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मनीषा मौत मामला: दिल्ली से नहीं पहुंची सीबीआई टीम, भिवानी लौटने की दिनभर रहीं चर्चाएं
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भिवानी। मनीषा मौत मामले में साढ़े तीन माह बीत जाने के बाद भी उसकी मौत रहस्य बनी हुई है। मंगलवार को दिनभर यह चर्चा चलती रही कि दिल्ली से सीबीआई की टीम भिवानी लौट रही है लेकिन देर शाम तक यह स्पष्ट हो गया कि कोई भी टीम नहीं पहुंची। गौरतलब है कि 27 अक्तूबर को भिवानी के रेस्ट हाउस में ठहरी छह सदस्यीय सीबीआई टीम जांच के दौरान दिल्ली लौट गई थी और उसके बाद से अब तक वापस नहीं आई है।
मनीषा के परिजन और गांव ढाणी लक्ष्मण के ग्रामीण सीबीआई जांच की धीमी प्रगति और जानकारी न दिए जाने पर नाराजगी जता चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर 12 नवंबर को गांव में पंचायत हुई थी जिसमें निर्णय लिया गया था कि 30 नवंबर को मुख्य बस स्टैंड पर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक सांकेतिक धरना दिया जाएगा। धरने में शामिल ग्रामीण भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे।
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि सोमवार को सीबीआई अधिकारियों से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने जल्द भिवानी आने की बात कही थी। वहीं मंगलवार को ग्रामीणों ने सिंघानी क्षेत्र में सीबीआई की गाड़ी देखे जाने की सूचना उन्हें दी लेकिन दिनभर अधिकारियों से कोई संपर्क नहीं हो पाया। उनका कहना है कि बेटी को न्याय दिलाने का संघर्ष जारी रहेगा। मुद्दा यह नहीं कि सीबीआई टीम भिवानी लौटी या नहीं बल्कि यह है कि मनीषा की मौत कैसे हुई इसका खुलासा जल्द होना चाहिए।
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संजय ने बताया कि 30 नवंबर को गांव में होने वाला सांकेतिक धरना व भूख हड़ताल तय है। इस फैसले की सूचना सीबीआई अधिकारियों को भी दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि ढाणी लक्ष्मण की मनीषा 11 अगस्त को लापता हुई थी और 13 अगस्त को उसका शव सिंघानी नहर के पास बरामद हुआ था। तीन सितंबर से सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। टीम अब तक तीन बार दिल्ली लौट चुकी है और घटना स्थल का मुआयना करने से लेकर गवाहों से पूछताछ तक पूरी कर चुकी है लेकिन मनीषा की मौत की वजह अभी भी रहस्य बनी हुई है।
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मनीषा के परिजन और गांव ढाणी लक्ष्मण के ग्रामीण सीबीआई जांच की धीमी प्रगति और जानकारी न दिए जाने पर नाराजगी जता चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर 12 नवंबर को गांव में पंचायत हुई थी जिसमें निर्णय लिया गया था कि 30 नवंबर को मुख्य बस स्टैंड पर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक सांकेतिक धरना दिया जाएगा। धरने में शामिल ग्रामीण भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे।
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मनीषा के पिता संजय ने बताया कि सोमवार को सीबीआई अधिकारियों से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने जल्द भिवानी आने की बात कही थी। वहीं मंगलवार को ग्रामीणों ने सिंघानी क्षेत्र में सीबीआई की गाड़ी देखे जाने की सूचना उन्हें दी लेकिन दिनभर अधिकारियों से कोई संपर्क नहीं हो पाया। उनका कहना है कि बेटी को न्याय दिलाने का संघर्ष जारी रहेगा। मुद्दा यह नहीं कि सीबीआई टीम भिवानी लौटी या नहीं बल्कि यह है कि मनीषा की मौत कैसे हुई इसका खुलासा जल्द होना चाहिए।
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संजय ने बताया कि 30 नवंबर को गांव में होने वाला सांकेतिक धरना व भूख हड़ताल तय है। इस फैसले की सूचना सीबीआई अधिकारियों को भी दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि ढाणी लक्ष्मण की मनीषा 11 अगस्त को लापता हुई थी और 13 अगस्त को उसका शव सिंघानी नहर के पास बरामद हुआ था। तीन सितंबर से सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। टीम अब तक तीन बार दिल्ली लौट चुकी है और घटना स्थल का मुआयना करने से लेकर गवाहों से पूछताछ तक पूरी कर चुकी है लेकिन मनीषा की मौत की वजह अभी भी रहस्य बनी हुई है।