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Bhiwani News: मलमास में एक माह तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य
Mon, 16 Dec 2024 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 16 Dec 2024 01:29 AM IST
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तोशाम (भिवानी)। धनु मलमास की शुरुआत रविवार से हो गई है। इसके साथ ही अगले एक माह तक शादी-विवाह सहित अन्य शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। इसे धनु मास, खरमास या मलमास भी कहा जाता है। यह मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025 तक जारी रहेगा। रविवार रात को सूर्य धनु राशि में प्रवेश कर गए हैं। इससे मलमास की शुरुआत हो गई है। यह मलमास 14 जनवरी को सुबह 8:55 बजे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद ही समाप्त होगा। इसके बाद शुभ कार्यों से रोक हट जाएगी।
श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार, जब सूर्य देवता के गुरु बृहस्पति की राशि में प्रवेश करते हैं, तो खरमास की शुरुआत होती है। सूर्य जब धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह समय खरमास का होता है। इस तरह से साल में दो बार खरमास होते हैं। पहला खरमास मार्च-अप्रैल में होता है और दूसरा इस साल दिसंबर में है।
पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार, सूर्य 15 दिसंबर को रात 10:22 बजे धनु राशि में प्रवेश कर गए हैं। इसके साथ ही खरमास की शुरुआत हो रही है। यह खरमास पूरे एक महीने तक चलेगा और 14 जनवरी 2025 को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ समाप्त होगा, तब धनु संक्रांति खत्म हो जाएगी और शुभ कार्यों की अनुमति मिल जाएगी।
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मांगलिक कार्यों पर रहेगी रोक
श्रीकांत शास्त्री के अनुसार, जब सूर्य गुरु बृहस्पति की राशि धनु और मीन में प्रवेश करते हैं, तो इस समय गुरु कमजोर हो जाते हैं, जिससे मांगलिक कार्यों को करना शुभ नहीं माना जाता है। इस दौरान शादी-विवाह, मुंडन और अन्य 16 संस्कारों को करने की मनाही होती है। नया वाहन खरीदना, नया व्यवसाय या दुकान खोलना भी शुभ नहीं माना जाता।
मलमास में करें ये कार्य
पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि मलमास में प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करना शुभ होता है। साथ ही जो व्यक्ति पक्षियों और पशुओं की सेवा करता है, उस पर भगवान की विशेष कृपा बनी रहती है। इस दौरान भगवान विष्णु और तुलसी की पूजा भी करना चाहिए। जप, तप और दान का भी विशेष महत्व है। गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना भी शुभ माना जाता है। मलमास के गुरुवार को केले का दान करना विशेष रूप से लाभकारी होता है।
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श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार, जब सूर्य देवता के गुरु बृहस्पति की राशि में प्रवेश करते हैं, तो खरमास की शुरुआत होती है। सूर्य जब धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह समय खरमास का होता है। इस तरह से साल में दो बार खरमास होते हैं। पहला खरमास मार्च-अप्रैल में होता है और दूसरा इस साल दिसंबर में है।
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पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार, सूर्य 15 दिसंबर को रात 10:22 बजे धनु राशि में प्रवेश कर गए हैं। इसके साथ ही खरमास की शुरुआत हो रही है। यह खरमास पूरे एक महीने तक चलेगा और 14 जनवरी 2025 को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ समाप्त होगा, तब धनु संक्रांति खत्म हो जाएगी और शुभ कार्यों की अनुमति मिल जाएगी।
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मांगलिक कार्यों पर रहेगी रोक
श्रीकांत शास्त्री के अनुसार, जब सूर्य गुरु बृहस्पति की राशि धनु और मीन में प्रवेश करते हैं, तो इस समय गुरु कमजोर हो जाते हैं, जिससे मांगलिक कार्यों को करना शुभ नहीं माना जाता है। इस दौरान शादी-विवाह, मुंडन और अन्य 16 संस्कारों को करने की मनाही होती है। नया वाहन खरीदना, नया व्यवसाय या दुकान खोलना भी शुभ नहीं माना जाता।
मलमास में करें ये कार्य
पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि मलमास में प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करना शुभ होता है। साथ ही जो व्यक्ति पक्षियों और पशुओं की सेवा करता है, उस पर भगवान की विशेष कृपा बनी रहती है। इस दौरान भगवान विष्णु और तुलसी की पूजा भी करना चाहिए। जप, तप और दान का भी विशेष महत्व है। गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना भी शुभ माना जाता है। मलमास के गुरुवार को केले का दान करना विशेष रूप से लाभकारी होता है।