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Bhiwani News: बंदरों ने अब मोर पर किया हमला, जख्मी
Wed, 16 Oct 2024 10:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 16 Oct 2024 10:18 PM IST
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कैरू। गांव देवराला में बंदरों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। बुधवार सुबह सात बजे दीवार पर बैठे मोर पर बंदरों ने अचानक हमला कर दिया। झपटा झपटी में मोर 20 फीट ऊंचाई से गिर गया। इससे मोर जख्मी हो गया।
बंदरों के उत्पात के कारण ग्रामीण परेशान हैं। दिनभर बंदर लोगों के लिए दिक्कतें पैदा करते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों की समस्या से छुटकारा दिलाया जाए। बंदर घरों में घुसकर महिलाओं के हाथों से खाने का सामान छीनकर ले जाते हैं। सैकड़ों की संख्या में बंदर घरों की छतों पर बैठे रहते हैं। बंदर अक्सर घरों की छतों पर सूखने वाले कपड़ों को भी फाड़ देते हैं।
महिला पंच लक्ष्मी के घर में घुसकर बंदरों ने घरेलू सामान बिखेर दिया। महिला खेत में गई हुई थी और जब आई तो सामान इधर उधर पड़ा मिला। वहीं पशु आहार को फर्श पर बिखेर गए व पीने के पानी के मटकों को फोड़ गए। बंदरों को काबू करने का काम ग्राम पंचायत का है, उसके बावजूद पंचायत कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच व सदस्य इसकी रोकथाम के लिए आगे नहीं आ रहे है। सरपंच को इस बारे में कई बार अवगत कराया लेकिन उसके बाद भी बंदर पकड़वाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।
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गांव में बंदर सैकड़ों की संख्या में हैं। जो ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं। बंदरों के कारण ग्रामीण भय के साए में जी रहे हैं। ग्रामीण अब पहरेदारी करने को मजबूर हैं।
- संजय टाक देवराला।
बंदरों के उत्पात से भयभीत ग्रामीणों ने अपनी छतों पर जाना तक बंद कर दिया है। बंदरों के भय से स्कूल आने-जाने वाले छात्र और बाहर खेलने वाले बच्चे घरों से निकलने में कतराने लगे हैं। वहीं महिलाओं ने भी घरेलू कार्यों से छतों पर जाना बंद कर दिया है।
-मुन्ना।
गांव में छत के ऊपर एकाएक बंदरों का झुंड आ जाता है और उत्पात मचाने लगते हैं। बंदर घर की छत पर रखे सामान को क्षतिग्रस्त कर देते हैं और खाद्य सामग्री सहित अन्य चीजों को नुकसान पहुंचाते हैं।
- मनीष, ग्रामीण।
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बंदरों के उत्पात के कारण ग्रामीण परेशान हैं। दिनभर बंदर लोगों के लिए दिक्कतें पैदा करते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों की समस्या से छुटकारा दिलाया जाए। बंदर घरों में घुसकर महिलाओं के हाथों से खाने का सामान छीनकर ले जाते हैं। सैकड़ों की संख्या में बंदर घरों की छतों पर बैठे रहते हैं। बंदर अक्सर घरों की छतों पर सूखने वाले कपड़ों को भी फाड़ देते हैं।
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महिला पंच लक्ष्मी के घर में घुसकर बंदरों ने घरेलू सामान बिखेर दिया। महिला खेत में गई हुई थी और जब आई तो सामान इधर उधर पड़ा मिला। वहीं पशु आहार को फर्श पर बिखेर गए व पीने के पानी के मटकों को फोड़ गए। बंदरों को काबू करने का काम ग्राम पंचायत का है, उसके बावजूद पंचायत कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच व सदस्य इसकी रोकथाम के लिए आगे नहीं आ रहे है। सरपंच को इस बारे में कई बार अवगत कराया लेकिन उसके बाद भी बंदर पकड़वाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।
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गांव में बंदर सैकड़ों की संख्या में हैं। जो ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं। बंदरों के कारण ग्रामीण भय के साए में जी रहे हैं। ग्रामीण अब पहरेदारी करने को मजबूर हैं।
- संजय टाक देवराला।
बंदरों के उत्पात से भयभीत ग्रामीणों ने अपनी छतों पर जाना तक बंद कर दिया है। बंदरों के भय से स्कूल आने-जाने वाले छात्र और बाहर खेलने वाले बच्चे घरों से निकलने में कतराने लगे हैं। वहीं महिलाओं ने भी घरेलू कार्यों से छतों पर जाना बंद कर दिया है।
-मुन्ना।
गांव में छत के ऊपर एकाएक बंदरों का झुंड आ जाता है और उत्पात मचाने लगते हैं। बंदर घर की छत पर रखे सामान को क्षतिग्रस्त कर देते हैं और खाद्य सामग्री सहित अन्य चीजों को नुकसान पहुंचाते हैं।
- मनीष, ग्रामीण।