लंबे समय तक कार्यों के करने में परेशानी नहीं उठाने पड़े और आमजन को सही समय पर मूलभूत सुविधाएं मिलती रहें। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी एक्शन लेने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त को निर्देश दिए।
सांसद धर्मबीर सिंह ने समीक्षा बैठक में उच्चाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यों के प्रति जिम्मेदारी तय की जाएं। यदि ये अधिकारी इन कार्यों को करने में असमर्थ होते हैं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। बिजली विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व सिंचाई विभाग आपसी तालमेल के साथ बिजली, पानी व सिंचाई पानी मुहैया करवाएं ताकि आमजन परेशान न हो। उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि वे सबसे पहले टेल के लिए पानी दें ताकि टेल के क्षेत्र वाले जलघरों को समय रहते भरा जा सकें।
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उन्होंने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि वे समय पर पूरी बिजली दें ताकि जलघरों को पानी से भरा जा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि गत दिनों आंधी से टूटे पोलों को अतिशीघ्र दोबारा से लगाया जाए ताकि बिजली निर्बाध सुचारू हो सकें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी आंधी में ही बार-बार पोलों का टूटने की भी जांच करवाई जाएगी, किस स्तर पर कमी के कारण बार-बार ऐसा हो रहा है और इसमें जो भी ठेकेदार, अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सांसद धर्मबीर सिंह ने समीक्षा बैठक में कुछ विभागों की कार्यप्रणाली से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि बिजली विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्षों व मुख्यमंत्री को डीओ पत्र के माध्यम से अवगत करवाते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी आशीष मान, बिजली विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एवं कार्यकारी अभियंता, सुधीर चांदवास मौजूद रहे।
2200 क्यूसेक की डिमांड, सिर्फ एक हजार क्यूसेक मिल रहा, तीन से चार दिन में होगा समाधान
सांसद धर्मबीर सिंह ने पानी की समस्या को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक के बाद वहीं एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आमजन, पशुओं व खेती-बाड़ी के लिए बिजली, पेयजल व सिंचाई पानी की जरूर को निर्धारित पैमाने के अनुसार पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमारे जिले की पानी की डिमांड 2200 क्यूसेक है, जबकि हमें लगभग एक हजार क्यूसिक पानी ही मिल रहा है, इसका कारण जानने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले लगभग तीन-चार दिन में पानी की समस्या की किल्लत में सुधार होगा।
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सांसद धर्मबीर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए उपस्थित अधिकारियों को कहा कि परिस्थिति चाहे जो भी हो क्षेत्र के शहर व गांवों में पानी की किल्लत को हर हाल में दूर किया जाएं। अगर कोई अधिकारी कार्य में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई निश्चित तौर पर की जानी तय है। उन्होंने बैठक में कहा कि सभी कार्यालय अध्यक्ष उनसे संबंधित विभाग के कार्यों की प्रबंधन रूपरेखा को अच्छे ढंग से बनाए ताकि लंबे समय तक कार्यों के करने में परेशानी नहीं उठाने पड़े और आमजन को सही समय पर मूलभूत सुविधाएं मिलती रहें। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी एक्शन लेने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त को निर्देश दिए।
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सांसद धर्मबीर सिंह ने समीक्षा बैठक में उच्चाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यों के प्रति जिम्मेदारी तय की जाएं। यदि ये अधिकारी इन कार्यों को करने में असमर्थ होते हैं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। बिजली विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व सिंचाई विभाग आपसी तालमेल के साथ बिजली, पानी व सिंचाई पानी मुहैया करवाएं ताकि आमजन परेशान न हो। उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि वे सबसे पहले टेल के लिए पानी दें ताकि टेल के क्षेत्र वाले जलघरों को समय रहते भरा जा सकें।
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उन्होंने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि वे समय पर पूरी बिजली दें ताकि जलघरों को पानी से भरा जा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि गत दिनों आंधी से टूटे पोलों को अतिशीघ्र दोबारा से लगाया जाए ताकि बिजली निर्बाध सुचारू हो सकें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी आंधी में ही बार-बार पोलों का टूटने की भी जांच करवाई जाएगी, किस स्तर पर कमी के कारण बार-बार ऐसा हो रहा है और इसमें जो भी ठेकेदार, अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सांसद धर्मबीर सिंह ने समीक्षा बैठक में कुछ विभागों की कार्यप्रणाली से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि बिजली विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्षों व मुख्यमंत्री को डीओ पत्र के माध्यम से अवगत करवाते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी आशीष मान, बिजली विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एवं कार्यकारी अभियंता, सुधीर चांदवास मौजूद रहे।
2200 क्यूसेक की डिमांड, सिर्फ एक हजार क्यूसेक मिल रहा, तीन से चार दिन में होगा समाधान
सांसद धर्मबीर सिंह ने पानी की समस्या को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक के बाद वहीं एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आमजन, पशुओं व खेती-बाड़ी के लिए बिजली, पेयजल व सिंचाई पानी की जरूर को निर्धारित पैमाने के अनुसार पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमारे जिले की पानी की डिमांड 2200 क्यूसेक है, जबकि हमें लगभग एक हजार क्यूसिक पानी ही मिल रहा है, इसका कारण जानने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले लगभग तीन-चार दिन में पानी की समस्या की किल्लत में सुधार होगा।