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मनीषा मौत मामला: अब आत्महत्या से हटकर हत्या की थ्योरी पर सीबीआई का फोकस, जोड़ रही एक-एक कड़ी

Tue, 14 Oct 2025 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 14 Oct 2025 11:41 PM IST
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Manisha death case: CBI shifts focus from suicide to murder theory, connecting dots one by one
मनीषा के घर के आगे खड़ी सीबीआई टीम की गाड़ी।
भिवानी। मनीषा मौत मामले में अब सीबीआई अधिकारियों ने आत्महत्या की थ्योरी को दरकिनार कर हत्या की थ्योरी पर फोकस कर घटना की हर कड़ी जोड़ना शुरू कर दिया है। 42 दिन बीत चुके हैं और जांच टीम लगातार मामले की तहकीकात में जुटी हुई है। इसी क्रम में मंगलवार को सीबीआई की चार सदस्यीय टीम मनीषा के घर ढाणी लक्ष्मण पहुंची और पिता संजय, दादा रामकिशन तथा पिता के चाचा राजकुमार से बातचीत की।
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इस दौरान मनीषा के पिता ने बेटी की मौत से जुड़े कई सवाल सीबीआई अधिकारियों से किए। उन्होंने बताया कि उनका शुरूआत से ही शक नर्सिंग कॉलेज पर गहरा है क्योंकि उनकी बेटी के साथ जो कुछ हुआ वह कॉलेज परिसर में ही हुआ। मनीषा के पिता की बात से काफी हद तक सीबीआई अधिकारी भी सहमत दिखाई दिए और हत्या के एंगल से जांच आगे बढ़ रही है।
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11 अगस्त से लापता मनीषा का 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास शव बरामद हुआ था। शुरूआत में स्थानीय पुलिस और बाद में भिवानी पुलिस की एसआईटी ने मामले की जांच की। पहले पोस्टमार्टम में मनीषा की मौत तेजधार हथियार से गला रेतने से बताई गई थी जबकि दुष्कर्म से जुड़े कोई तथ्य सामने नहीं आए। शव बरामद होने के बाद जांच पर कई गंभीर सवाल उठे थे जिनमें शरीर पर कपड़े अव्यवस्थित पाए जाना, मोबाइल और सामान गायब होना और मौके से किसी भी जहर की शीशी या बोतल न मिलना शामिल हैं। मनीषा के परिजन पुलिस की जांच में कई चूक के आरोप लगाते रहे। मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद तीन सितंबर से नए अधिकारियों के हाथों में इसकी जांच शुरू हुई।
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मनीषा के पिता का दावा- बेटी नहीं कर सकती आत्महत्या, हुई है हत्या
मनीषा के पिता के घर मंगलवार सुबह करीब 2 बजकर 22 मिनट पर सीबीआई की चार सदस्यीय टीम पहुंची। संजय का कहना है कि बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती उसकी हत्या हुई है। कॉलेज परिसर में ही हत्या का शक है। कीटनाशक खाने की थ्योरी में दम नहीं है। पिता के अनुसार सीबीआई की जांच हत्या के एंगल पर ही आगे बढ़ रही है। परिवार के सदस्य भी जांच कार्य से संतुष्ट हैं। दिन-रात सीबीआई अधिकारी मामले का खुलासा करने के लिए जुटे हैं। जांच के लिए एक टीम भिवानी के रेस्ट हाउस में और दूसरी टीम दिल्ली में तथ्यों की पड़ताल में लगी हुई है।


यूं बदली पोस्टमार्टम में मनीषा मौत की थ्योरी
जिला नागरिक अस्पताल में 13 अगस्त को पहला पोस्टमार्टम हुआ। रिपोर्ट में शरीर से कई अंग गायब और तेजधार हथियार से गला रेतने की बातें सामने आईं, दुष्कर्म पर कोई स्पष्ट तथ्य नहीं था। परिजनों ने 15 अगस्त को रोहतक पीजीआई में दूसरा पोस्टमार्टम नए चिकित्सकों के पैनल से कराया। इसकी रिपोर्ट 18 अगस्त को आई और मामला हत्या से आत्महत्या की थ्योरी में बदल गया जिसमें मौत जहर खाने से बताई गई और शव के अंग गायब होने का कारण कुत्तों द्वारा नोंचने को बताया गया। जबकि पहले विसरा रिपोर्ट में मनीषा के कई अंग निकाले गए थे। इसके बाद 20 अगस्त को तीसरा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में हुआ जिसकी रिपोर्ट सीबीआई ने सार्वजनिक नहीं की। लेकिन नए तथ्यों के आधार पर हत्या का केस दर्ज कर जांच जारी है।
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