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विधायक घनश्याम सर्राफ ने थामा बिस्तर पर बेबस पड़े शंकर का हाथ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 01:18 AM IST
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MLA Ghanshyam Sarraf held Shankar's hand helpless on the bed
बेडसोर बीमारी से ग्रस्त शंकर को उपचार के लिए ले जाती उसकी बहनें। फाइल फोटो - फोटो : Bhiwani
भिवानी। एक साल पर बिस्तर पर पड़े ढाणी चेजारान निवासी 18 वर्षीय शंकर की बेबसी पर विधायक घनश्याम सर्राफ का दिल पसीजा और उन्होंने उसका हाथ थामा है। विधायक का एक प्रतिनिधि शंकर के घर पहुंचा और उसकी हालत का भी जायजा लिया। इसके बाद विधायक ने शंकर के इलाज के लिए हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया।
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दरअसल शंकर सरकार की आयुष्मान भारत यानी आयुष योजना से भी मायूस हो चुका था, क्योंकि उसका कोई हेल्थ बीमा नहीं था। उसे इलाज कराने के लिए अब तक कोई सरकारी मदद भी नहीं मिली और न ही किसी ने उसकी मदद के लिए कोई हाथ बढ़ाया था। शंकर की पीड़ा को अमर उजाला सबके सामने लाया। 15 दिसंबर के अंक में 'पांच बहनों के इकलौते भाई को बेडसोर बीमारी, एक साल से पकड़ा बिस्तर, मदद की दरकार' शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर को पढ़कर कई लोग द्रवित हुए। उनमें विधायक घनश्याम सर्राफ भी शामिल हैं।
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चेजारान ढाणी निवासी शंकर के माता-पिता की काफी साल पहले मौत हो चुकी है। पांच बहनों में इकलौता शंकर हर उम्मीद से ना उम्मीद हो चुका था। उसकी देखभाल कर रही उसकी बहन पूजा व जीजा कृष्ण कुमार ने बताया कि शंकर का इलाज कराने के लिए वे काफी दूर दूर तक घूम चुके हैं और उसे हर जगह दिखाया, मगर किसी ने कोई इलाज नहीं बताया। उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। अब नौबत यह है कि अगर जल्द उसे इलाज नहीं मिला तो धीरे-धीरे पूरे शरीर में जख्मी को संक्रमण फैल जाएगा और उसके जीवन पर भी बड़ा संकट आ जाएगा। शंकर की पांचों बहनें शादी शुदा हैं, मगर सभी बहनों के पास इतना पैसा नहीं है कि वे शंकर का पर्याप्त इलाज करा पाएं। इसी लिए शंकर की हालत पर वे बेहद दुखी और मदद की गुहार लगा रही हैं। शंकर के पिता चिनाई मिस्त्री का काम करते थे। वे तीन साल पहले चल बसे और दस साल पहले शंकर की मां गुजर गई थी। तभी से पांचों बहनों के लिए इकलौता शंकर ही सहारा था, मगर वह भी साल भर से बिस्तर पकड़े बैठा है। उसके दिमांग और फिर रीढ़ की हडडी में संक्रमण हुआ तो उसे लगातार खाट पर पड़े रहने की वजह से बेडसोर हो गया। जिसके बाद तो पूरे शरीर पर गहरे जख्मों ने जगह बना ली। जिसका असहनीय दर्द पूरे परिवार को गहरे सदमें में पहुंचा रहा है। शंकर और उसकी बहनें अपने छोटे से पुस्तैनी घर को बेचने के लिए भी तैयार हैं, ताकि शंकर की बीमारी का इलाज कराया जा सके। मगर इसमें भी कई अड़चनें आड़े आ गईं। ऐसे में विधायक घनश्याम सर्राफ ने उसकी दयनीय स्थिति पर संज्ञान लिया है।
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सामाजिक संगठनों से भी मांगी शंकर के परिवार ने मदद
शंकर की हालत लगातार बिगड़ रही है। ऐसे में उसके परिजनों ने सामाजिक संगठनों से भी मदद की गुहार लगाई है। शंकर की बहनों का कहना है कि वे चाहती हैं कि उसका भाई ठीक हो जाए। उसकी जिंदगी मौत से भी बदतर हो गई है, बिस्तर पर केवल कंकाल सा पड़ा दिखाई देता हैं, वे भी अपने भाई के चेहरे पर हंसी और अच्छी जिंदगी की खुशी की उम्मीद में हैं, मगर अभी तक उन्हें किसी की मदद नहीं मिली है। अगर उनके भाई का इलाज कराने में उनकी मदद होती है तो वे उनका उम्र भर अहसान नही भूलेंगी।
शहर के अस्पताल भी शंकर की लाचारी पर दिखाएं दरियादिली
एक साल से बिस्तर पर पड़े शंकर को इस लाचारी से निजात दिलाने और उसका उपचार करने के लिए शहर के अस्पतालों के संचालकों से भी दरियादिली दिखाने की अपील की जा रही है। अगर कोई निजी अस्पताल शंकर का उपचार कराने में उसकी मदद करता है तो इससे बड़ा पुण्य का काम कोई नहीं होगा, क्योंकि ये बेहद गरीब होने के साथ साथ फिलहाल असहाय भी हो चुका है। (संवाद)

हरसंभव मदद करूंगा
चेजारान ढाणी के शंकर की हालत का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैं उसके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद करता हूं और अपनी तरफ से उसका इलाज कराने में हर संभव मदद का भरोसा भी परिवार को दिलाता हूं। मैं उसका जल्द से जल्द उपचार शुरू कराने में जो मदद कर सकता हूं करूंगा।
-घनश्याम दास सर्राफ, भाजपा विधायक भिवानी।
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