फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Luster loss cut if wheat crop wet.

अब बारिश में भीगी फसल तो कटेंगे किसानों के प्रति क्विंटल 4.81 रुपये

Sat, 09 May 2020 12:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2020 12:42 AM IST
विज्ञापन
Luster loss cut if wheat crop wet.
नई अनाजमंडी में गेहूं की भराई करते मजदूर। - फोटो : Bhiwani
भिवानी। मौसम की मार झेल चुके किसानों पर अब दोहरी मार पड़ेगी, क्योंकि बारिश में भीगी फसल पर किसान के प्रति क्विंटल के हिसाब से चार रुपये 81 पैसे काटे जाएंगे। यह कटौती केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सर्वेक्षण के आधार पर लस्टर लॉस में काटी जाएगी। किसान की फसल बिक्री के बाद उसके भुगतान राशि में ये राशि खरीद एजेंसियां काटेंगी। कटौती के बाद ही किसान को उसके खाते में भुगतान होगा। सात मई से ही ये आदेश लागू किए गए हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं किसान संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि अगर किसान का एक रुपया कटा तो आंदोलन होगा। अकेले भिवानी जिले में अब तक करीब 11 हजार किसान एक लाख आठ हजार मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं बेच चुके हैं। जबकि 333940 किसान सरसों की फसल बेच चुके हैं। अब तक जिले के 76 हजार से अधिक किसान फसल बिक्री का रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। हरियाणा सरकार ने 1925 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है।
विज्ञापन

ये हुआ है लस्टर लॉस निर्धारित
रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, फतेहाबाद, भिवानी, हिसार, सिरसा, झज्जर, जींद, करनाल, पानीपत, पंचकूला में प्रति क्विंटल 4.81 रुपये लस्टर लॉस के रूप में किसानों का काटा जाएगा। इसी तरह कुरुक्षेत्र कैथल, पलवल, नूंह, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, रोहतक, यमुनानगर और अंबाला में 9.62 पैसे प्रति क्विंटल कटौती होगी।
विज्ञापन

ऐसे हुआ लस्टर लॉस का निर्धारण
बारिश में भीगे गेहूं की चमक फीकी पड़ जाती है, जिससे की उस गेहूं में नमी सोखने की क्षमता खत्म हो जाती है। ऐसे गेहूं को लस्टर लॉस की श्रेणी में रखा गया है। बिक्री के लिए लाए जाने पर किसान का निर्धारित प्रतिशत के हिसाब से रुपया काटा जा रहा है। यह अलग-अलग जिलों में अलग-अलग निर्धारित किया गया है। जैसे पंचकूला में 20 फीसदी, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और सिरसा में 30 फीसदी, कैथल, चरखी दादरी, झज्ज्जर, जींद, रोहतक, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र में 40 फीसदी। इसके अलावा पलपल, नूंह, सोनीपत, करनाल, पानीपत, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद, गुरुग्राम में 50 फीसदी लस्टर लॉस निर्धारित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फसल खरीद के समय खरीद एजेंसी ही इस बात का आंकलन करेगी कि फसल में कितना लस्टर लॉस है। इसके बाद किसान के खाते से निर्धारित राशि काटी जाएगी। पिछले साल राज्य सरकार ने लस्टर लॉस में किसानों को राहत दी थी, लेकिन अभी तक इस तरह की कोई घोषणा नहीं हुई है। केंद्र द्वारा लास्टर लॉस का निर्धारण किया गया है। जिसका भुगतान खरीद एजेंसी द्वारा किसानों की फसल में लस्टर लॉस निर्धारित किया जाएगा। - सुमित कौशिक, तकनीकी सहायक एफसीआई।

मंडी में पहुंचा अनाज भीगता है तो उसकी जिम्मेवारी किसान की नहीं होती। मंडियों में सरकार के पास तिरपाल और पर्याप्त शेड तक नहीं हैं, ऐसे में किसान की फसल मंडी में आने पर भीगती है तो उसकी भरपाई सरकार करें। अगर किसानों का लस्टर लॉस के नाम पर एक रुपया भी काटा तो भाकियू आंदोलन करेगी। इस नीति से पहले से ही नुकसान झेल रहे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। सरकार को चाहिए कि इस तरह की कटौती से किसानों को छूट मिले। - दयानंद पूनिया, प्रदेश सचिव भारतीय किसान यूनियन।
लस्टर लॉस संबंधी दिशा निर्देश आए हैं। इस संबंध में खरीद एजेंसियों व आढ़तियों को अवगत कराया गया है।
-अनिल कालरा, नोडल अधिकारी सरकारी खरीद एजेंसी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed