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भिवानीः छेड़छाड़ पीड़ित बेटी को नहीं दिया दाखिला, तो मां ने डीईओ ऑफिस के बाहर निगला जहर

Fri, 23 Aug 2019 09:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Fri, 23 Aug 2019 09:39 AM IST
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mather swallowed poison due to no admission in school to daughter, molestation
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
शिक्षक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने की शिकायत करने पर स्कूल नेे 12वीं की छात्रा को निकाल दिया है। उसकी मां ने बेटी को स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए अधिकारियों और मंत्रियों के यहां गुहार लगाई, मगर कहीं सुनवाई नहीं हुई। हताश महिला स्कूल संचालकों पर कार्रवाई के लिए डीईओ कार्यालय पहुंची। वहां से एक-दो दिन में कार्रवाई की बात कही गई तो परेशान महिला ने डीओ कार्यालय के बाहर ही जहरीला पदार्थ निगल लिया। जहर निगलने के बाद वह डीसी कार्यालय और एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लेकर पहुंची।
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सूचना मिलने पर एसपी कार्यालय के कर्मचारी वहां पहुंचे और महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां उसके शरीर से जहरीला पदार्थ निकाला गया। महिला ने जिला शिक्षा अधिकारी पर मामले में कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए हैं। लोहारू थाना क्षेत्र के ढिगावा मंडी कस्बे के एक गांव के निजी स्कूल में पढ़ने वाली 12वीं कक्षा की छात्रा ने दो माह पूर्व एक शिक्षक पर छेड़छाड़ करने और फोन पर अश्लील बातें करने के आरोप लगाए थे। मामले में स्कूल निदेशक पर भी शिक्षक का बचाव करने के आरोप लगे थे।
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महिला थाना पुलिस ने शिकायत पर दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस जांच में स्कूल डायरेक्टर को दोषी नहीं पाया गया। लड़की के माता-पिता भी इसी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। आरोप है कि स्कूल निदेशक ने उनको भी निकाल दिया। लड़की के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि स्कूल डायरेक्टर ने कहा कि लड़की के यहां पढ़ने से स्कूल का माहौल खराब होता है। अन्य बच्चों पर इसका प्रभाव पड़ता है। स्कूल से निकाले जाने के बाद अब उसकी बेटी घर बैठी है।
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उसका बेटा भी इसी स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता है और उसे भी स्कूल से निकाल दिया गया है। मामले की जांच और स्कूल संचालकों पर कार्रवाई के लिए लड़की के परिजन विभिन्न नेताओं और अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं। इसी मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को स्कूल का भी निरीक्षण किया था।

 

एक-दो दिन कहते हुए दो महीने बीत गए, अब तो कार्रवाई करो

मामले में वीरवार को बच्ची के माता-पिता जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिला शिक्षा अधिकारी ने जब कहा कि एक-दो दिन में कार्रवाई होगी तो महिला ने कहा कि एक-दो दिन करते-करते तो दो महीने निकल गए। उसकी बेटी का भविष्य बरबाद हो रहा है और वे रोज किराया लगाकर यहां आते हैं। अब उनके पास किराये के लिए भी रुपये नहीं हैं। इतना कहने के बाद डीईओ कार्यालय से बाहर आई महिला ने वहीं जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।

महिला यहां से डीसी और एसपी कार्यालय जाने लगी। जब महिला डीसी कार्यालय के नजदीक पहुंची तो सूचना पर एसपी कार्यालय के कर्मचारी वहां पहुंचे। उन्होंने महिला को उपचार के लिए इमरजेंसी में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सिविल लाइन थाना एसएचओ महिला के बयान का इंतजार करते रहे।

सीडब्लयूसी से लड़की को स्कूल के अंदर दाखिल कराने के निर्देश मिले थे। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को पत्र लिखा था, मगर फिर भी स्कूल ने लड़की को दाखिला देने से मना कर दिया। इस पर मैं खुद सीडब्ल्यूसी सदस्य और जिला बाल संरक्षण अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी के साथ स्कूल पहुंचा था। मैं अब अपनी रिपोर्ट सीडब्ल्यूसी चेयरमैन को दूंगा।
-अजीत सिंह श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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