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Bhiwani News: ग्राम पंचायत मिरान के पास जमीन ही नहीं
Sun, 11 Aug 2024 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 11 Aug 2024 02:50 AM IST
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भिवानी के गांव मिरान का गौरव पट्ट।
तोशाम। गांव के चौराहों पर सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइटें लगवाना प्राथमिकता में शामिल है लेकिन राजनीतिक रूप से जागरूक गांव मिरान बरसात के सीजन में जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। गांव की चकबंदी का कार्य न होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गांव मिरान की ग्राम पंचायत के नाम एक मरला जमीन भी नहीं है, ऐसे में कोई नया सरकारी कार्यालय, भवन, चौपाल आदि विकास कार्य नहीं हो पाते। ऐसे में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की चकबंदी का कार्य अतिशीघ्र करवाने की मांग है।
गांव मिरान की पंचायत के पास नए भवन बनवाने और विकास कार्य करवाने के लिए एक मरला जमीन भी नहीं है। चकबंदी न होना इसका मुख्य कारण है। चकबंदी न होने से गांव के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। गांव में कई परेशानियां बनी हैं। विभिन्न सुविधाओं से युक्त गांव मिरान में बरसात में जलभराव हो रहा है। गांव के बीचोबीच बने जोहड़ के ओवरफ्लो होने पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं सकी है। इस कारण ग्रामवासियों को हर साल परेशान होना पड़ता है।
खेतों में जाने वाले रास्ते के लिए भी होती है तकरार : एडवोकेट सतबीर सिहाग
पूर्व सरपंच और एडवोकेट सतबीर सिहाग ने बताया कि चकबंदी न होने की वजह से गांव ने काफी नुकसान उठाया है। उन्होंने बताया कि खेतों में जाने वाले रास्तों के लिए लोगों में कई बार तकरार हो जाती है। खेत की मेड़ और डोले स्पष्ट नहीं हैं। जमीन का रिकॉर्ड निकलवाने पर पूरी सात पीढ़ी तक की फर्द निकलवानी पड़ती है, जिसमें समय के साथ आर्थिक रूप से भी नुकसान हो रहा है।
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इससे परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से चकबंदी का कार्य जल्द पूरा करवाने की गुहार लगाई है। एडवोकेट सिहाग ने बताया कि ग्राम पंचायत के पास एक मरला जमीन भी नहीं है। अगर चकबंदी हो जाए तो विकास कार्यों के लिए कुछ जमीन मिल सके।
गांव में जलभराव की बड़ी समस्या : उमेद सिंह
सरपंच प्रतिनिधि उमेद सिंह ने बताया कि चकबंदी न होने से विकास कार्य प्रभावित हैं। चकबंदी का कार्य लंबित है। उम्मीद है यह कार्य जल्द निपटा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जलभराव की भी गांव में बड़ी समस्या है। प्रशासन से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि गांव में स्ट्रीट लाइटें और चौराहों पर सीसीटीवी लगवाने की योजना है।
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गांव मिरान की पंचायत के पास नए भवन बनवाने और विकास कार्य करवाने के लिए एक मरला जमीन भी नहीं है। चकबंदी न होना इसका मुख्य कारण है। चकबंदी न होने से गांव के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। गांव में कई परेशानियां बनी हैं। विभिन्न सुविधाओं से युक्त गांव मिरान में बरसात में जलभराव हो रहा है। गांव के बीचोबीच बने जोहड़ के ओवरफ्लो होने पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं सकी है। इस कारण ग्रामवासियों को हर साल परेशान होना पड़ता है।
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खेतों में जाने वाले रास्ते के लिए भी होती है तकरार : एडवोकेट सतबीर सिहाग
पूर्व सरपंच और एडवोकेट सतबीर सिहाग ने बताया कि चकबंदी न होने की वजह से गांव ने काफी नुकसान उठाया है। उन्होंने बताया कि खेतों में जाने वाले रास्तों के लिए लोगों में कई बार तकरार हो जाती है। खेत की मेड़ और डोले स्पष्ट नहीं हैं। जमीन का रिकॉर्ड निकलवाने पर पूरी सात पीढ़ी तक की फर्द निकलवानी पड़ती है, जिसमें समय के साथ आर्थिक रूप से भी नुकसान हो रहा है।
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इससे परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से चकबंदी का कार्य जल्द पूरा करवाने की गुहार लगाई है। एडवोकेट सिहाग ने बताया कि ग्राम पंचायत के पास एक मरला जमीन भी नहीं है। अगर चकबंदी हो जाए तो विकास कार्यों के लिए कुछ जमीन मिल सके।
गांव में जलभराव की बड़ी समस्या : उमेद सिंह
सरपंच प्रतिनिधि उमेद सिंह ने बताया कि चकबंदी न होने से विकास कार्य प्रभावित हैं। चकबंदी का कार्य लंबित है। उम्मीद है यह कार्य जल्द निपटा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जलभराव की भी गांव में बड़ी समस्या है। प्रशासन से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि गांव में स्ट्रीट लाइटें और चौराहों पर सीसीटीवी लगवाने की योजना है।