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Mining Accident Rescue: जर्मन शेफर्ड रोड्रिक ने खोजा दिनेश दत्त का शव, तीन मीटर गहराई में दबा था

Sun, 02 Jan 2022 10:21 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, तोशाम, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, तोशाम, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 02 Jan 2022 10:21 PM IST
सार

बहुत ज्यादा पत्थर गिरने के कारण दिनेश दत्त का शव तीन मीटर गहरे में केबिन में बुरी तरह फंस गया था। 

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Mining Accident Rescue: German Shepherd Roderick finds dead body of Dinesh Dutt
जर्मन शेफर्ड रोड्रिक ने खोजा दिनेश दत्त का शव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के भिवानी जिले के तोशाम क्षेत्र में डाडम में पहुंचे एनडीआरएफ के बचाव दल में शामिल जर्मन शेफर्ड रोड्रिक की मदद से मलबे में फंसे एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाला जा सका। शनिवार रात दो बजकर 11 मिनट पर बचाव अभियान के दौरान रोड्रिक ने गंध से पता लगाया और वहां जाकर भौंका। इस पर वहां से पत्थर हटाए गए तो अंदर से पंजाब निवासी दिनेश दत्त का शव मिला। 

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रात के समय बचाव दल ने मलबे में फंसी एक पोकलैंड मशीन के ऑपरेटर का शव बाहर निकाला। मृतक की पहचान पंजाब के होशियारपुर जिले के बिसवाह थाने के अंतर्गत आने वाले गांव कोई निवासी दिनेश दत्त के रूप में हुई। जिस समय पहाड़ खिसका, उस समय दिनेश पोकलैंड मशीन से पत्थर तोड़ने का काम कर रहा था। एक भारी पत्थर मशीन पर आकर गिरा और दिनेश केबिन में ही फंस गया। 

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दो जर्मन शेफर्ड भी सर्च अभियान में जुटे

एनडीआरएफ की टीम में दो जर्मन शेफर्ड कुत्ते भी शामिल हैं। इनके नाम रोड्रिक और टेस्टमनी हैं। बाकी टीम के साथ ये दोनों भी पूरी रात सर्च अभियान में शामिल रहे। रात को रोड्रिक ने ही दिनेश के शव का पता लगाया था। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट बीआर मीणा ने बताया कि दोनों ही कुत्तों की सूंघने की क्षमता काफी तेज है। इस तरह के बचाव अभियान में ये काफी मददगार साबित होते हैं। 

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छह वाहन निकाले, अब फंसा है एक डंपर

बीआर मीणा ने बताया कि प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार पहाड़ के मलबे में सात वाहन फंसे थे। उनमें से छह को निकाला जा चुका है। इनमें दो पोकलैंड मशीन और चार डंपर शामिल हैं। अब एक डंपर बचा है। उनको निकालने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। उम्मीद है कि शाम तक मलबा हटाकर उसे बाहर निकाल लिया जाएगा।

रेस्क्यू रडार की भी ली जा रही मदद

मलबे में फंसे लोगों को खोजने के लिए रेस्क्यू रडार की मदद भी ली जा रही है। यह एक विशेष तकनीक होती है जो इस तरह की स्थिति में किसी इंसान के होने का अंदाजा बताती है। हालांकि अब तक रेस्क्यू रडार के कारण कोई खास सफलता हासिल नहीं हुई है।

ब्लास्ट कर तोड़ा जाएगा सात टन का पत्थर

एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट बीआर मीणा ने बताया कि जिस पत्थर के नीचे डंपर दबा हुआ है, वह अंदाजन सात टन का है। उनकी लंबाई 40 फुट और चौड़ाई तीस फुट है। उन्होंने बताया कि इस विशाल पत्थर को तोड़ने के लिए ब्लास्ट का सहारा लेना पड़ेगा। ये ब्लास्ट काफी हल्के स्तर के होंगे, क्योंकि बड़े ब्लास्ट करने से और पहाड़ खिसकने का खतरा पैदा हो जाएगा। पत्थर को तीन ओर से ड्रिल भी किया जा रहा है। पीछे की तरफ ड्रिल करने के लिए जगह नहीं मिल रही है।

दिनेश को ढूंढते हुए भिवानी पहुंचे परिजन

भिवानी। हादसे में मारे जाने वाले चौथे व्यक्ति दिनेश दत्त को ढूंढते हुए उनके परिजन रविवार को भिवानी नागरिक अस्पताल में पहुंचे। दिनेश दत्त के भाई दिनेश तूफान ने बताया कि उसके आसपास के गांवों से कुल पांच लोग यहां काम करने आए हुए थे। दिनेश दत्त के बाकी साथियों ने फोन पर इस घटना के बारे में बताया। उसके बाद वे शव लेने के लिए यहां पहुंचे हैं। उनके साथ पंजाब के अन्य मजदूरों के परिजन भी रविवार को भिवानी पहुंच गए थे।

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