{"_id":"660d3942607d5fc9c307df17","slug":"lok-sabha-why-did-vijendra-singh-leave-congress-brother-manoj-told-the-whole-truth-2024-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lok Sabha: विजेंदर सिंह ने क्यों छोड़ी कांग्रेस, भाई मनोज ने बताई पूरी सच्चाई, इस टिकट पर फंसा था पेंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lok Sabha: विजेंदर सिंह ने क्यों छोड़ी कांग्रेस, भाई मनोज ने बताई पूरी सच्चाई, इस टिकट पर फंसा था पेंच
Wed, 03 Apr 2024 04:40 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 03 Apr 2024 04:40 PM IST
सार
विजेंदर सिंह ने कांग्रेस में 2019 से साउथ दिल्ली से चुनाव लड़ा था, यहां वह तीसरे नंबर पर रहे थे। इस बार वह हरियाणा की एक सीट से टिकट मांग रहे थे, लेकिन बात नहीं बन पा रही थी।
विज्ञापन
विजेंदर सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर विजेंदर सिंह ने पांच साल तक कांग्रेस में रहने के बाद अब भाजपा का दामन थाम लिया। मूल रूप से भिवानी जिले के गांव कालुवास निवासी ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर विजेंदर सिंह ने खेल से सीधी सिसायत में हिस्सेदारी कांग्रेस के साथ की थी।
विज्ञापन
विजेंदर सिंह ने 2019 लोकसभा चुनाव कांग्रेस टिकट पर साउथ दिल्ली से लड़ा था। उस समय भाजपा के रमेश बिधूड़ी को 687014 वोट मिले और आप के राघव चड्ढा 319971 वोट लेकर दूसरे तो विजेंदर कांग्रेस से 164613 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे।
विज्ञापन
भिवानी शहर से मात्र छह किलोमीटर दूर गांव कालुवास में 29 अक्तूबर, 1985 को महिपाल सिंह बेनीवाल के घर जन्मे विजेंदर सिंह बीजिंग ओलंपिक में पहले पदक विजेता मुक्केबाज रहे हैं। उनके पिता महीपाल हरियाणा रोडवेज में बस चालक थे।
विज्ञापन
बड़े भाई मनोज बैनीवाल का कहना है कि विजेंदर सिंह ने मुक्केबाजी और प्रोफेसनल मुक्केबाजी में बड़ा नाम कमाया है। इसके बाद ही वे कांग्रेस के टिकट पर साउथ दिल्ली में पार्टी में शामिल होते ही सीधे चुनावी मैदान में भी उतर गए थे। अब कांग्रेस पार्टी में पिछले पांच साल से थे।
मनोज बैनीवाल का कहना है कि विजेंदर ने कांग्रेस से हरियाणा में हिसार लोकसभा क्षेत्र से टिकट मांगा था, मगर नहीं दिया। इसके बाद ही उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है। मनोज बैनीवाल से पूछा कि अब उन्हें कहां से टिकट मिलेगा तो उनका कहना था कि अभी इस बारे में कुछ तय नहीं है।